Excelsoft Technologies के नतीजे: रेवेन्यू में तेज़ रफ़्तार, मुनाफे में शानदार उछाल
Excelsoft Technologies Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने अनऑडिटेड कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी कर दिए हैं। कंपनी के ये नतीजे, जो 26 नवंबर 2025 को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने के बाद आए हैं, निवेशकों को काफी उत्साहित कर रहे हैं।
कंसोलिडेटेड परफॉरमेंस पर एक नज़र:
तीसरी तिमाही (Q3 FY26): कंपनी का रेवेन्यू 29.45% बढ़कर ₹710.34 मिलियन पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹548.74 मिलियन था। हालांकि, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 7.67% की मामूली बढ़ोतरी के साथ यह ₹102.96 मिलियन रहा, जबकि पिछले साल यह ₹95.62 मिलियन था। प्रति शेयर आय (EPS) ₹0.89 दर्ज की गई।
नौ महीने (Nine Months FY26): इस अवधि में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 17.13% की वृद्धि के साथ ₹1,913.59 मिलियन रहा, जो पिछले साल ₹1,633.73 मिलियन था। PAT में तो कमाल ही हो गया, जो 88.38% उछलकर ₹267.81 मिलियन पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹142.17 मिलियन था।
नए लेबर कोड्स का असर:
Q3 में कंसोलिडेटेड PAT की ग्रोथ, रेवेन्यू ग्रोथ की तुलना में धीमी रही, इसका मुख्य कारण नए लेबर कोड्स को लागू करने से जुड़ा एक 'एक्सेप्शनल आइटम' रहा। कंपनी ने बताया कि ग्रैच्युटी और कॉम्पेनसेटेड एब्सेंसेज से जुड़े इन नियमों के कारण कंसोलिडेटेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) पर ₹133.40 मिलियन का नकारात्मक प्रभाव पड़ा। स्टैंडअलोन नतीजों पर इसका असर ₹40.72 मिलियन रहा।
IPO फंड का इस्तेमाल:
Excelsoft Technologies ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) से जुटाए गए ₹1,648.92 मिलियन के नेट प्रोसीड्स के इस्तेमाल का पूरा ब्यौरा भी दिया है। इसमें से ₹617.66 मिलियन का आवंटन कैपिटल एक्सपेंडिचर (जैसे जमीन और बिल्डिंग का निर्माण) के लिए किया गया है। ₹395.11 मिलियन का इस्तेमाल मौजूदा सुविधाओं को अपग्रेड करने में होगा, जबकि ₹546.35 मिलियन आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर खर्च किए जाएंगे। 31 दिसंबर 2025 तक, ₹1,267.88 मिलियन की IPO राशि अभी भी अप्रयुक्त है और उसे अस्थायी रूप से निवेशित किया गया है।
आगे की राह और जोखिम:
कंपनी को अब इस बात पर ध्यान देना होगा कि बचे हुए IPO फंड्स को ग्रोथ पहलों में कितनी प्रभावी ढंग से लगाया जाता है। नए लेबर कोड्स का भविष्य के मुनाफे पर क्या असर पड़ता है, इस पर भी निवेशकों की नज़रें बनी रहेंगी। हाल ही में सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल्स (SMP) के पदों में बदलाव और कंपनी सेक्रेटरी का इस्तीफा, हालांकि एक नई नियुक्ति हो चुकी है, इन पर भी बारीकी से नजर रखने की जरूरत है ताकि संगठनात्मक स्थिरता बनी रहे। आने वाली तिमाहियों में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ की गति और मार्जिन में रिकवरी देखने को मिलेगी या नहीं, यह देखना अहम होगा।