मुनाफे और रेवेन्यू में भारी उछाल
Eternal, जो Zomato और Blinkit की पेरेंट कंपनी है, ने मार्च तिमाही के लिए ज़बरदस्त फाइनेंशियल नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹39 करोड़ की तुलना में 346% बढ़कर ₹174 करोड़ पर जा पहुंचा है। मुनाफे के इस तूफानी उछाल के साथ ही, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ऑपरेशंस से 196% की तेजी दिखाते हुए ₹17,292 करोड़ पर पहुंच गया। ये आंकड़े कंपनी के आक्रामक विस्तार और मार्केट में मजबूत पकड़ को साफ दर्शाते हैं।
Zomato और Blinkit की रफ्तार जारी
Zomato के फूड डिलीवरी बिजनेस ने लगातार अपनी रफ्तार बरकरार रखी है। नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) पिछले साल की तुलना में 18.8% बढ़ी है, जो कंपनी के 20% के लॉन्ग-टर्म टारगेट के करीब है। मैनेजमेंट के अनुसार, यह सुधार स्ट्रक्चरल उपायों के कारण हुआ है, जिसका लक्ष्य मार्केट को प्राइस-सेंसिटिव कंज्यूमर सेगमेंट तक फैलाना है। ग्रुप सीईओ Albinder Singh Dhindsa ने कहा कि Blinkit की ग्रोथ रेट बड़े बेस के कारण थोड़ी धीमी हुई है (FY23 से FY26 के बीच 106% CAGR के बाद), लेकिन क्विक कॉमर्स सेगमेंट की NOV में अब भी 95.4% की जोरदार सालाना बढ़ोतरी हुई है। Blinkit ने तेजी से 216 नए स्टोर खोले, जिससे कुल स्टोर्स की संख्या 2,243 हो गई। कंपनी को उम्मीद है कि अगले तीन साल तक क्विक कॉमर्स NOV ग्रोथ 60% से ऊपर बनी रहेगी, जो जियोग्राफी और प्रोडक्ट रेंज में काफी गुंजाइश दिखाती है।
लॉन्ग-टर्म विजन और लक्ष्य
फाउंडर Deepinder Goyal ने कंपनी के भविष्य को लेकर एक विजन पेश किया है। उन्होंने बताया कि पिछले फाइनेंशियल ईयर में 109 मिलियन से ज़्यादा भारतीयों ने Eternal के प्लेटफॉर्म्स पर $10 बिलियन से अधिक का ट्रांजैक्शन किया। कंपनी को उम्मीद है कि अगले दो साल में यह सालाना NOV दोगुना होकर $20 बिलियन हो जाएगा। साथ ही, $1 बिलियन का एडजस्टेड EBITDA हासिल करने का लक्ष्य है, जो शायद फाइनेंशियल ईयर 2029 तक पूरा हो सकता है। यह आक्रामक लक्ष्य ऑपरेशनल स्केलिंग और प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने पर कंपनी के मजबूत फोकस को दिखाता है।
स्ट्रैटेजिक रीअलाइनमेंट और AI का इस्तेमाल
अपने डिजिटल एसेट्स को और बेहतर बनाने के लिए, Eternal अपनी सब्सिडियरी Wasteland Entertainment Private Ltd. के साथ एक एसेट ट्रांसफर एग्रीमेंट कर रही है। इसके तहत, District प्लेटफॉर्म के टेक्नोलॉजी स्टैक को ₹24.19 करोड़ से अधिक की राशि में कंसॉलिडेट किया जाएगा। Goyal ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि Eternal के ऑपरेशंस, जो बड़े पैमाने पर फिजिकल वर्ल्ड से जुड़े हैं, सीधे तौर पर लैंग्वेज मॉडल्स से प्रभावित नहीं होते। हालांकि, उन्होंने यह भी जोर दिया कि कंपनी AI का इस्तेमाल डिमांड प्रेडिक्शन, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, कस्टमर एक्सपीरियंस और फ्रॉड डिटेक्शन जैसे अहम फंक्शन्स में बड़े पैमाने पर कर रही है।
वैल्यूएशन पर सवाल और एनालिस्ट्स की राय
