Franklin Templeton, Ondo Finance: ब्लॉकचेन पर अब स्टॉक और ETF, निवेशकों की बल्ले-बल्ले!

TECH
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Franklin Templeton, Ondo Finance: ब्लॉकचेन पर अब स्टॉक और ETF, निवेशकों की बल्ले-बल्ले!
Overview

Franklin Templeton, जो **$1.68 ट्रिलियन** की एसेट्स मैनेज करती है, ने Ondo Finance के साथ मिलकर अपने टोकनाइज्ड स्टॉक और ETF को ब्लॉकचेन पर लाने की घोषणा की है। इस नए कदम से निवेशकों को **24/7** ट्रेडिंग और **तुरंत सेटलमेंट** जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

ट्रेडिशनल फाइनेंस और ब्लॉकचेन का संगम

Franklin Templeton और Ondo Finance के बीच यह पार्टनरशिप एक बड़ा संकेत है कि कैसे बड़े वित्तीय संस्थान ब्लॉकचेन तकनीक को अपना रहे हैं। इस सहयोग से Ondo Global Markets के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके पब्लिकली ट्रेडेड स्टॉक और ETF को डिजिटल एसेट इकोसिस्टम में लाया जाएगा, जिससे एसेट तक पहुंच का तरीका बदलेगा।

Ondo Global Markets का बढ़ा दबदबा

Franklin Templeton के निवेश प्रोडक्ट्स के साथ जुड़ने के बाद, Ondo Global Markets का दायरा काफी बढ़ने वाला है। मार्च 2026 तक, Ondo Global Markets ने $700 मिलियन से ज्यादा का टोटल वैल्यू लॉक्ड (TVL) और $13 बिलियन से अधिक का क्युमुलेटिव ट्रेडिंग वॉल्यूम दर्ज किया है। खास बात यह है कि यह BNB Chain पर 60% से अधिक मार्केट शेयर रखता है। इस पार्टनरशिप का लक्ष्य निवेशकों को सीधे टोकनाइज्ड इक्विटी और ETF तक पहुंच देना है, जिसमें पारंपरिक ब्रोकरेज अकाउंट की झंझटों के बिना 24/7 ट्रेडिंग, पारदर्शी कस्टडी और इंस्टेंट सेटलमेंट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

टोकनाइज्ड एसेट्स का तेजी से बढ़ता बाजार

रियल-वर्ल्ड एसेट (RWA) टोकेनाइजेशन का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, और अनुमान है कि यह 2034 तक $30 ट्रिलियन तक पहुंच सकता है। यह क्षेत्र ट्रेडिशनल फाइनेंस और डिजिटल एसेट्स के बीच एक अहम पुल का काम कर रहा है, और इसने बड़े-बड़े इंस्टीट्यूशन्स का ध्यान खींचा है। $13 ट्रिलियन से ज्यादा एसेट्स मैनेज करने वाली BlackRock भी इस क्षेत्र में सक्रिय है, जिसने Ethereum पर अपना टोकनाइज्ड फंड BUIDL लॉन्च किया है। यह ट्रेंड फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर को ब्लॉकचेन की मदद से मॉडर्न बनाने की ओर इशारा करता है। Circle USYC और BlackRock BUIDL जैसे कंपटीटर्स भी RWA स्पेस में काफी मजबूत पकड़ रखते हैं। Franklin Resources, Inc. (BEN) का यह डिजिटल कदम हालिया स्टॉक बढ़त के बाद आया है और यह कंपनी की नई ग्रोथ एरिया खोजने की रणनीति को मजबूत करता है, भले ही इंडस्ट्री फीस में कमी और नेट आउटफ्लो जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हो।

रेगुलेटरी चुनौतियां और विश्लेषकों की चिंताएं

बाजार की अपार संभावनाओं के बावजूद, टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज का रास्ता रेगुलेटरी अनिश्चितताओं से भरा है। अमेरिका में, SEC टोकनाइज्ड सिक्योरिटीज को फेडरल सिक्योरिटीज लॉ के तहत मानता है, जिसमें क्रिप्टो एसेट्स को क्लासिफाई करने के लिए 'Howey test' का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, EU अपने Markets in Crypto-Assets (MiCA) रेगुलेशन को लागू कर रहा है, जो एक स्पष्ट फ्रेमवर्क तो देता है, लेकिन टोकनाइज्ड एसेट्स के लिए मौजूदा वित्तीय कानूनों का पालन करना अभी भी जरूरी है। एनालिस्ट्स Franklin Resources (BEN) को सावधानी से देख रहे हैं, जिनकी रेटिंग अक्सर 'Hold' या 'Reduce' के आसपास रहती है, और इसका P/E रेशियो इंडस्ट्री एवरेज से ऊपर है। क्लाइंट आउटफ्लो और फी प्रेशर का लगातार जोखिम, डिजिटल इनोवेशन में निवेश के बावजूद, महत्वपूर्ण चुनौतियां बने हुए हैं। कंपटीटिव लैंडस्केप भी लगातार कड़ा होता जा रहा है।

टोकनाइज्ड निवेश का भविष्य

यह पार्टनरशिप बताती है कि निवेशक शायद एक हाइब्रिड मॉडल को पसंद करेंगे, जो जाने-पहचाने ट्रेडिशनल एसेट्स को ब्लॉकचेन की एफिशिएंसी के साथ जोड़ता है। भले ही रेगुलेशंस अभी विकसित हो रहे हैं और संस्थान सतर्क रह सकते हैं, RWA मार्केट का अनुमानित आकार एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। BlackRock के CEO Larry Fink 2030 तक $20 ट्रिलियन के टोकेनाइजेशन मार्केट की उम्मीद करते हैं, इसे सिर्फ क्रिप्टो प्ले नहीं, बल्कि पहुंच और एफिशिएंसी बढ़ाने का एक अहम जरिया मानते हैं। यह वेंचर उस विजन की ओर एक ठोस कदम है, जिसका लक्ष्य फाइनेंस के एक नए युग के लिए एसेट एक्सेस को फिर से परिभाषित करना है।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.