Andhra Pradesh बनेगा Tech Hub: Google का ₹15 अरब का निवेश
Andhra Pradesh को एक प्रमुख डिजिटल और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, ग्लोबल टेक दिग्गज Google ने राज्य में एक विशाल AI डेटा सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu ने मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए आधारशिला रखी। यह 15 अरब डॉलर (लगभग ₹1,25,000 करोड़) का निवेश राज्य के डिजिटल भविष्य के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
1-GW डेटा सेंटर, 600 एकड़ में फैलेगा
यह अत्याधुनिक सुविधा 1-गिगावाट (GW) क्षमता वाली होगी और 600 एकड़ से अधिक भूमि पर फैलेगी। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की AI क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े पैमाने पर डेटा स्टोरेज क्षमताओं को बढ़ाना है। यह प्रोजेक्ट Andhra Pradesh की डिजिटल रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका लक्ष्य राज्य को AI कंप्यूटिंग पावर की बढ़ती वैश्विक मांग के बीच एक अग्रणी डेटा और टेक्नोलॉजी केंद्र के रूप में स्थापित करना है। यह कदम भारत के टेक्नोलॉजी फुटप्रिंट को स्थापित महानगरों से परे विस्तारित करने और विकास को विकेंद्रीकृत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
Andhra Pradesh की खास नीतियां
Andhra Pradesh सरकार इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए कई तरह के प्रोत्साहन दे रही है। इसमें पूंजीगत वस्तुओं पर 100% SGST छूट, 10% की कैपिटल सब्सिडी, और स्टाम्प ड्यूटी व बिजली टैरिफ में छूट शामिल है। राज्य सरकार का लक्ष्य लगभग 6.5 GW की संचयी क्षमता के साथ एक व्यापक टेक इकोसिस्टम बनाना है। तटीय पहुंच, भूमि की उपलब्धता और अनुकूल नीतियां इस क्षेत्र को सेमीकंडक्टर डिजाइन और डेटा एनालिटिक्स जैसे उद्योगों को आकर्षित करने में मदद करेंगी।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां
भारत का डेटा सेंटर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, जिसके 2030 तक 20-25 अरब डॉलर से अधिक आकर्षित करने की उम्मीद है। यह ग्रोथ डेटा की बढ़ती खपत, 5G के विस्तार और AI को अपनाने से प्रेरित है। Andhra Pradesh का यह प्रोजेक्ट एक प्रतिस्पर्धी बाजार में प्रवेश कर रहा है, जहां महाराष्ट्र, तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्य भी हाइपरस्केल डेटा सेंटर निवेश को आकर्षित करने के लिए सक्रिय हैं। महाराष्ट्र में अडानी ग्रुप 50,000 करोड़ रुपये के निवेश से 1 GW क्षमता का हाइपरस्केल डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की योजना बना रहा है। तेलंगाना ने भी 5,189 MW की क्षमता जोड़ने वाले डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के लिए 1.42 लाख करोड़ रुपये से अधिक के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें UPC Volt के साथ 5,000 करोड़ रुपये का AI डेटा सेंटर प्रोजेक्ट भी शामिल है।
इस बड़े प्रोजेक्ट की अपनी चुनौतियां भी हैं। 1 GW सुविधा के लिए बिजली की भारी मांग एक महत्वपूर्ण परिचालन चुनौती है, जो मुंबई की वार्षिक खपत का लगभग 50% बिजली की खपत कर सकती है। ऐसे में लगातार और विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा। Andhra Pradesh की नीति के तहत, बड़े डेटा सेंटरों को सीधे बिजली खरीदने की अनुमति है, जो परिचालन क्षमता और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही, विभिन्न राज्यों द्वारा दिए जा रहे बड़े प्रोत्साहन पैकेजों से लंबी अवधि की वित्तीय स्थिरता पर सवाल उठ सकते हैं, खासकर यदि बाजार की मांग उम्मीदों से कम रहती है या प्रतिस्पर्धा तेज होती है। इस प्रोजेक्ट को जुलाई 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जो निर्माण में संभावित देरी और नियामक बाधाओं के प्रति संवेदनशील है।
भविष्य पर असर
इस निवेश से Andhra Pradesh भारत के डिजिटल परिवर्तन में सबसे आगे होगा, जिसका लक्ष्य एक मल्टी-गिगावाट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम तैयार करना है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षाएं AI का उपयोग करके आर्थिक विकास को गति देने के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप हैं। यह प्रोजेक्ट AI, क्लाउड सर्विसेज और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा, जिससे भारत का टेक्नोलॉजी फुटप्रिंट बढ़ेगा और आर्थिक अवसरों का विकेंद्रीकरण होगा।
