Q3 FY2025-26 के नतीजों में Firstsource Solutions Limited की एक बड़ी चुनौती सामने आई: ₹ 1,001.45 मिलियन के 'एक बार के खर्चों' (Exceptional Items) ने नेट प्रॉफिट (PAT) पर गहरा असर डाला। इन खर्चों में नए लेबर कोड्स के चलते कर्मचारी लाभों से संबंधित ₹ 913.53 मिलियन और इन्वेस्टमेंट इम्पेयरमेंट (Investment Impairment) के ₹ 87.92 मिलियन शामिल थे। इन वजहों से रिपोर्टेड PAT में 24.9% की गिरावट दर्ज हुई और यह ₹ 1,203.29 मिलियन पर आ गया।
हालांकि, इन एकमुश्त खर्चों को हटाने के बाद, कंपनी का एडजस्टेड नेट प्रॉफिट (Adjusted PAT) ₹ 2,022 मिलियन पर मजबूती से टिका रहा, जो रेवेन्यू का 8.3% है। यह दर्शाता है कि कंपनी का मुख्य बिजनेस ऑपरेशनल तौर पर काफी मजबूत है। Q3 FY26 के लिए EBIT मार्जिन 11.9% और नौ महीनों के लिए 11.6% पर स्थिर रहा। तिमाही के लिए एडजस्टेड डाइल्यूटेड ईपीएस (Adjusted Diluted EPS) ₹ 2.87 दर्ज किया गया।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) और कैश जनरेशन (Cash Generation) का स्तर भी सराहनीय रहा। Q3 FY26 में फ्री कैश फ्लो (FCF) एडजस्टेड PAT का 164% था, जबकि नौ महीनों में यह 159% था। यह दर्शाता है कि कंपनी अपने मुनाफे को प्रभावी ढंग से कैश में बदल रही है। इसी मजबूत प्रदर्शन की सराहना करते हुए बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹ 5.50 प्रति शेयर (यानी 55%) का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने का ऐलान किया है।
आगे बढ़ते हुए, मैनेजमेंट का कंपनी के पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 14.5%-15.5% करना (जिसमें अधिग्रहणों से 1.5% का योगदान शामिल है) और EBIT मार्जिन 11.5%-12% के बीच बनाए रखने की उम्मीद जताना, कंपनी के भविष्य के प्रति आत्मविश्वास को दर्शाता है। हाल ही में यूके में Pastdue Credit Solutions Limited का 22 मिलियन GBP में अधिग्रहण, कंपनी की डेट कलेक्शन्स (Debt Collections) सेवाओं को और मजबूत करेगा, जो भविष्य की ग्रोथ के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि निवेशकों को हालिया यूके अधिग्रहण के इंटीग्रेशन (Integration) और नए लेबर कोड से जुड़े किसी भी संभावित छिपे हुए खर्चों पर पैनी नजर रखनी होगी। बाजार की प्रतिक्रिया काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि वह 'एक बार के खर्चों' के प्रभाव को कम आंककर कंपनी के मजबूत एडजस्टेड परफॉरमेंस और बढ़ी हुई आउटलुक पर कितना ध्यान केंद्रित करता है। बड़े डील्स (Deals) और नए लोगो (New Logos) का लगातार जुड़ना, कंपनी की मजबूत सेल्स पाइपलाइन (Sales Pipeline) का स्पष्ट संकेत दे रहा है।