सरकार के इस कदम से Dream Sports का गेमिंग बिजनेस बुरी तरह प्रभावित हुआ। कंपनी का 95% रेवेन्यू खत्म हो गया और सारा मुनाफा डूब गया। 2021 में $8 बिलियन का वैल्यूएशन रखने वाली Dream Sports की हालत अब 'सीरीज बी स्टार्टअप' जैसी हो गई है। Dream Street को लॉन्च करने का मुख्य मकसद इसी रेगुलेटरी बदलाव के जवाब में नया रेवेन्यू स्ट्रीम बनाना है।
Dream Street अब भारत के तगड़े डिजिटल ब्रोकरेज मार्केट में कदम रख रहा है। अक्टूबर 2024 तक, Groww 1.25 करोड़ से ज्यादा एक्टिव यूजर्स के साथ लीड कर रहा है, जिसके बाद Zerodha ( 80 लाख से ज्यादा यूजर्स) और Angel One ( 75 लाख से ज्यादा यूजर्स) का नंबर आता है। Groww का मार्केट कैप लगभग ₹1.01 लाख करोड़ है, जबकि Angel One का मार्केट कैप करीब ₹21,000 करोड़ है। Zerodha भी एक मजबूत कॉम्पिटिटर है। Dream Sports के सामने इन दिग्गजों के बीच अपनी AI एडवाइस से खास पहचान बनाने की चुनौती है।
कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती रेवेन्यू में आई भारी गिरावट है। इस स्थिति से निपटने के लिए Dream Sports ने 100 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की है। Dream Street के AI एडवाइस की प्रभावशीलता अभी साबित होनी बाकी है। साथ ही, कंपनी के पास ट्रेडिशनल ब्रोकर्स की तुलना में फाइनेंशियल सर्विसेज का अनुभव और क्लाइंट हिस्ट्री कम है। पुराने बिजनेस से जुड़े रेगुलेटरी इश्यूज भी निवेशकों का भरोसा कम कर सकते हैं।
Dream Street का लक्ष्य AI-पावर्ड पर्सनलइज्ड गाइडेंस के जरिए खासकर छोटे शहरों के नए निवेशकों के लिए एडवांस इन्वेस्टमेंट एडवाइस को आसान बनाना है। CEO Harsh Jain का विजन है कि फैंटेसी स्पोर्ट्स में डेवलप किए गए डेटा और टेक्नोलॉजी स्किल्स का इस्तेमाल कर एक खास यूजर एक्सपीरियंस दिया जाए। यह एक बड़ा बदलाव है और इसके लिए नए प्रोडक्ट्स और रेवेन्यू स्ट्रीम की जरूरत होगी।