इलास्टिकरन छोटे शहरों में तेज FMCG और ग्रॉसरी डिलीवरी दे रहा है: क्या यह ई-कॉमर्स की अगली लहर है?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
इलास्टिकरन छोटे शहरों में तेज FMCG और ग्रॉसरी डिलीवरी दे रहा है: क्या यह ई-कॉमर्स की अगली लहर है?
Overview

Prosus-समर्थित इलास्टिकरन अपनी त्वरित वाणिज्य (quick commerce) गतिविधियों का महत्वपूर्ण विस्तार कर रहा है, जिसका लक्ष्य टियर-2 और टियर-3 शहरों में 2-4 घंटे में FMCG और किराने का सामान पहुंचाना है। इस रणनीति से विकास को बढ़ावा मिलने, उच्च मार्जिन के लिए निजी लेबल (private label) को अपनाने में तेजी आने और कंपनी के FY26 तक लाभप्रदता के करीब पहुंचने की उम्मीद है। FY25 में राजस्व 10% बढ़कर ₹2,653 करोड़ हो गया, जबकि नुकसान कम हुआ।

इलास्टिकरन त्वरित वाणिज्य (Quick Commerce) पर केंद्रित, टियर-2 और टियर-3 शहरों को लक्ष्य बना रहा है

Prosus सहित वैश्विक निवेशकों से समर्थन प्राप्त इलास्टिकरन, एक प्रमुख बी2बी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, रणनीतिक रूप से अपने बढ़ते त्वरित वाणिज्य (quick commerce) डिवीजन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 के लिए इसे अपना मुख्य विकास इंजन बनाना है, जिसके लिए छोटे भारतीय शहरों में तेज डिलीवरी की सुविधा के लिए डार्क स्टोर्स का (dark stores) नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है।

त्वरित वाणिज्य (Quick Commerce) की पहल

इलास्टिकरन के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, संदीप देशमुख, ने घोषणा की है कि कंपनी अपनी त्वरित वाणिज्य पहल पर दोगुना जोर दे रही है। इस नई रणनीति में टियर-2 और टियर-3 शहरों में उपस्थिति स्थापित करना शामिल है, जहां फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) और किराने के उत्पादों के लिए दो से चार घंटे की डिलीवरी का समय पेश किया जाएगा। यह कदम शहरी केंद्रों में आम उच्च-गति पूर्ति क्षमताओं और ग्रामीण क्षेत्रों में इलास्टिकरन की स्थापित व्यापक पहुंच के बीच की खाई को पाटने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

| देशमुख ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 2025 त्वरित वाणिज्य (quick commerce) के उद्भव का वर्ष था, क्योंकि ब्रांडों ने डिलीवरी की गति और ग्राहक संतुष्टि के बीच सीधा संबंध पहचाना। नतीजतन, इलास्टिकरन ने इन ब्रांडों के लिए विशेष रूप से लास्ट-माइल डिलीवरी क्षमताएं बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया, जिससे वे तत्काल संतुष्टि की (immediate gratification) बढ़ती उपभोक्ता मांग को पूरा कर सकें।

वित्तीय रणनीति और मार्जिन में सुधार

इलास्टिकरन को उम्मीद है कि उसका त्वरित वाणिज्य (quick commerce) हाथ उसके कुल शिपमेंट वॉल्यूम में महत्वपूर्ण योगदान देगा, जो वित्त वर्ष 2026 के अंत तक 40-50% तक पहुंच सकता है, जो कि इसके वर्तमान एकल-अंक की हिस्सेदारी से काफी अधिक है। यह रणनीतिक पुनरभिमुखीकरण ऐसे समय में हो रहा है जब त्वरित वाणिज्य (quick commerce) केवल एक सुविधा से बढ़कर व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण वितरण चैनल बन गया है। कई कंपनियों के लिए, 'तत्काल संतुष्टि' (instant gratification) की पेशकश करने की क्षमता, विशेष रूप से खाद्य और घरेलू आवश्यक वस्तुओं जैसी उच्च-मार्जिन श्रेणियों में, बाजार हिस्सेदारी पर कब्जा करने के लिए एक प्रतिस्पर्धी आवश्यकता बन रही है।

