Dixon Technologies: प्रॉफिट में गिरावट, पर शेयर भागा! Vivo JV डील से निवेशकों को बड़ी उम्मीद

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AuthorNeha Patil|Published at:
Dixon Technologies: प्रॉफिट में गिरावट, पर शेयर भागा! Vivo JV डील से निवेशकों को बड़ी उम्मीद
Overview

Dixon Technologies ने Q4 FY26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट में **36.03%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इस तिमाही के कमजोर नतीजों के बावजूद, कंपनी के शेयरों में **तेजी** देखी जा रही है। इसकी मुख्य वजह Vivo के साथ प्रस्तावित जॉइंट वेंचर (JV) को लेकर निवेशकों का उम्मीदों भरा रुख है, जिस पर कंपनी के CEO अतुल लाल ने जल्द ही सरकारी मंज़ूरी मिलने का संकेत दिया है।

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Vivo JV डील की उम्मीदों के सहारे Dixon Technologies के शेयर चमके

Dixon Technologies के शेयरों में Vivo के साथ प्रस्तावित जॉइंट वेंचर (JV) को लेकर चल रही अटकलों और उम्मीदों ने आज ज़ोर पकड़ा, जिससे स्टॉक में उछाल देखा गया। इस JV की घोषणा दिसंबर 2024 में हुई थी, और कंपनी के CEO अतुल लाल ने संकेत दिया है कि इस डील को लेकर सरकारी मंज़ूरी मिलने की उम्मीदें लगभग पूरी हो चुकी हैं। अगर यह JV सफल होता है, तो इससे Dixon की वार्षिक विनिर्माण क्षमता में 20-22 मिलियन यूनिट का इजाफा हो सकता है, जो कंपनी के भविष्य के विकास के लिए एक बड़ा बूस्टर साबित होगा। यह सकारात्मक खबर, हालिया तिमाही नतीजों की चिंता को पीछे छोड़ती हुई नज़र आई।

नतीजों में गिरावट, पर रेवेन्यू में थोड़ी बढ़त

कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी किए, जिसमें शुद्ध लाभ (Net Profit) में 36.03% की सालाना गिरावट दर्ज की गई, जो ₹400.82 करोड़ से घटकर ₹256.41 करोड़ रह गया। हालांकि, परिचालन से राजस्व (Revenue from operations) में मामूली 2.12% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹10,510.51 करोड़ दर्ज किया गया।

तेज़ी से बढ़ते EMS सेक्टर का हिस्सा, पर वैल्युएशन पर सवाल

Dixon Technologies भारत के तेज़ी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) सेक्टर का हिस्सा है, जिसके 2031 तक 62.07 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम और 'मेक इन इंडिया' जैसे कार्यक्रमों से इस सेक्टर को बल मिल रहा है। इस बीच, कंपनी का P/E अनुपात (44.8x) कुछ विश्लेषकों के लिए प्रीमियम माना जा रहा है, हालांकि यह Amber Enterprises India (137-212x) जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अधिक आकर्षक लग सकता है। वहीं, PG Electroplast का P/E लगभग 21x है।

रेगुलेटरी जोखिम और ब्रोकरेज की चिंताएं

हालांकि, इस सकारात्मक माहौल के बीच कुछ चिंताएं भी हैं। Vivo JV को लेकर सरकारी मंज़ूरी की प्रक्रिया Enforcement Directorate (ED) द्वारा Vivo पर चल रही जांच के कारण थोड़ी जटिल हो गई है। Motilal Oswal Financial Services ने स्टॉक पर 'Reduce' रेटिंग देते हुए टारगेट प्राइस ₹10,560 रखा है, और निकट भविष्य में मोबाइल हैंडसेट इंडस्ट्री में सुस्ती, मेमोरी की बढ़ती कीमतें, PLI इंसेंटिव की समाप्ति और JV में संभावित देरी जैसे कारणों का हवाला दिया है। Goldman Sachs ने भी 'Sell' रेटिंग और ₹9,790 का टारगेट प्राइस बनाए रखा है, जो बताता है कि DRAM की बढ़ी कीमतें मोबाइल फोन की बिक्री पर दबाव डाल रही हैं और FY27 में मोबाइल बिजनेस का आउटलुक कमजोर रह सकता है। कंपनी का शेयर अपने 52-सप्ताह के निम्न स्तर (₹9,600.00) के करीब कारोबार कर रहा है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.