FedEx, IIT मद्रास ने बेंगलुरु में ड्रोन से मचाया धमाल! 53KM की डिलीवरी अब सिर्फ 21 मिनट में!

TECH
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
FedEx, IIT मद्रास ने बेंगलुरु में ड्रोन से मचाया धमाल! 53KM की डिलीवरी अब सिर्फ 21 मिनट में!
Overview

FedEx और IIT मद्रास ने बेंगलुरु में भारत की पहली इंट्रा-सिटी ड्रोन डिलीवरी (Intra-city Drone Delivery) का सफल परीक्षण पूरा कर लिया है। इन परीक्षणों में मिड-माइल लॉजिस्टिक्स (Mid-mile Logistics) को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया गया, जिससे **53 किलोमीटर** लंबे रूट पर सड़क मार्ग से लगने वाले **60 मिनट** से ज़्यादा के समय को ड्रोन से घटाकर सिर्फ **21 मिनट** कर दिया गया। यह शहरी लॉजिस्टिक्स और नेटवर्क एफिशिएंसी (Network Efficiency) में एक बड़ी छलांग है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

बेंगलुरु में ड्रोन डिलीवरी ने भरी उड़ान

FedEx और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मद्रास (IIT Madras) ने बेंगलुरु में भारत की पहली इंट्रा-सिटी ड्रोन डिलीवरी (Intra-city Drone Delivery) फ्लाइट का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इन परीक्षणों का मुख्य उद्देश्य शहरी लॉजिस्टिक्स (Urban Logistics) को बेहतर बनाना और मिड-माइल ऑपरेशंस (Mid-mile Operations) के लिए हवाई परिवहन की संभावनाओं को तलाशना था।

ड्रोन ने 53KM की डिलीवरी का समय घटाकर सिर्फ 21 मिनट किया

FedEx SMART Centre, IIT मद्रास द्वारा किए गए परीक्षणों में स्पीड में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई। 53 किलोमीटर की सड़क यात्रा, जिसमें आमतौर पर 60 मिनट से ज़्यादा का समय लगता था, ड्रोन द्वारा सिर्फ 21 मिनट में पूरी की गई। हवाई रूट करीब 39-42 किलोमीटर लंबा था। लॉजिस्टिक्स में यह एफिशिएंसी (Efficiency) का इजाफा शहरी डिलीवरी नेटवर्क की एक बड़ी चुनौती से निपटने में मदद करेगा।

ड्रोन उड़ानों के लिए रेगुलेटरी बाधाएं पार

सफलतापूर्वक ड्रोन का संचालन करने के लिए संवेदनशील हवाई क्षेत्र (Sensitive Airspace) में नेविगेट करना ज़रूरी था। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से मंजूरी लेकर ये उड़ानें एयरपोर्ट के येलो और रेड जोन (Yellow and Red Zones) के भीतर की गईं। यह नियामक दिशानिर्देशों (Regulatory Guidelines) के तहत सुरक्षित और स्केलेबल (Scalable) लॉजिस्टिक्स समाधान विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो FedEx के इनोवेशन लक्ष्यों का समर्थन करता है।

भविष्य के लॉजिस्टिक्स रिसर्च को मिली मजबूती

FedEx के MEISA मार्केटिंग, कस्टमर एक्सपीरियंस और एयर नेटवर्क के VP, नितिन नवनीत ततियाला ने कहा कि यह उपलब्धि FedEx SMART Centre के रिसर्च को आगे बढ़ाएगी। इस रिसर्च में एयर कार्गो (Air Cargo) को ऑप्टिमाइज़ करना, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (Electric Vehicles) को इंटीग्रेट करना और डिमांड फोरकास्टिंग (Demand Forecasting) को बेहतर बनाना शामिल है। प्रोफेसर सत्यनारायणन आर चक्रवर्ती ने बताया कि इन परीक्षणों से अर्बन लॉजिस्टिक्स में एरियल रोबोटिक्स (Aerial Robotics) को इंटीग्रेट किया गया है, जिससे रिसर्च को प्रैक्टिकल एप्लीकेशन (Practical Application) में बदला जा रहा है। प्रोफेसर अर्शिंदर कौर ने जोर दिया कि ये टेस्ट सप्लाई चेन इनोवेशन (Supply Chain Innovation) और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (Advanced Technology) पर सेंटर के फोकस को उजागर करते हैं।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.