Google का भारत में 'AI गेम चेंजर'! Visakhapatnam में खुला Mega Data Center, देश बनेगा Tech Hub

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AuthorAditya Rao|Published at:
Google का भारत में 'AI गेम चेंजर'! Visakhapatnam में खुला Mega Data Center, देश बनेगा Tech Hub
Overview

Google भारत में अपनी AI क्षमताओं को बड़ा बूस्ट दे रहा है। कंपनी Visakhapatnam में एक बड़ा AI Hub और Data Center बनाने में भारी निवेश कर रही है, जिससे भारत ग्लोबल टेक सप्लाई चेन में अहम भूमिका निभाएगा और डिजिटल ग्रोथ को नई रफ्तार मिलेगी।

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Visakhapatnam, Andhra Pradesh, भारत के लिए एक नए 'AI गेम चेंजर' के रूप में उभर रहा है। Google यहां एक 'गीगावाट-स्केल AI इकोसिस्टम' प्रोजेक्ट स्थापित कर रहा है। AdaniConneX और Nxtra by Airtel के सहयोग से, Google लगभग 600 एकड़ ज़मीन पर तीन विशाल डेटा सेंटर कैंपस का निर्माण कर रहा है, जिसमें 1 GW क्षमता वाला एक हाइपरस्केल AI डेटा सेंटर शामिल है। इस कदम का लक्ष्य Visakhapatnam को 'AI Patnam' (AI सिटी) के रूप में विकसित करना है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत के तेज़ी से बढ़ते टेक सेक्टर में बड़े विदेशी निवेश की ज़बरदस्त संभावनाएं हैं। यह Google जैसी कंपनियों द्वारा भारत में अपनी उपस्थिति को गहरा करने का एक बड़ा संकेत है। यह वैश्विक स्तर पर हो रही एक बड़ी रेस का हिस्सा है, जहाँ हाइपरस्केलर्स AI कंप्यूटिंग पावर और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भारत में निवेश कर रहे हैं। भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग, AI एप्लिकेशन्स और डिजिटल सेवाओं की तेज़ी से बढ़ती मांग इसे एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रही है।

इस दौड़ में Amazon Web Services (AWS) 2030 तक $12.7 बिलियन का निवेश करने की योजना बना रही है, वहीं Microsoft भी अपने Azure AI और क्लाउड क्षमता को बढ़ाने के लिए $3 बिलियन लगा रही है। इन सब हाइपरस्केल निवेशों का कुल अनुमान $30 बिलियन से ज़्यादा है। भारतीय डेटा सेंटर मार्केट का आकार 2025 में $10.48 बिलियन से बढ़कर 2033 तक $45 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जो सालाना 14.60% से 15.8% की ग्रोथ दर दर्शा रहा है।

इसके समानांतर, सरकार हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को भी ज़ोरों-शोरों से बढ़ावा दे रही है। मंत्री वैष्णव ने Google जैसी कंपनियों से सर्वर, GPU और सेमीकंडक्टर पार्ट्स को भारत में ही बनाने (Localize) का आग्रह किया है, ताकि भारत अपनी डोमेस्टिक इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप सप्लाई चेन को मज़बूत कर सके। India Semiconductor Mission, जिसके तहत $10 बिलियन का बजट है, भारत को चिप प्रोडक्शन में एक ग्लोबल लीडर बनाने का लक्ष्य रखती है।

हालांकि, इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के सामने पावर सप्लाई जैसी इंफ्रास्ट्रक्चरल चुनौतियां और ग्लोबल सप्लाई चेन की बाधाएं हैं। लेकिन AI एडॉप्शन, सरकारी समर्थन और विदेशी निवेश का यह मेल भारत को ग्लोबल टेक लैंडस्केप में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार कर रहा है, जिससे देश 'इंटेलिजेंट एज' में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनने की राह पर है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.