Eternal का मार्केट कैपिटलाइजेशन अप्रैल 2026 तक लगभग $24.16 बिलियन था। हालांकि, कंपनी का ट्रेलिंग प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो काफी ऊंचा है, जो 377.63x (TTM) और 1,072.61x तक पहुंचता है। यह ऊंचा वैल्यूएशन भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदों से प्रेरित है। इसकी तुलना में, करीबी प्रतिद्वंद्वी Swiggy ने Q3 FY26 में ₹6,148 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, लेकिन उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा था। Zomato के फूड डिलीवरी सेगमेंट को मजबूत माना जा रहा है, जिसमें FY26 और FY30 के बीच 17% सालाना ग्रोथ और 20% से अधिक EBITDA एक्सपेंशन की उम्मीद है। लेकिन क्विक कॉमर्स सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी पर खास ध्यान है। Investec जैसे एनालिस्ट्स Swiggy के Instamart की तुलना में Zomato के Blinkit को उसके बड़े स्केल और प्रॉफिटेबिलिटी के स्पष्ट रास्ते के कारण ज़्यादा पसंद करते हैं। वे Blinkit के मार्केट शेयर में बढ़त और नुकसान में बड़ी कमी को भी अहम मानते हैं। हालांकि, कुछ अन्य ब्रोकरेज फर्म्स बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन पर दबाव को लेकर चिंता जता रही हैं। नतीजों से पहले 28 अप्रैल 2026 को शेयर में 3.5% की गिरावट के बावजूद, कई एनालिस्ट्स 'Buy' रेटिंग बनाए हुए हैं और टारगेट प्राइस में अच्छी-खासी बढ़त की उम्मीद कर रहे हैं।
ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी की सस्टेनेबिलिटी पर सवाल
शानदार फाइनेंशियल आंकड़ों के बावजूद, कुछ बड़े जोखिम मंडरा रहे हैं। Blinkit की तेजी से स्टोर खोलने की रणनीति, भले ही NOV ग्रोथ बढ़ा रही हो, इसमें काफी कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) और ऑपरेशनल लागत शामिल है, जो प्रॉफिटेबिलिटी पर भारी पड़ सकती है। फूड डिलीवरी में प्राइस-सेंसिटिव सेगमेंट को टारगेट करने की रणनीति भी मार्जिन को कम कर सकती है, जिससे आक्रामक EBITDA लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल हो सकता है। Zepto जैसे कंपटीटर्स, अपनी स्केलिंग की चुनौतियों और कैपिटल बर्न के बावजूद, मार्केट शेयर बढ़ा रहे हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है। इसके अलावा, Swiggy, जो फिलहाल बढ़ते हुए नुकसान की रिपोर्ट कर रही है, क्विक कॉमर्स ऑपरेशंस का तेजी से विस्तार कर रही है और फूड डिलीवरी में एक बड़ा मार्केट शेयर रखती है। Blinkit की यूनिट इकोनॉमिक्स की लॉन्ग-टर्म व्यवहार्यता और FY29 तक $1 बिलियन के एडजस्टेड EBITDA लक्ष्य को हासिल करने की क्षमता निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण चिंताएं हैं। कंपनी के पिछले स्टॉक प्रदर्शन में अस्थिरता देखी गई है, अप्रैल 2026 तक 1-साल का रिटर्न -27% रहा, जो ग्रोथ की कहानी के बावजूद निवेशकों की सावधानी को दर्शाता है।
भविष्य की राह: प्रतिस्पर्धा के बीच आगे
Eternal एक गतिशील बाजार का सामना कर रही है। भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में तेजी से ग्रोथ की उम्मीद है, जिसमें अकेले क्विक कॉमर्स 2031 तक $6.64 बिलियन तक पहुंच सकता है। Zomato का इंटीग्रेटेड मॉडल, Blinkit की तेज ग्रोथ और अपने स्थापित फूड डिलीवरी बेस का लाभ उठाकर, इसे अच्छी स्थिति में रखता है। हालांकि, लागत प्रबंधन में लगातार एक्जीक्यूशन, यूनिट इकोनॉमिक्स का अनुकूलन और Swiggy और Zepto जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना, इसके लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। एनालिस्ट्स की आम राय Zomato के लिए ₹255-₹290 के टारगेट प्राइस की ओर इशारा करती है, जो संभावित रिकवरी का संकेत देता है, लेकिन ₹150 का बेयर केस टारगेट इसके महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने में निहित जोखिमों को भी उजागर करता है।
