Paytm की निकली लॉटरी! Goldman Sachs ने दिया 'Buy' रेटिंग, शेयर में 22% उछाल का अनुमान

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Paytm की निकली लॉटरी! Goldman Sachs ने दिया 'Buy' रेटिंग, शेयर में 22% उछाल का अनुमान
Overview

Goldman Sachs ने Paytm पर अपना कवरेज शुरू कर दिया है और कंपनी को 'Buy' रेटिंग के साथ **₹1,400** का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि शेयर में **22%** तक की तेजी आ सकती है। हालांकि RBI ने Paytm Payments Bank पर कार्रवाई की है, लेकिन Goldman Sachs का मानना है कि Paytm का मुख्य पेमेंट और मर्चेंट बिजनेस मजबूत है और इससे ज्यादा प्रभावित नहीं होगा।

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Goldman Sachs ने One97 Communications, जो Paytm की पैरेंट कंपनी है, को 'Buy' रेटिंग दी है और शेयर के लिए ₹1,400 का लक्ष्य रखा है। यह आउटलुक शेयर में 22% तक की संभावित तेजी का संकेत देता है, भले ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने हाल ही में एसोसिएट Paytm Payments Bank Limited (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया हो।

RBI एक्शन और सीधा असर

केंद्रीय बैंक के 24 अप्रैल के फैसले पर सबकी नजर थी, जो जनवरी में लगी पिछली पाबंदियों के बाद आया। हालांकि, Goldman Sachs का कहना है कि Paytm पर इसका सीधा वित्तीय असर मामूली रहने की उम्मीद है। Paytm पहले ही PPBL में अपने निवेश को राइट-डाउन (write-down) कर चुका है और बैंक से कोई कमाई नहीं करता। रेगुलेटरी कदम से पहले ही दोनों संस्थाओं के बीच ऑपरेशनल सेपरेशन (operational separation) पूरा हो गया था।

सर्विस जारी रखने के लिए स्ट्रैटेजिक बदलाव

Paytm ने पहले ही PPBL पर अपनी निर्भरता कम कर दी थी। कंपनी ने नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) से थर्ड पार्टी एप्लीकेशन प्रोवाइडर (TPAP) लाइसेंस प्राप्त कर लिया है, जिससे वह अपने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ऑपरेशंस को माइग्रेट (migrate) कर सके। इस स्ट्रैटेजिक सेपरेशन (strategic separation) से लाखों यूजर्स और मर्चेंट्स के लिए सर्विस कंटिन्यूटी (service continuity) सुनिश्चित होती है।

मुख्य बिजनेस अभी भी मजबूत

रेगुलेटरी चुनौतियों के बावजूद, Paytm का कोर बिजनेस मजबूत बना हुआ है। Goldman Sachs ने देखा है कि कंज्यूमर और मर्चेंट दोनों सेगमेंट में मार्केट शेयर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे Paytm का ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) ग्रोथ सालाना 26% की दर से बढ़ा है।

रेवेन्यू में नरमी और मार्जिन पर फोकस

पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (PIDF) इंसेंटिव्स की अनुपस्थिति के कारण चौथे क्वार्टर में रेवेन्यू ग्रोथ के 14% सालाना रहने का अनुमान है। फिर भी, ब्रोकरेज को उम्मीद है कि Paytm स्टेबल EBITDA मार्जिन 5.8% बनाए रखेगा, हालांकि अल्पावधि में कुछ दबाव संभव है।

ध्यान देने योग्य मुख्य बिंदु

निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि Paytm कम इंसेंटिव्स के असर को कैसे संभालता है, उसके पोस्टपेड लेंडिंग बिजनेस (postpaid lending business) में कितनी ग्रोथ आती है, और PPBL स्थिति का कोई भी बचा हुआ असर क्या होता है। RBI से प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) लाइसेंस की मंजूरी के इंतजार में वॉलेट बिजनेस को फिर से लॉन्च करने की संभावना भी एक अहम फोकस है। ट्रैवल सर्विसेज (travel services) और क्रेडिट कार्ड एडॉप्शन (credit card adoption) में धीमी ग्रोथ जैसी बाहरी चुनौतियों के कारण रेवेन्यू और अर्निंग एस्टिमेट्स (earnings estimates) में मामूली गिरावट आई है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.