शेयर बाजार में आज GoPro Inc. के शेयरों ने निवेशकों को चौंका दिया। सोमवार को आफ्टर-आवर ट्रेडिंग में शेयर 27% से ज्यादा चढ़ गए। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब कंपनी ने अपनी बोर्ड मीटिंग में रणनीतिक विकल्पों की समीक्षा को मंजूरी दे दी है, जिसमें संभावित बिक्री या विलय शामिल है। यह कदम कंपनी के पहली तिमाही (Q1) के कमजोर फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के बिल्कुल विपरीत है।
क्यों दिखे शेयर में तेजी?
गोप्रो इंक. ने पहली तिमाही में 35 सेंट प्रति शेयर का बड़ा एडजस्टेड लॉस (Adjusted Loss) दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के 12 सेंट के लॉस से कहीं ज्यादा है। कंपनी का कुल रेवेन्यू (Revenue) भी गिरा है, जिसमें हार्डवेयर, सब्सक्रिप्शन और सर्विस सेगमेंट का प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा।
बोर्ड का बड़ा फैसला
कंपनी के बोर्ड ने 'अनसोलिसिटेड इंक्वायरीज' (unsolicited inquiries) यानी अनचाहे प्रस्तावों के जवाब में यह स्ट्रैटेजिक रिव्यू (strategic review) शुरू किया है। इसके लिए कंपनी ने एक फाइनेंशियल एडवाइजर (financial advisor) को भी नियुक्त किया है।
मार्केट कैप और कम्पटीशन
वर्तमान में 224 मिलियन डॉलर मार्केट कैप वाली गोप्रो टेक हार्डवेयर मार्केट में एक छोटी कंपनी है। इसके मुकाबले DJI जैसे ड्रोन निर्माता और Insta360 जैसी एक्शन कैमरा कंपनियां, जो अपने बड़े पोर्टफोलियो या मजबूत मार्केट पोजीशन के कारण कहीं ज्यादा वैल्यूएशन रखती हैं, GoPro के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा पेश कर रही हैं।
अतीत की पहलें और चुनौतियां
पिछले साल मई 2025 में गोप्रो ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पहल की घोषणा की थी, लेकिन उस समय बाजार की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही थी। कंपनी उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में धीमी मांग, सप्लाई चेन की दिक्कतों और कड़े कंपटीशन का सामना कर रही है।
भविष्य और विश्लेषकों की राय
निवेशकों की चिंता कंपनी की फंडामेंटल फाइनेंशियल कमजोरी बनी हुई है। लगातार घटता रेवेन्यू और बढ़ता लॉस किसी भी संभावित खरीदार के लिए बड़ी चुनौती होगी। रक्षा और एयरोस्पेस जैसे नए बाजारों में जाने के रास्ते खुले हैं, लेकिन यह एक विनियमित (regulated) और पूंजी-गहन (capital-intensive) क्षेत्र है। शेयर में आई यह जोरदार तेजी मुख्य रूप से M&A (Mergers and Acquisitions) की अटकलों पर आधारित है, जो डील न होने पर तुरंत गायब हो सकती है। एनालिस्ट्स (Analysts) का आउटलुक अभी भी सतर्क है, क्योंकि कंपनी की अपनी कोर बिजनेस में टिकाऊ प्रॉफिटेबिलिटी (sustainable profitability) हासिल करने की क्षमता पर संदेह बना हुआ है।
