AI को गति देने के लिए पूंजी जुटाव
E2E Networks ने अपने फंड जुटाने वाली कमेटी की मंजूरी से QIP प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस QIP के तहत, कंपनी ₹2,630.60 प्रति इक्विटी शेयर की फ्लोर प्राइस तय की गई है। कंपनी को इसमें 5% तक की छूट देने का भी अधिकार होगा। यह कदम मुख्य रूप से उन संस्थागत निवेशकों (institutional investors) को लक्षित करता है, जिनसे कंपनी अपने AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए पूंजी जुटाना चाहती है। QIP की कीमत हालिया शेयर ट्रेडिंग स्तरों से ऊपर रखी गई है, जो निवेशक के विश्वास या अनुकूल मूल्यांकन पर पूंजी की आवश्यकता का संकेत देता है।
25 फरवरी 2026 को NSE पर E2E Networks के शेयर ₹2,560.60 पर बंद हुए, जो 4.90% की बढ़त दर्शाता है। यह पूंजी जुटाना कंपनी के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह NVIDIA B200 सिस्टम सहित अपनी GPU क्लस्टर क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि AI-संचालित सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। फरवरी 2026 के अंत तक कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹5,150 करोड़ से ₹5,300 करोड़ के बीच था।
Nvidia के साथ साझेदारी पर आई सफाई
हाल ही में आई उन खबरों के बीच कि E2E Networks एडवांस्ड AI फैक्ट्रियों के लिए Nvidia के साथ सहयोग कर रही है, कंपनी ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी ने जोर देकर कहा कि यह एक मौजूदा संबंध है जो उसके क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर का आधार है, न कि कोई नया कमर्शियल एग्रीमेंट या पार्टनरशिप। हालांकि E2E Networks चेन्नई के L&T Vyoma Data Center में NVIDIA HGX B200 सिस्टम और ब्लैकवेल GPU क्लस्टर को एकीकृत कर रही है, जैसा कि पहले बताया गया था, हाल की बाजार प्रतिक्रिया इस जुड़ाव की नवीनता को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करती हुई दिखी। इस स्पष्टीकरण से कंपनी का लक्ष्य सट्टा बाजार की भावनाओं को प्रबंधित करना है, साथ ही Nvidia के साथ अपने मजबूत संबंधों के रणनीतिक महत्व को स्वीकार करना है। Nvidia AI एक्सेलेरेटर बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी है, जिसका वैश्विक बाजार में लगभग 80% हिस्सा है।
AI और डेटा सेंटर बाजार में बूम
E2E Networks उस क्षेत्र में काम कर रही है जो तेजी से बढ़ रहा है। भारत का डेटा सेंटर बाजार 2025 में लगभग USD 10.48 बिलियन से बढ़कर 2032 तक USD 27.2 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि दर (CAGR) लगभग 14.60% है। यह वृद्धि बढ़ते डेटा वॉल्यूम, क्लाउड एडॉप्शन, 'इंडियाएआई मिशन' जैसी सरकारी पहलों और AI वर्कलोड के प्रसार से प्रेरित है। GPU-त्वरित कंप्यूटिंग की मांग विशेष रूप से मजबूत है, जो E2E Networks जैसी कंपनियों को लाभ पहुंचाती है, बशर्ते वे प्रभावी ढंग से विस्तार कर सकें। कंपनी के पिछले प्रदर्शन में महत्वपूर्ण अस्थिरता देखी गई है; फरवरी 2025 में, इसके शेयर में लगभग 4-5% की दैनिक गिरावट देखी गई थी।
चुनौतियाँ और प्रतिस्पर्धी
E2E Networks क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और AI सेवाओं के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा करती है। इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में L&T Technology Services, Tata Technologies, Wipro जैसे स्थापित IT सर्विस दिग्गज, और Yotta Data Services और CtrlS Datacenters जैसे विशेष क्लाउड प्रोवाइडर शामिल हैं। कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त है और स्वस्थ ऑपरेटिंग मार्जिन दिखाती है, लेकिन इसकी लाभप्रदता असंगत रही है, जैसा कि इसके नकारात्मक P/E अनुपात से संकेत मिलता है। Q3 दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹5.70 करोड़ का शुद्ध नुकसान (net loss) हुआ था। AI-विशिष्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, जिसमें GPU क्लस्टर शामिल हैं, पर इसका ध्यान इसे अलग करता है, लेकिन इसके लिए बड़े पैमाने पर निरंतर पूंजी व्यय की आवश्यकता होती है।
भविष्य की राह
भारतीय डेटा सेंटर और AI बाजार सरकारी पहलों और बढ़ती डिजिटल अपनाने की दर से मजबूत विकास पथ पर है। AI-त्वरित कंप्यूटिंग पर E2E Networks का रणनीतिक ध्यान इसे इस प्रवृत्ति का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में रखता है। इसके QIP का सफल निष्पादन और AI इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थायी, लाभदायक राजस्व धाराओं में बदलने की इसकी क्षमता इसके भविष्य के प्रदर्शन के महत्वपूर्ण निर्धारक होंगे।
