भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर का नया अध्याय
Greenko Group के प्रमोटर्स द्वारा समर्थित AMI Labs ने पूर्व Intel एग्जीक्यूटिव Raja Koduri की OXMIQ Labs के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इस एलायंस का लक्ष्य 2030 तक भारत में 2 GW की रिन्यूएबल एनर्जी-संचालित AI कंप्यूट क्षमता स्थापित करना है। यह कदम भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे भारी प्रतिस्पर्धा और जटिल निष्पादन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
सस्टेनेबल AI के लिए बड़ा प्लान
इस पार्टनरशिप के तहत, उत्तर प्रदेश में 1 GW का पहला कंप्यूट हब 2027 के अंत तक चालू होने की उम्मीद है। OXMIQ Labs, Raja Koduri के व्यापक अनुभव का लाभ उठाते हुए, सिस्टम आर्किटेक्चर, हार्डवेयर और सप्लाई चेन पर महत्वपूर्ण सलाह प्रदान करेगी। यह प्रोजेक्ट AI की भारी ऊर्जा जरूरतों के लिए विश्वसनीय, कार्बन-मुक्त बिजली सुरक्षित करने की एक प्रमुख चुनौती को हल करने का प्रयास करेगा।
AM Group के चेयरमैन अनिल चिलमलेशेट्टी ने कहा कि OXMIQ Labs विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। Raja Koduri ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रीन एनर्जी से संचालित AI कंप्यूट को कम लागत पर उपलब्ध कराने के लिए शुरुआत से ही स्मार्ट डिजाइन विकल्प महत्वपूर्ण हैं। इस योजना में रिन्यूएबल पावर, डेटा सेंटर, एक्सेलेरेटर, सॉफ्टवेयर और AI Pods-as-a-Service जैसी सेवाएं शामिल हैं।
कॉम्पिटिशन का भयंकर माहौल
भारत का डेटा सेंटर मार्केट जबरदस्त तेजी से बढ़ रहा है। डेटा के बढ़ते उपयोग, क्लाउड सेवाओं, डेटा लोकलाइजेशन नियमों और AI के विकास ने इस सेक्टर में नई जान फूंकी है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 2030 तक भारत की डेटा सेंटर क्षमता पांच गुना बढ़कर 8 GW तक पहुंच सकती है, जिसमें लगभग $30 बिलियन के निवेश की आवश्यकता होगी।
यह विस्तार ग्लोबल क्लाउड प्रोवाइडर्स और बड़ी भारतीय कंपनियों को आकर्षित कर रहा है। Amazon Web Services (AWS) तेलंगाना में $7 बिलियन और महाराष्ट्र में $8.3 बिलियन का निवेश कर रहा है, जो 2030 तक कुल $12.7 बिलियन की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। Microsoft $3 बिलियन का निवेश करने की योजना बना रहा है, जिसका हैदराबाद डेटा सेंटर जून 2026 तक तैयार हो जाएगा। Google विशाखापत्तनम में एक प्रमुख AI डेटा सेंटर हब बना रहा है।
घरेलू मोर्चे पर, Reliance Industries सात वर्षों में गीगावाट-स्केल AI डेटा सेंटर के लिए $120 बिलियन से अधिक का निवेश करने की योजना बना रही है, जिसमें जामनगर में 3 GW की सुविधा शामिल है। Adani Group 2035 तक AI-तैयार डेटा सेंटर के लिए $100 बिलियन का निवेश कर रहा है, जिसका लक्ष्य 5 GW क्षमता और $250 बिलियन का AI इकोसिस्टम बनाना है। AMI Labs का 2 GW का लक्ष्य महत्वपूर्ण है, लेकिन मार्केट में पहले से ही व्यक्तिगत प्रतियोगी समान या इससे बड़ी क्षमता की योजना बना रहे हैं। प्रमोटर की लिस्टेड कंपनी Greenko Group Plc (LON:GKO) का शेयर मूल्य 16 मार्च, 2026 को ₹1.01 था।
आगे की राह और रिस्क
इस प्रोजेक्ट को महत्वपूर्ण जोखिमों और एक संतृप्त बाजार का सामना करना पड़ रहा है। स्क्रैच से एक पूरी तरह से एकीकृत AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना एक अत्यंत जटिल और महंगा प्रयास है। हालांकि Greenko Group के पास बड़े रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है, जिसमें मार्च 2023 में $700 मिलियन का फंडिंग राउंड भी शामिल है, AI कंप्यूट सेक्टर अपनी अनूठी कठिनाइयां पेश करता है।
हाइपरस्केलर्स, Reliance और Adani जैसे प्रतिस्पर्धियों द्वारा नियोजित विशाल क्षमता भविष्य की कीमतों और संभावित ओवरसप्लाई के बारे में चिंता पैदा करती है। AMI Labs का 2030 तक 2 GW का लक्ष्य 8 GW की अनुमानित कुल भारतीय क्षमता के मुकाबले प्रतिस्पर्धा करेगा, जिसमें से अधिकांश पहले ही दूसरों द्वारा सुरक्षित कर ली गई है। इसके अतिरिक्त, AI हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में तेजी से तकनीकी परिवर्तन के लिए निरंतर अपडेट और महत्वपूर्ण नए निवेश की आवश्यकता होती है, जिससे जोखिम बढ़ता है। पश्चिम एशिया की हालिया भू-राजनीतिक घटनाओं ने AWS और Microsoft जैसे क्लाउड प्रदाताओं को भारत में वर्कलोड शिफ्ट करने पर विचार करने के लिए प्रेरित किया है, जिससे स्थानीय निवेश और मांग बढ़ सकती है। हालांकि, ये घटनाएं यह भी उजागर करती हैं कि वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाएं कितनी अस्थिर हो सकती हैं।
भविष्य का दृष्टिकोण
भारत का AI कंप्यूट मार्केट तेजी से विकास के लिए तैयार है, क्योंकि AI को उद्योगों में अपनाने के साथ मांग बढ़ने की उम्मीद है। सरकारी सहायता, जैसे कि ग्रीन सुविधाओं के लिए टैक्स ब्रेक और सरलीकृत अनुमोदन, विकास को गति देनी चाहिए। यह परिदृश्य AMI Labs जैसी कंपनियों के लिए एक मजबूत स्थिति हासिल करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। हालांकि, सफलता कुशल निष्पादन, प्रभावी लागत प्रबंधन और भारत के डिजिटल भविष्य में प्रभुत्व के लिए प्रयास कर रहे कई प्रतिस्पर्धियों के बीच खड़े होने के लिए निरंतर धन सुरक्षित करने पर निर्भर करेगी।