एक चुनौतीपूर्ण मैक्रोइकॉनॉमिक वातावरण में नेविगेट करने और अपनी यूनिट इकोनॉमिक्स (unit economics) को बेहतर बनाने के लिए, इलास्टिकरन ने पिछले दो वर्षों में रणनीतिक समायोजन किए हैं। कंपनी ने बड़े राष्ट्रीय ब्रांडों को सेवा देने से ध्यान हटाकर वॉल्यूम बनाने के लिए क्षेत्रीय उपभोक्ता ब्रांडों पर ध्यान केंद्रित किया है। हाल ही में, इलास्टिकरन अपने निजी लेबल (private labels) को अपनाने में वृद्धि करने पर काम कर रहा है, विशेष रूप से टियर-2 शहरों में, जहां उपभोक्ता नए उत्पादों को आज़माने के लिए अधिक खुले हैं।

निजी लेबल (private labels) एक महत्वपूर्ण मार्जिन लाभ प्रदान करते हैं, जो अन्य क्षेत्रीय ब्रांडों के लिए 5% मार्जिन की तुलना में संभावित रूप से 25% तक हो सकते हैं, जिससे राजस्व की संभावनाएं बढ़ती हैं। देशमुख ने संकेत दिया कि निजी ब्रांडों की शुरुआत पिछले साल हुई थी, और वर्तमान वर्ष इन मौजूदा पोर्टफोलियो की पैठ को गहरा करने पर केंद्रित है।

कंपनी की पृष्ठभूमि और बाजार का अवसर

2016 में संदीप देशमुख, शितिज बंसल और सौरभ निगम द्वारा स्थापित, इलास्टिकरन FMCG और किराना कंपनियों के लिए स्केल और ऑडियंस रीच प्रदान करता है। यह खाद्य, सामान्य मर्चेंडाइज और फार्मास्युटिकल क्षेत्रों में ग्राहकों का समर्थन करता है, जिससे वे 900 से अधिक गोदामों (warehouses) और 50,000 ऑन-ग्राउंड भागीदारों के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से ग्रामीण उपभोक्ताओं तक पहुंच सकते हैं। कंपनी शहरी क्षेत्रों से परे उपभोक्ताओं तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने में बैंकिंग संस्थानों की भी सुविधा प्रदान करती है। प्रमुख साझेदारों में Unibic, Lahori Zeera, CavinKare और Bambino शामिल हैं।

उद्योग विशेषज्ञ इस कदम को सकारात्मक रूप से देखते हैं। वैश्विक परामर्श फर्म Praxis Global Alliance में प्रबंध भागीदार, मधुर सिंघल, ने उल्लेख किया कि तेज डिलीवरी बी2बी ग्राहकों को कम इन्वेंटरी (inventory) बनाए रखने की अनुमति देती है, जिससे अधिक पूंजी दक्षता (capital efficiency) मिलती है, जो ऑटोमोबाइल उद्योग में "जस्ट-इन-टाइम" (just-in-time) सिद्धांतों के प्रभाव के समान है। हालांकि, उन्होंने सलाह दी कि फर्मों को मजबूत आइटम मास्टर (item masters) बनाए रखने चाहिए और जनशक्ति व वाहन चलाने की लागत को नियंत्रित करना चाहिए।

Bessemer Venture Partners के अनुसार, ऑनलाइन-फर्स्ट, प्रौद्योगिकी-सक्षम बी2बी मार्केटप्लेस के लिए व्यापक बाजार अवसर पर्याप्त है, जिसमें अनुमानों के अनुसार यह 2022 में $20 बिलियन से बढ़कर 2030 तक $200 बिलियन तक पहुंच जाएगा।

वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य का दृष्टिकोण

वित्त वर्ष 2025 में, इलास्टिकरन ने परिचालन राजस्व में 10% की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की, जो ₹2,653 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी ने शुद्ध घाटे को भी सफलतापूर्वक ₹145 करोड़ तक सीमित कर दिया, जो पिछले वर्ष के ₹360 करोड़ से काफी सुधार है। देशमुख ने इन लाभों का श्रेय बढ़ी हुई लॉजिस्टिक्स दक्षता और क्षेत्रीय ब्रांडों पर रणनीतिक फोकस को दिया।

