Eternal Ltd. के शेयर्स, जो Zomato और Blinkit जैसी कंपनियों को संभालती है, इस वक्त भारी बिकवाली के दबाव में हैं। स्टॉक लगातार 8वें ट्रेडिंग सेशन से लुढ़क रहा है। यह अप्रैल-मई 2022 के बाद से शेयरों में सबसे लंबी लगातार गिरावट की चेन है, जब स्टॉक 9 दिन तक गिरा था। इस 8 दिन की मंदी के दौरान शेयर का मूल्य 13% तक गिर चुका है और यह जून 2025 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है।
बाजार की यह लगातार बिकवाली, विश्लेषकों के मजबूत रुख से बिल्कुल विपरीत है। फरवरी 2026 तक, Eternal Ltd. को कवर करने वाले 33 में से 30 विश्लेषकों ने 'Buy' रेटिंग दी हुई है। ब्रोकरेज फर्म Bernstein ने ₹370 के टारगेट प्राइस के साथ 'Outperform' रेटिंग बनाए रखी है, जबकि Jefferies ने ₹480 के टारगेट प्राइस के साथ 'Buy' रेटिंग देकर कवरेज शुरू की है। यह ₹480 का टारगेट मौजूदा भाव से 78% की बड़ी तेजी का संकेत देता है।
इस उथल-पुथल के बीच, गुरुवार को एक बड़ा ब्लॉक डील (Block Deal) हुआ। इस डील में 9.7 करोड़ शेयर, जो कंपनी की कुल इक्विटी का 1% है, का सौदा हुआ। यह सौदा औसतन ₹247.75 प्रति शेयर के भाव पर हुआ, जिसकी कुल वैल्यू ₹2,403 करोड़ रही। इस बड़े ट्रांजेक्शन में खरीदार और विक्रेता की पहचान अभी सामने नहीं आई है, जिसने स्टॉक के भविष्य को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी है।
Eternal Ltd. का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) फरवरी 2026 तक करीब ₹2.45 लाख करोड़ है। हालांकि, इसका P/E रेशियो (Price-to-Earnings ratio) फरवरी 2026 तक 645.464 हो गया है, जो 2025 के अंत में 349 था। यह बहुत ऊंचा वैल्यूएशन बताता है कि निवेशक भविष्य की ग्रोथ को लेकर बहुत उम्मीदें लगाए हुए हैं, लेकिन इसके लिए कंपनी को लगातार रेवेन्यू और प्रॉफिट में जबरदस्त ग्रोथ दिखानी होगी। ओवरऑल भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट 2025 से 2030 तक 21.5% CAGR की दर से बढ़ने का अनुमान है, और क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) सेगमेंट, जिसमें Blinkit काम करती है, भी काफी तेजी से बढ़ रहा है।
यह पहली बार नहीं है कि Eternal Ltd. के शेयर में इतनी वोलेटिलिटी (Volatility) देखी जा रही है। पिछले 6 महीनों में स्टॉक 21.6% गिरा है और यह अपने 52-हफ्ते के हाई ₹368.45 से 22.14% नीचे आ चुका है। इससे पहले मार्च 2024 में, Antfin (Alibaba का एक हिस्सा) द्वारा ₹3,112 करोड़ के एक ब्लॉक डील के बाद शेयर में करीब 3.5% की गिरावट आई थी। यह दिखाता है कि बड़े सौदे स्टॉक की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं, भले ही ब्रोकरेज की राय सकारात्मक हो।
हालांकि विश्लेषकों का झुकाव बुलिश (Bullish) है, लेकिन कुछ ऐसे कारक हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है। 645x से ऊपर का P/E रेशियो यह बताता है कि बाजार ने पहले से ही भारी भविष्य की ग्रोथ को प्राइस में शामिल कर लिया है, जिससे चूक की कोई गुंजाइश नहीं है। क्विक कॉमर्स स्पेस में Swiggy Instamart और Zepto जैसे बड़े खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा है, जिसके कारण लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी पर भारी निवेश करना पड़ता है, जो प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। Bernstein ने भी कहा है कि निवेशकों को 'नैरेटिव-बेस्ड वोलेटिलिटी' को झेलना पड़ सकता है, जो इस सेक्टर की अस्थिरता को दर्शाता है। इसके अलावा, Zomato ने मुनाफा कमाया है, लेकिन पिछली रिपोर्ट्स में 'other income' का बड़ा हिस्सा भी शामिल रहा है, जिसकी स्थिरता पर विश्लेषक सवाल उठाते हैं। GST नोटिस जैसे रेगुलेटरी रिस्क भी सेक्टर की कंपनियों के लिए एक बड़ा खतरा बने हुए हैं।
फिलहाल, विश्लेषकों का ज्यादातर मत तेजी का है और उनके औसत टारगेट प्राइस अक्सर मौजूदा ट्रेडिंग लेवल्स से काफी ऊपर हैं। भारतीय फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स मार्केट में अनुमानित ग्रोथ इस उम्मीद के पीछे मजबूत आधार प्रदान करती है। हालांकि, वर्तमान स्टॉक एक्शन से लगता है कि निवेशक लंबी अवधि की सेक्टर ग्रोथ की संभावनाओं पर, बड़े ब्लॉक डील और ऊंचे वैल्यूएशन जैसे अल्पकालिक बाधाओं को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं। आने वाले ट्रेडिंग सेशन यह तय करेंगे कि क्या यह लगातार बिकवाली का दबाव विश्लेषकों की राय और सेक्टर की ग्रोथ कहानी पर हावी हो पाता है या नहीं।