मुनाफे पर दबाव और सेगमेंट की चिंताएं
विश्लेषकों का अनुमान है कि HCL Tech के नेट प्रॉफिट (Net Profit) में 8% तक की तिमाही-दर-तिमाही (Quarter-on-Quarter) गिरावट आ सकती है, जो कि करीब ₹4,636 करोड़ रह सकता है। यह गिरावट मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर बिजनेस में मौसमी उतार-चढ़ाव (Seasonality), हालिया वेतन वृद्धि (Wage Hikes) और पुनर्गठन (Restructuring) से जुड़े खर्चों के कारण EBIT मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव का नतीजा है।
रेवेन्यू में सालाना बढ़त की उम्मीद
हालांकि, तिमाही आधार पर थोड़ी नरमी के बावजूद, सालाना आधार (Year-on-Year) पर कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) मजबूत रहने का अनुमान है। Nuvama के मुताबिक, रेवेन्यू में 13% की सालाना बढ़त के साथ यह ₹34,204 करोड़ के पार जा सकता है, जबकि Kotak Institutional Equities इसे 14% से अधिक बढ़कर ₹34,600 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान लगा रहा है। रुपये के कमजोर होने (Rupee Depreciation) का भी मार्जिन में सुधार में योगदान मिलने की उम्मीद है।
गाइडेंस और डिविडेंड पर नजर
इसके साथ ही, कंपनी से वित्तीय वर्ष 2027 (Financial Year 2027) के लिए अपने IT सर्विसेज सेगमेंट के रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस (Revenue Growth Guidance) के तौर पर 3-5% की रेंज मिलने की उम्मीद है। HCL Tech का बोर्ड 20-21 अप्रैल को वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा करेगा, जिसके बाद 21 अप्रैल को नतीजों के साथ FY26 के लिए अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) की घोषणा पर भी विचार किया जाएगा।
AI स्ट्रैटेजी पर भी रहेगी खास नजर
निवेशक कंपनी की एम्बेडेड AI स्ट्रैटेजी (Embedded AI Strategy) पर भी बारीक नजर रखेंगे। Q3FY26 में AI से $146 मिलियन का एडवांस रेवेन्यू आया था। बाजार यह जानने को उत्सुक है कि कंपनी किस तरह इस क्षेत्र में अपनी पैठ बढ़ा रही है और मार्च तिमाही के लिए उसकी क्या उम्मीदें हैं।