कंपनी के नतीजों पर एक नज़र
Fractal Analytics Limited के बोर्ड ने 5 मार्च, 2026 को हुई बैठक में 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3) और नौ महीनों (9M) के लिए अनऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों को मंजूरी दे दी है।
Q3 FY26 के लिए, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) ₹854.40 करोड़ रहा, और नेट प्रॉफिट (PAT) ₹100.10 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, नौ महीनों (9M FY26) के दौरान, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,450.40 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹171.00 करोड़ रहा।
Analytics Vidhya पर बनाई पूरी पकड़
एक बड़े रणनीतिक कदम के तौर पर, कंपनी ने Analytics Vidhya Educon Private Limited में शेष 44.08% हिस्सेदारी ₹48.70 करोड़ में खरीदने की मंजूरी दे दी है। इस अधिग्रहण के बाद, Analytics Vidhya अब Fractal Analytics की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी होगी।
इस खबर का महत्व
Analytics Vidhya का पूरा अधिग्रहण Fractal के AI टैलेंट डेवलपमेंट और एजुकेशनल प्लेटफॉर्म को और मजबूत करेगा। कंपनी का हालिया IPO (जो 16 फरवरी, 2026 को BSE और NSE पर लिस्ट हुआ था) ₹2,833.90 करोड़ का था। हालाँकि, IPO प्राइस ₹900 से शेयर में लगभग 13% की गिरावट देखी गई है (27 फरवरी, 2026 तक)। यह गिरावट आईटी सेक्टर में आई कमजोरी, हाई वैल्यूएशन की चिंताओं (इंडस्ट्री के 22.6x की तुलना में 78x P/E पर ट्रेड कर रहा था) और प्रमोटर के शेयरों की गिरवी से जुडी है। कंपनी ने सितंबर 2021 में AI टैलेंट ट्रेनिंग को बढ़ावा देने के लिए Analytics Vidhya में $5.5 मिलियन का निवेश किया था।
आगे क्या बदलेगा?
- Analytics Vidhya Educon Private Limited अब Fractal की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी के तौर पर काम करेगी, जिससे Fractal के AI और एनालिटिक्स बिज़नेस के साथ तालमेल बढ़ेगा।
- इससे AI एजुकेशन और टैलेंट सोल्यूशन के विकास में एक एकीकृत दृष्टिकोण की उम्मीद है।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
- लेबर कोड का असर: नए लेबर कोड के कारण 9M FY26 में कंपनी को ₹4.70 करोड़ का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ा है, और कंपनी भविष्य में इसके प्रभाव पर नज़र रख रही है।
- IPO के बाद स्टॉक का प्रदर्शन: लिस्टिंग के बाद शेयर में आई 13% की गिरावट शुरुआती वैल्यूएशन और AI स्टॉक्स को लेकर बाजार की भावना पर सवाल उठाती है।
- कर्मचारी छोड़ने की दर: कर्मचारी छोड़ने की ऊंची दर (16.3% FY25 में, 15.7% 1HFY26 में) ऑपरेशनल एफिशिएंसी और टैलेंट रिटेंशन को प्रभावित कर सकती है।
- कानूनी मामले: कंपनी श्री सुमित मिधा के साथ 24,380 ESOPs को लेकर चल रहे एक मध्यस्थता (Arbitration) मामले का सामना कर रही है।
पीयर कंपनियों से तुलना
Fractal Analytics, Latent View Analytics जैसी प्योर-प्ले एनालिटिक्स फर्मों और Infosys व TCS जैसे बड़े आईटी सर्विस प्रोवाइडर्स के AI/एनालिटिक्स डिवीजनों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
आगे क्या देखना है?
- नए लेबर कोड से जुड़े खर्चों का कंपनी का आकलन और प्रबंधन।
- Analytics Vidhya का रणनीतिक एकीकरण और AI टैलेंट इकोसिस्टम में इसका संभावित योगदान।
- हालिया पोस्ट-IPO स्टॉक करेक्शन को देखते हुए भविष्य का वित्तीय प्रदर्शन और ग्रोथ ड्राइवर्स पर कमेंट्री।
- ESOP लिटिगेशन से जुड़े किसी भी नए घटनाक्रम पर नज़र रखना।
