Google और Pentagon के बीच सीक्रेट AI डील
Alphabet की Google ने अमेरिकी रक्षा विभाग (U.S. Department of Defense) के साथ एक क्लासिफाइड (classified) एग्रीमेंट को फाइनल कर लिया है। इस डील से पेंटागन को Google के AI मॉडल्स मिलेंगे, जिनका इस्तेमाल कई "कानूनी सरकारी उद्देश्यों" (lawful government purposes) के लिए किया जा सकेगा। यह कमर्शियल AI को संवेदनशील डिफेंस ऑपरेशंस में इंटीग्रेट करने का एक अहम कदम है। इसके साथ ही, Google अब OpenAI और एलन मस्क की xAI जैसी कंपनियों के साथ खड़ी हो गई है, जिनके पास राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एडवांस्ड AI उपलब्ध कराने के ऐसे ही सीक्रेट अरेंजमेंट हैं। पेंटागन मिशन प्लानिंग से लेकर एडवांस वेपन्स टारगेटिंग तक के कामों के लिए AI का इस्तेमाल बढ़ा रहा है, और इसमें वह अपनी फ्लेक्सिबिलिटी चाहता है। डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस AI को तेजी से अपना रहा है और 2025 के लिए बड़े AI लैब्स हेतु $200 मिलियन तक के कॉन्ट्रैक्ट की योजना बना रहा है।
पैसों का खेल और कर्मचारियों का विरोध
डिफेंस सेक्टर में Google की यह एंट्री Alphabet के लिए एक बड़ा फाइनेंशियल अवसर है। कंपनी का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings ratio) फिलहाल अप्रैल 2026 तक लगभग 31.4 से 32.4 के बीच है, जो इसके 10-साल के औसत से ज्यादा है। कुछ एनालिस्ट इसे "सिग्निफिकेंटली ओवरवैल्यूड" (Significantly Overvalued) मानते हैं। फिर भी, Google के बड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, जो 2026 के लिए $175 बिलियन से $185 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, को मजबूत क्लाउड सर्विस डिमांड और एक बड़े बैकलॉग का सहारा मिल रहा है। यह करंट डील मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट का एक मॉडिफिकेशन है, जो Google Public Sector द्वारा मैनेज किए जा रहे गहरे रिश्ते को दिखाता है। हालांकि, AI को डिफेंस ऑपरेशंस में इंटीग्रेट करने में अंदरूनी टकराव भी है। Google के कर्मचारियों ने नेतृत्व से जेमिनी AI (Gemini AI) का इस्तेमाल मास सर्विलांस (mass surveillance) या बिना ह्यूमन ओवरसाइट (human oversight) के ऑटोनॉमस वेपन्स (autonomous weapons) के लिए बैन करने की मांग की है। यह 2018 के प्रोजेक्ट मैवेन (Project Maven) के खिलाफ हुए एंप्लॉई प्रोटेस्ट के बाद हुआ है, जो कंपनी के रेवेन्यू गोल्स और एंप्लॉई एथिक्स के बीच टकराव को दर्शाता है। कॉन्ट्रैक्ट में डोमेस्टिक मास सर्विलांस और ऑटोनॉमस वेपन्स पर सीमाएं शामिल हैं, लेकिन यह Google को कानूनी सरकारी ऑपरेशन्स पर वीटो करने की अनुमति नहीं देता है।
डिफेंस AI मार्केट में बूम और कम्पटीशन
पेंटागन का AI पर फोकस डिफेंस स्पेंडिंग (spending) के एक बड़े ट्रेंड का हिस्सा है। राष्ट्रपति ट्रंप के 2027 के प्रपोज्ड बजट में $1.5 ट्रिलियन डिफेंस स्पेंडिंग का आउटलाइन है, जिसमें FY2026 के लिए "ऑटोनॉमी और ऑटोनॉमस सिस्टम्स" (autonomy and autonomous systems) के लिए $13.4 बिलियन अलग रखे गए हैं - जो डिपार्टमेंट के लिए पहली बार है। इस फंडिंग का मकसद सेना को एडवांस्ड कैपेबिलिटी देना है, जिसमें AI शामिल है जो स्वतंत्र रूप से सोच और काम कर सके। ग्लोबल AI इन डिफेंस मार्केट के 2026 में अनुमानित $4.2 बिलियन से बढ़कर 2036 तक $42.8 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। Google इस मार्केट में न केवल OpenAI और Anthropic (जिसे DoD सप्लाई-चेन रिस्क डेजिग्नेशन को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ा था) जैसी AI फर्मों से, बल्कि Lockheed Martin, RTX, और Northrop Grumman जैसे डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर्स और डेटा एनालिटिक्स फर्म Palantir Technologies से भी कंपीट कर रहा है। Palantir, जिसका मार्केट कैप लगभग $342 बिलियन है, 230 के करीब P/E रेश्यो के साथ डिफेंस डेटा एनालिटिक्स में अपनी मजबूत पोजीशन दिखाता है। बड़ी डिफेंस कंपनियां ऑटोनॉमस वेपन्स, इंटेलिजेंस एनालिसिस और साइबर सिक्योरिटी जैसे सिस्टम के लिए AI में भारी निवेश कर रही हैं।
जोखिम और आगे की चुनौतियाँ
रेवेन्यू पोटेंशियल के बावजूद, क्लासिफाइड डिफेंस प्रोजेक्ट्स में Google की भूमिका में जोखिम हैं। AI इन वॉरफेयर पर चल रही एथिकल डिबेट, जिसे कर्मचारियों की चिंताओं से बल मिला है, टैलेंट रिटेंशन (talent retention) को प्रभावित कर सकती है या ज्यादा रेगुलेटरी स्क्रूटनी (regulatory scrutiny) को आकर्षित कर सकती है। कंपनी AI राइवल्स, डिफेंस टेक स्पेशलिस्ट्स और AI को इंटीग्रेट करने वाले पारंपरिक डिफेंस फर्मों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है। AI के दुरुपयोग की संभावना, सेफगार्ड्स (safeguards) के बावजूद, एक चिंता बनी हुई है। ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी पर पेंटागन का फोकस AI डिप्लॉयमेंट को एथिकल बाउंड्रीज़ (ethical boundaries) की परीक्षा तक ले जा सकता है। हालांकि Google के स्टॉक पर एनालिस्ट्स की कंसेंसस 'बाय' रेटिंग (consensus 'Buy' rating) है, लेकिन इसके P/E रेश्यो, इंटेंस कम्पटीशन, संभावित EU एंटीट्रस्ट एक्शन (EU antitrust actions) और GPU कम्पटीशन (GPU competition) जैसी चिंताएं चुनौतियाँ पेश करती हैं। कर्मचारियों के विरोध के कारण प्रोजेक्ट मैवेन से Google की पिछली वापसी, डिफेंस टाइज के विस्तार में इसे आने वाली कठिनाइयों को दर्शाती है।