वर्तमान वित्तीय वर्ष से इलास्टिकरन के लाभप्रदता के करीब आने की उम्मीद है, जिसमें त्वरित वाणिज्य (quick commerce) उसकी रणनीति का मुख्य आधार होगा। कंपनी, जिसने फरवरी 2022 में SoftBank, Prosus और Goldman Sachs जैसे निवेशकों से $1.5 बिलियन के मूल्यांकन पर $330 मिलियन जुटाए थे, उसके पास पर्याप्त नकदी भंडार है, जिससे धन जुटाना एक कम प्राथमिकता है। देशमुख ने विश्वास व्यक्त किया कि कंपनी अपनी स्थापना के बाद से सर्वश्रेष्ठ वित्तीय परिणाम प्रदान करने की राह पर है, जो लगभग एक वर्ष के भीतर होंगे।

प्रभाव

इलास्टिकरन के इस रणनीतिक बदलाव से भारत के लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स क्षेत्रों पर, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में, महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। तेज डिलीवरी को सक्षम करके, कंपनी FMCG और ग्रोसरी ब्रांडों के लिए ग्राहक अनुभव को बढ़ा सकती है, आवेगपूर्ण खरीद (impulse purchases) को बढ़ा सकती है, और छोटे शहरी केंद्रों में डिजिटल वाणिज्य को अपनाना तेज कर सकती है। बढ़ी हुई दक्षता और निजी लेबल (private labels) पर ध्यान केंद्रित करने से बी2बी ई-कॉमर्स स्पेस में बेहतर लाभप्रदता का मार्ग भी प्रशस्त हो सकता है। 7/10 का प्रभाव रेटिंग गैर-मेट्रो क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला की गतिशीलता और उपभोक्ता व्यवहार पर महत्वपूर्ण संभावित प्रभाव को दर्शाता है।

कठिन शब्दों का अर्थ

  • Quick Commerce (त्वरित वाणिज्य): माल की डिलीवरी को संदर्भित करता है, विशेष रूप से किराने का सामान और सुविधा वस्तुएं, बहुत ही कम समय में, आमतौर पर एक घंटा या उससे कम, लेकिन इस संदर्भ में, यह 2-4 घंटे तक फैला हुआ है।
  • FMCG (Fast-Moving Consumer Goods): ये ऐसे उत्पाद हैं जो जल्दी और अपेक्षाकृत कम लागत पर बेचे जाते हैं, जैसे कि पैक्ड खाद्य पदार्थ, प्रसाधन सामग्री, पेय पदार्थ और अन्य रोजमर्रा की घरेलू वस्तुएं।
  • Tier-2 और Tier-3 Towns (टियर-2 और टियर-3 शहर): ये भारतीय शहरों के वर्गीकरण हैं जो जनसंख्या और आर्थिक गतिविधि पर आधारित हैं। टियर-2 शहर टियर-3 शहरों से बड़े होते हैं लेकिन मेट्रोपॉलिटन या टियर-1 शहरों से छोटे होते हैं।
  • Dark Stores (डार्क स्टोर): ये छोटे, गोदाम जैसे ढांचे हैं जो ऑनलाइन ऑर्डर के लिए वितरण केंद्रों के रूप में कार्य करते हैं। वे जनता के लिए खुले नहीं हैं और केवल ई-कॉमर्स ऑर्डर को कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
  • Private Labels (निजी लेबल): ये वे उत्पाद हैं जिन्हें एक खुदरा विक्रेता या ई-कॉमर्स कंपनी निर्माता के ब्रांड नाम के बजाय अपने स्वयं के ब्रांड नाम के तहत बेचती है।
  • Unit Economics (यूनिट इकोनॉमिक्स): यह किसी उत्पाद या सेवा की एक इकाई से जुड़े राजस्व और लागतों को संदर्भित करता है। यूनिट इकोनॉमिक्स को समझना व्यापार मॉडल की लाभप्रदता निर्धारित करने में मदद करता है।
  • Capital Efficient (पूंजी कुशल): यह एक ऐसे व्यवसाय या रणनीति का वर्णन करता है जो न्यूनतम पूंजी व्यय के साथ उच्च निवेश पर रिटर्न उत्पन्न कर सकता है, जिसका अर्थ है कि यह अपने वित्तीय संसाधनों का अच्छा उपयोग करता है।
  • Just-in-Time (JIT): यह एक आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन दर्शन है जो केवल आवश्यकतानुसार वस्तुओं को प्राप्त करने या उत्पादन करने पर ध्यान केंद्रित करता है, जिससे इन्वेंट्री होल्डिंग लागत और बर्बादी कम होती है।
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