Exato Technologies Q3 FY26: शेयर में तूफानी तेजी! नौ महीने में **191%** बढ़ा PAT, रेवेन्यू भी **63%** से ज़्यादा भागा

TECH
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Exato Technologies Q3 FY26: शेयर में तूफानी तेजी! नौ महीने में **191%** बढ़ा PAT, रेवेन्यू भी **63%** से ज़्यादा भागा
Overview

Exato Technologies के लिए Q3 FY26 के नतीजे बेहद शानदार रहे हैं। कंपनी ने बीते नौ महीनों की अवधि में अपने प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में **191%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जबकि रेवेन्यू में भी **63.23%** का दमदार उछाल आया है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

कैसे आई इतनी ज़बरदस्त ग्रोथ? जानें वजह

इस शानदार परफॉरमेंस की मुख्य वजह कंपनी का बढ़ता हुआ अंतरराष्ट्रीय कारोबार और मजबूत ऑर्डर बुक है। Exato Technologies ने अपने विदेशी बाजारों पर खास ध्यान दिया है, जिसके चलते अब उसके कुल रेवेन्यू में अंतरराष्ट्रीय बिजनेस का हिस्सा बढ़कर 28% हो गया है, जो पिछले साल 25% था। कंपनी का कहना है कि विदेशी बाजारों में मार्जिन बेहतर मिल रहा है।

इसके अलावा, कंपनी के पास ₹348 करोड़ का तगड़ा ऑर्डर बुक है, जिसमें से अकेले हेल्थकेयर सेक्टर से ही ₹210-220 करोड़ के ऑर्डर शामिल हैं। यह भविष्य के लिए एक अच्छी विजिबिलिटी दे रहा है।

रणनीतिक नियुक्तियां और ग्रोथ का अनुमान

ग्रोथ को और तेज़ करने के लिए, कंपनी ने Tata Communication, Infosys और Oracle जैसी बड़ी कंपनियों से सीनियर लीडर्स को हायर किया है, जो US, ऑस्ट्रेलिया और APAC क्षेत्रों में सेल्स की कमान संभालेंगे। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि Q4 FY26 में रेवेन्यू ग्रोथ 25-30% और PAT ग्रोथ 50-60% तक पहुंच सकती है, और सालाना ऑर्डर बुक में 30-40% की बढ़ोतरी हो सकती है।

क्यों अहम हैं ये नतीजे?

यह नतीजे बताते हैं कि कंपनी सफलतापूर्वक अपने बिजनेस को ज्यादा मार्जिन वाले अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर ले जा रही है और अपने इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) को भी डेवलप कर रही है। इस स्ट्रैटेजिक बदलाव से कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को स्टेबिलिटी और बूस्ट मिलेगा। मजबूत ऑर्डर बुक, खासकर हेल्थकेयर सेक्टर में, भविष्य की कमाई के रास्ते साफ कर रही है।

आगे क्या बदल रहा है?

  • ज्यादा मार्जिन वाले अंतरराष्ट्रीय बाजारों से बढ़ता हुआ योगदान कंपनी की कुल प्रॉफिटेबिलिटी को बेहतर करेगा और घरेलू रेवेन्यू पर निर्भरता कम करेगा।
  • अगले 6-7 महीनों में प्रोप्राइटरी IP प्लेटफॉर्म्स के लॉन्च होने से रेवेन्यू के नए सोर्स खुल सकते हैं और प्रोजेक्ट-आधारित IT सेवाओं पर निर्भरता कम हो सकती है।
  • अनुभवी सेल्स लीडर्स की हायरिंग से US और ऑस्ट्रेलिया जैसे मुख्य बाजारों में आक्रामक पैठ बनाने की कोशिशें तेज़ होंगी।
  • कंपनी सैन फ्रांसिस्को में एक SaaS एक्विजिशन पर भी विचार कर रही है, जो स्केल या इनोवेशन को बढ़ा सकता है।
  • कंपनी का लक्ष्य अगले तीन सालों में ग्राहकों की संख्या मौजूदा 150 से बढ़ाकर 500-600 तक पहुंचाना है।

ध्यान रखने योग्य रिस्क (Risks to Watch)

  • कस्टमर कंसंट्रेशन (Customer Concentration): यह एक बड़ा रिस्क है क्योंकि कंपनी का 85-87% रेवेन्यू टॉप 10 कस्टमर्स से आता है। अगर इनमें से कोई भी बड़ा क्लाइंट छोड़कर जाता है, तो कंपनी पर भारी असर पड़ सकता है।
  • रेवेन्यू की अस्थिरता (Revenue Lumpiness): बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स, जिनमें कुछ ₹100 करोड़ से बड़े भी हैं, और लंबे इंस्टॉलेशन पीरियड के कारण तिमाही नतीजों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
  • डील जेस्टेशन पीरियड (Deal Gestation Period): सब्सक्रिप्शन-आधारित एनालिटिक्स और क्लाउड डील्स के लिए डील फाइनल होने से लेकर रेवेन्यू रिकॉग्निशन तक में 6 महीने तक का समय लग सकता है, जो शॉर्ट-टर्म बिलिंग और तिमाही रेवेन्यू को प्रभावित कर सकता है।

आगे क्या ट्रैक करें?

  • Q4 FY26 के नतीजे मैनेजमेंट के अनुमान (25-30% रेवेन्यू ग्रोथ और 50-60% PAT ग्रोथ) के मुताबिक आते हैं या नहीं।
  • कंपनी के नए IP प्लेटफॉर्म्स के लॉन्च और उनसे होने वाली कमाई।
  • सैन फ्रांसिस्को में संभावित SaaS एक्विजिशन पर अपडेट।
  • ₹348 करोड़ के ऑर्डर बुक का कन्वर्जन, खासकर हेल्थकेयर सेगमेंट का योगदान।
  • ग्राहकों की संख्या बढ़ाने में कंपनी की सफलता (मौजूदा 150 से 500-600 तक)।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.