AI को बनाया मुनाफे का इंजन
Gupshup अब AI को अपने भविष्य के प्रॉफिट (Profit) और ग्रोथ (Growth) का मुख्य जरिया बना रहा है। कंपनी का लक्ष्य AI से होने वाली कमाई को मौजूदा 25-30% से बढ़ाकर 50% से ज्यादा और अंततः 100% तक ले जाना है। यह AI इंटीग्रेशन बिजनेस-टू-कंज्यूमर (B2C) इंटरैक्शन के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है, जिससे एफिशिएंसी (Efficiency) और ROI (Return on Investment) में सुधार की उम्मीद है। कंपनी ने पिछले साल से 'ग्रोथ एट ऑल कॉस्ट' (Growth at all costs) वाली स्ट्रैटेजी से हटकर प्रॉफिटेबल ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित किया है।
'Superagent' - कन्वर्सेशनल AI का नया चेहरा
Gupshup का नया 'Superagent' एक एडवांस्ड AI प्लेटफॉर्म है, जिसे WhatsApp, RCS और वॉयस जैसे विभिन्न चैनलों पर जटिल ग्राहक बातचीत को मैनेज करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह एक स्मार्ट एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट की तरह काम करेगा, जो नए कैंपेन शुरू करने, ग्राहक यात्रा को मैनेज करने, परफॉरमेंस का विश्लेषण करने और लगातार ऑप्टिमाइजेशन करने में सक्षम होगा। यह सिर्फ सवालों के जवाब देने के बजाय मल्टी-स्टेप वर्कफ़्लो को एग्जीक्यूट करने के लिए बनाया गया है, जो कन्वर्सेशनल AI को बेसिक चैटबॉट्स से आगे ले जाता है।
निवेशकों की चिंताएं और वैल्यूएशन में भारी गिरावट
Gupshup को फिलहाल निवेशकों से कड़ी जांच का सामना करना पड़ रहा है। खासकर Fidelity ने अपने निवेश का वैल्यूएशन लगभग 80% तक घटा दिया है। इसका मतलब है कि कंपनी का मौजूदा वैल्यूएशन $270-300 मिलियन के आसपास है, जो 2021 में Fidelity के निवेश के समय के $1.4 बिलियन के वैल्यूएशन से काफी कम है। CEO Beerud Sheth इन प्राइवेट मार्केट वैल्यूएशन्स को बाहरी, कंजरवेटिव अनुमानों का नतीजा बताते हैं, लेकिन यह टेक वैल्यूएशन्स में चल रही व्यापक गिरावट को दर्शाता है।
ग्लोबल स्तर पर परफॉरमेंस और मार्केट की रफ्तार
जबकि Gupshup के इंडिया बिजनेस में FY25 में रेवेन्यू ₹1,943 करोड़ ( 5.3% की गिरावट) और प्रॉफिट ₹26 करोड़ ( 52% की गिरावट) रहा, कंपनी का कंसोलिडेटेड ग्लोबल बिजनेस मजबूत बना हुआ है। LATAM, खासकर ब्राजील और मैक्सिको में कंपनी अच्छा प्रदर्शन कर रही है। US और यूरोप में भी AI को लेकर तेजी देखी जा रही है। ऐसे में, भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं कॉस्ट कटिंग और बेहतर ROI के लिए AI-संचालित सॉल्यूशंस की मांग बढ़ा सकती हैं। कन्वर्सेशनल AI मार्केट के 2026 तक $17.97 बिलियन और 2034 तक $82.46 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जो इस सेक्टर के लिए मजबूत संकेत हैं।
आगे की राह और CEO का विजन
Fidelity द्वारा ~80% का वैल्यूएशन कट निवेशकों की टिकाऊ, प्रॉफिटेबल ग्रोथ को लेकर चिंताओं को उजागर करता है। हालांकि कंपनी ग्लोबल प्रॉफिटेबिलिटी पर जोर दे रही है, लेकिन इतना बड़ा कट भविष्य की कमाई की संभावनाओं और AI की प्रभावशीलता पर मार्केट के संदेह को दिखाता है। Twilio और MessageBird जैसे प्रतिद्वंद्वी भी AI इंटीग्रेशन पर फोकस कर रहे हैं। Gupshup का 'Superagent' पर यह दांव जोखिम भरा है, और किसी भी चूक से वैल्यूएशन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। CEO Beerud Sheth का मानना है कि AI ग्राहकों के साथ हर बातचीत का अहम हिस्सा बनेगा, और Gupshup इस इवोल्यूशन में सबसे आगे रहने का लक्ष्य रखता है।