Vaidya 2.0: हेल्थकेयर AI में नया प्लेयर
Fractal Analytics ने अपने हेल्थकेयर रीज़निंग मॉडल का नया वर्ज़न, Vaidya 2.0, लॉन्च किया है। यह लॉन्च हेल्थकेयर AI सेक्टर में कंपनी की स्ट्रैटेजिक एंट्री को दर्शाता है। कंपनी का दावा है कि Vaidya 2.0 ने OpenAI के हेल्थ बेंच (hard) पर 50.1 का स्कोर हासिल किया है, जो इस मुश्किल इवैल्यूएशन पर 50 का आंकड़ा पार करने वाला पहला AI मॉडल बताया जा रहा है। Fractal के अनुसार, इसका परफॉरमेंस OpenAI के GPT-5 और Google के Gemini Pro 3 से बेहतर है। Vaidya 2.0 को हेल्थकेयर डेटा और एक्शन-ओरिएंटेड इनसाइट्स के बीच की खाई को पाटने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके इस्तेमाल Emergency Assist, Symptom Checker, और Patient Journey Assist जैसे फंक्शन्स में हो सकते हैं। यह Doctor Assist और एडमिनिस्ट्रेटिव कामों को भी सपोर्ट कर सकता है।
IPO के बाद रिकवरी और एनालिस्ट का भरोसा
Vaidya 2.0 की घोषणा के बाद Fractal Analytics के स्टॉक में तेजी आई, जो हालिया कमजोर लिस्टिंग से उबरने में मददगार साबित हुई। यह शेयर 16 फरवरी 2026 को ₹900 के IPO प्राइस के मुकाबले NSE पर ₹876 पर लिस्ट हुआ था और उसके बाद गिर गया था। हालांकि, 19 फरवरी 2026 तक, शेयर लगभग ₹887.75 पर ट्रेड कर रहा था। इस रिकवरी में एनालिस्ट्स की पॉजिटिव राय का बड़ा योगदान है। ग्लोबल ब्रोकरेज Prabhudas Lilladher (PL) Capital ने Fractal Analytics पर 'Buy' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,260 रखा है। यह टारगेट IPO प्राइस से लगभग 40% का पोटेंशियल अपसाइड दिखाता है, जो 22 गुना FY28E EV/EBITDA वैल्यूएशन पर आधारित है। PL Capital ने कंपनी की स्ट्रॉन्ग AI पोजिशनिंग, टॉप क्लाइंट्स के साथ अच्छी रिटेंशन स्ट्रैटेजी, और रेवेन्यू ग्रोथ मैनेजमेंट को ग्रोथ के मुख्य फैक्टर बताया है। कंपनी ने हाल ही में अपने IPO से ₹2,840.16 करोड़ जुटाए थे, जो 2.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
कंसंट्रेशन रिस्क और वैल्यूएशन पर सवाल
हालांकि एनालिस्ट्स का आउटलुक पॉजिटिव है और Vaidya 2.0 का बेंचमार्क परफॉरमेंस शानदार है, लेकिन कुछ बड़ी चुनौतियां भी हैं। हेल्थकेयर AI सेक्टर में OpenAI और Google जैसी बड़ी कंपनियों से कड़ा कॉम्पिटिशन है। Vaidya 2.0 के बेंचमार्क स्कोर्स भले ही बेहतर हों, असली परीक्षा इसके रियल-वर्ल्ड क्लिनिकल यूटिलिटी और कॉम्प्लेक्स हेल्थकेयर सिस्टम में इंटीग्रेशन की होगी। कंपनी का वैल्यूएशन भी काफी एंबिशियस लग रहा है। मार्केट कैप लगभग ₹15,000-15,500 करोड़ के बीच है और P/E रेश्यो FY25/FY26 की कमाई के आधार पर 65x-110x के बीच घूम रहा है, जो हालिया कमजोर लिस्टिंग को देखते हुए हाई है। इसके अलावा, टॉप क्लाइंट्स पर निर्भरता (H1 FY26 में टॉप 10 क्लाइंट्स से 54.2% रेवेन्यू) और US मार्केट पर ज्यादा निर्भरता (H1 FY26 में 64.9% रेवेन्यू) भी कंसंट्रेशन रिस्क बढ़ाती है। कंपनी के मैनेजमेंट का लक्ष्य EBITDA मार्जिन को मौजूदा स्तर से 20% से ऊपर ले जाना है, लेकिन इस इनोवेटिव AI कैपेबिलिटी को प्रॉफिटेबिलिटी में बदलना एक चुनौती होगी।
भविष्य की राह और मार्केट की चाल
Fractal Analytics का इंडिया AI मिशन (₹10,300 करोड़ का) और इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में इसका प्रदर्शन, राष्ट्रीय AI पहलों में इसकी अहमियत को दिखाता है। हेल्थकेयर AI मार्केट के 2030 तक $86.8 बिलियन और 2033 तक $500 बिलियन से अधिक होने का अनुमान है। PL Capital को उम्मीद है कि FY26E–FY28E के दौरान कंसोलिडेटेड USD रेवेन्यू में 19.3% की CAGR और INR EBITDA में 30.9% की CAGR ग्रोथ होगी। इस स्ट्रेटेजी की सफलता Fractal की AI मॉडल्स को इनोवेट करने के साथ-साथ उन्हें प्रभावी ढंग से डिप्लॉय और मोनेटाइज करने की क्षमता पर निर्भर करेगी, ताकि बेंचमार्क जीत को सस्टेंड मार्केट लीडरशिप में बदला जा सके।