एटरनल लिमिटेड ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए ₹102 करोड़ का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही से 73% अधिक है। कंपनी का राजस्व 202% बढ़कर ₹16,315 करोड़ हो गया, जिसका मुख्य श्रेय ब्लिंकइट के इन्वेंटरी-संचालित क्विक कॉमर्स व्यवसाय को जाता है।
एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि ब्लिंकइट, जो पहले नुकसान में चल रहा था, उसने ₹4 करोड़ का पहला तिमाही समायोजित EBITDA लाभ दर्ज किया। फूड डिलीवरी सेगमेंट ने भी 5.4% का रिकॉर्ड समायोजित EBITDA मार्जिन हासिल किया। तिमाही के लिए समग्र समायोजित EBITDA ₹531 करोड़ रहा।
कंपनी ने नेतृत्व में भी बदलाव की घोषणा की है। संस्थापक दीपेंद्र गोयल 1 फरवरी, 2026 से ग्रुप सीईओ के पद से हटकर वाइस चेयरमैन का पद ग्रहण करेंगे। ब्लिंकइट के वर्तमान प्रमुख अल्बिंदर ढिंडसा नए ग्रुप सीईओ बनेंगे। यह बदलाव ब्लिंकइट को कंपनी के विकास इंजन के रूप में स्थापित करने पर केंद्रित होगा, जो अब 90% नेट ऑर्डर वैल्यू के लिए इन्वेंटरी-संचालित मॉडल का उपयोग करता है।
Q3 FY26 के नतीजों और नेतृत्व परिवर्तन के बाद, कई ब्रोकरेज फर्मों ने एटरनल के स्टॉक पर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। जेफरीज ने ₹480 के लक्ष्य मूल्य के साथ 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है, जबकि जेएम फाइनेंशियल ने ₹400, नोमुरा ने ₹380, यूबीएस ने ₹375 और एचएसबीसी ने ₹350 के लक्ष्य मूल्य के साथ 'Buy' रेटिंग दी है। विश्लेषकों ने प्रतिस्पर्धा पर नजर रखने की सलाह दी है।
तिमाही के अंत में, कंपनी के पास ₹17,820 करोड़ की मजबूत नकदी शेष थी। कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग ₹2.73 लाख करोड़ है और TTM P/E अनुपात लगभग 1491.58 है। क्विक कॉमर्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तीव्र बनी हुई है। कंपनी ने ₹3.7 करोड़ के GST मांग आदेश का भी उल्लेख किया है, जिस पर वह अपील करेगी।