Flipkart Plans Major Dark Store Growth
Flipkart, जो Walmart का हिस्सा है, अपनी क्विक कॉमर्स डिवीजन Flipkart Minutes को तेज़ी से बढ़ा रही है। कंपनी 2026 में करीब 800 नए डार्क स्टोर्स जोड़ने की तैयारी में है। इसका लक्ष्य साल के अंत तक 1,500 से ज़्यादा एक्टिव डार्क स्टोर्स का नेटवर्क तैयार करना है। इस विस्तार में कंपनी टियर-2 और टियर-3 शहरों पर खास ध्यान दे रही है, जहाँ तेज़ डिलीवरी की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। Flipkart Minutes, जिसे जनवरी 2026 में लॉन्च किया गया था, अपने स्टोर्स को स्थापित करने और चलाने के लिए थर्ड-पार्टी पार्टनर्स का इस्तेमाल कर रही है, जिससे तेज़ी से विस्तार संभव हो पा रहा है।
Intense Competition in Quick Commerce
Flipkart का यह बड़ा कदम क्विक कॉमर्स सेक्टर में सीधी टक्कर पैदा करेगा। बाज़ार में लीडर Blinkit के पास पहले से करीब 2,027 डार्क स्टोर्स हैं और वह मार्च 2027 तक 3,000 का लक्ष्य लेकर चल रही है। वहीं, Swiggy Instamart और Zepto के पास 2025 के अंत तक लगभग 1,100 से 1,200 डार्क स्टोर्स का नेटवर्क है। Amazon Now भी तेज़ी से बढ़ रहा है और करीब 450 से 500 डार्क स्टोर्स के साथ रोज़ाना लगभग दो नए लोकेशन खोल रहा है। उम्मीद है कि 2026 तक इस सेक्टर की कुल बिक्री $7-8 बिलियन तक पहुँच सकती है, जो बाज़ार हिस्सेदारी के लिए ज़बरदस्त दौड़ का संकेत है।
Profitability Challenges Plague Sector
हालांकि, Flipkart के इस आक्रामक विस्तार प्लान के बावजूद, क्विक कॉमर्स सेक्टर लगातार मुनाफे (Profitability) को लेकर संघर्ष कर रहा है। कई कंपनियाँ भारी डिस्काउंट, ज़बरदस्त ऑपरेशनल कॉस्ट और बाज़ार हिस्सेदारी हासिल करने की दौड़ में अभी भी घाटे में चल रही हैं। ग्राहकों की वफादारी (Customer Loyalty) भी अभी कमज़ोर है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में विस्तार से ग्रोथ की उम्मीद तो है, लेकिन वहाँ यूनिट इकोनॉमिक्स और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाना एक चुनौती है। इससे पहले Flipkart ने खुद लागतों को नियंत्रित करने के लिए विस्तार धीमा कर दिया था। कंपनी की पेरेंट कंपनी Walmart पर भी दबाव है कि वह अच्छा प्रदर्शन करे, जैसा कि उसके Q3 FY2026 के $179.5 बिलियन के रेवेन्यू और 27% ई-कॉमर्स सेल्स ग्रोथ से झलकता है। Zepto जैसी कंपनियाँ भी रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद भारी घाटा दर्ज कर चुकी हैं।
Quick Commerce Growth Outlook
भारत का क्विक कॉमर्स मार्केट भविष्य में ज़बरदस्त ग्रोथ दिखाने का अनुमान है, और 2030 तक यह $50 बिलियन तक पहुँच सकता है। उम्मीद है कि इस सेक्टर में ग्रोसरी के अलावा ब्यूटी, फैशन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे नॉन-ग्रोसरी प्रोडक्ट्स की डिलीवरी भी तेज़ी से होगी। Flipkart Minutes की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने बड़े स्टोर नेटवर्क को वफादार ग्राहकों और मुनाफे में कैसे बदल पाती है, जो इस सेक्टर में एक बड़ी चुनौती है। यह स्ट्रेटेजी Walmart के डिजिटल लक्ष्यों और Flipkart के भविष्य के लिए बहुत अहम है।