ED का Gameskraft पर कड़ा वार
एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Gameskraft पर कड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग कानूनों के तहत दिल्ली-NCR और बेंगलुरु में तलाशी के बाद कंपनी के बैंक डिपॉजिट में रखे ₹526.49 करोड़ फ्रीज कर दिए हैं। इसके साथ ही ₹3.5 करोड़ की सोने की ज्वैलरी और ₹11 लाख कैश भी जब्त किया गया है।
नियमों को तोड़ने का आरोप
ED का आरोप है कि Gameskraft उन राज्यों में रियल-मनी रमी गेम्स चला रही थी जहां ऐसी ऑनलाइन गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। एजेंसी का दावा है कि कंपनी ने जियो-लोकेशन सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करके इन प्रतिबंधों को दरकिनार किया। इतना ही नहीं, यूजर्स को यह भी पता नहीं था कि वे इंसानों के बजाय ऑटोमेटेड बॉट्स या एल्गोरिदम के खिलाफ खेल रहे हैं।
फाउंडर्स अरेस्ट, यूजर्स को भारी नुकसान
इस कार्रवाई के बाद, ED ने बेंगलुरु की इस कंपनी के तीन फाउंडर्स - दीपक सिंह (Deepak Singh), पृथ्वी राज सिंह (Prithvi Raj Singh) और विकास तनेजा (Vikas Taneja) को गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारियां मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का हिस्सा हैं, जो कथित धोखाधड़ी और ठगी के कई पुलिस शिकायतों के बाद शुरू हुई थी। ED का अनुमान है कि प्लेटफॉर्म के ऑपरेशंस के जरिए यूजर्स को करीब ₹1,154 करोड़ का नुकसान हुआ हो सकता है।
जांच के घेरे में प्रमुख गेमिंग प्लेटफॉर्म
Gameskraft Technologies Ltd और उसकी संबंधित एंटिटीज अब इस मनी लॉन्ड्रिंग जांच के केंद्र में हैं। एजेंसी की जांच से कंपनी के ऑनलाइन गेमिंग ऑपरेशंस से जुड़ी अवैध वित्तीय गतिविधियों का पैटर्न सामने आया है, जिसमें 'RummyCulture' और 'rummytime app' जैसे प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं।
