Eternal (Zomato) और Swiggy के शेयर्स में तूफानी उछाल! जानें वजहें और ब्रोकरेज की राय

TECH
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Eternal (Zomato) और Swiggy के शेयर्स में तूफानी उछाल! जानें वजहें और ब्रोकरेज की राय
Overview

Eternal (Zomato) और Swiggy के शेयर में आज शानदार तेजी देखी गई, दोनों कंपनियों के स्टॉक्स ने भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ पिछले दिनों के लाभ को बढ़ाया है। बाजार में उम्मीदें हैं कि ये कंपनियां अपनी मार्केट लीडरशिप को और मजबूत करेंगी, खासकर क्विक कॉमर्स (QC) सेगमेंट में। हालांकि, मुनाफा कमाने की चुनौती और कड़ी प्रतिस्पर्धा अभी भी इन दिग्गजों के सामने हैं।

इस तूफानी तेजी की मुख्य वजह ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों का भरोसा और भारतीय मार्केट में क्विक कॉमर्स (QC) सेगमेंट में इनकी मजबूत पकड़ मानी जा रही है। बाजार के जानकारों का मानना है कि खाने की डिलीवरी (Food Delivery) में आ रही रिकवरी और इन कंपनियों की लॉन्ग-टर्म मार्केट लीडरशिप की उम्मीदों ने निवेशकों को आकर्षित किया है।

Eternal (Zomato) के शेयर मंगलवार को इंट्रा-डे ट्रेड में लगभग 6% चढ़कर ₹306.45 पर पहुंच गए, जिससे पिछले दो दिनों में शेयर 8% बढ़ चुका है। इस उछाल में लगभग 6.47 करोड़ इक्विटी शेयर्स का भारी वॉल्यूम देखा गया। वहीं, Swiggy का स्टॉक प्राइस 5% बढ़कर ₹351.15 पर पहुँच गया, जो पिछले दो दिनों में 10% की बढ़त है और इस दौरान लगभग 1.93 करोड़ शेयर ट्रेड हुए।

यह तेजी ऐसे समय में आई है जब पिछले छह महीनों में ये दोनों डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स BSE Sensex के लगभग 5% के उछाल की तुलना में अंडरपरफॉर्म कर रहे थे। Eternal के शेयर 1% गिरे थे, जबकि Swiggy 13% लुढ़क गया था।

Eternal, अपनी सहायक कंपनी Blinkit के ज़रिए, भारतीय क्विक कॉमर्स (QC) मार्केट में 50% से ज़्यादा की हिस्सेदारी के साथ मज़बूत स्थिति में है। कंपनी का फूड डिलीवरी बिजनेस भी लगातार बढ़ रहा है, जिसमें हाल की तिमाही में नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) 55% साल-दर-साल (YoY) बढ़ी है। BNP Paribas India के एनालिस्ट्स ने Eternal को 'Outperform' रेटिंग दी है और ₹420 का टारगेट प्राइस सेट किया है। Motilal Oswal ने भी 'Buy' रेटिंग के साथ ₹360 का टारगेट दिया है, Blinkit को 'जेनरेशनल अपॉर्च्युनिटी' बताया है।

वहीं, Swiggy ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में 35% की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹15,226.8 करोड़ का आंकड़ा पार किया है। हालांकि, इसकी क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Instamart को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। दिसंबर तिमाही में Instamart का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) दोगुना होकर ₹7,938 करोड़ हो गया, लेकिन एडजस्टेड EBITDA लॉस ₹578 करोड़ से बढ़कर ₹908 करोड़ हो गया। इसके बावजूद, Instamart का मार्केट शेयर 25-32% है। Motilal Oswal ने ₹440 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है, जबकि Elara Capital ने ₹425 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग दी है।

भारत का ई-कॉमर्स मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है और 2030 तक $363.3 बिलियन तक पहुँचने का अनुमान है। ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी मार्केट 2025 में $55.58 बिलियन से बढ़कर 2034 तक $337.15 बिलियन हो जाएगा। क्विक कॉमर्स सेगमेंट, जो 2026 में $3.65 बिलियन का था, 2031 तक $6.64 बिलियन पहुँचने की उम्मीद है।

हालांकि, इन कंपनियों के सामने कई चुनौतियां हैं। Eternal का P/E रेश्यो 110 से ऊपर है और TTM P/E लगभग 449 के आसपास है, जो मौजूदा वैल्यूएशन को काफी महंगा दिखाता है। कंपनी का ROE महज़ 7.13% और पिछले पांच सालों में EBITDA मार्जिन औसतन -11.47% रहा है।

Swiggy के लिए स्थिति और गंभीर है। कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2024-2025 में ₹-2,389.7 करोड़ का EBITDA घाटा दर्ज किया है। इसका ROE -255.36% और ऑपरेटिंग मार्जिन -34.26% है। Instamart में बढ़ते घाटे से कंपनी के संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है।

इसके अलावा, Zepto, Flipkart Minutes और JioMart जैसी कंपनियां भी इस मार्केट में ज़ोर-शोर से अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में लगी हैं, जिससे प्राइसिंग प्रेशर और मार्केटिंग खर्च बढ़ रहा है। महंगाई और स्थिर वेतन के कारण ग्राहकों की खर्च करने की क्षमता पर भी असर पड़ रहा है।

एनालिस्ट्स के टारगेट बताते हैं कि Eternal के लिए ₹420 और Swiggy के लिए ₹440 तक जाने की उम्मीद है। भारत में ई-कॉमर्स और फ़ूड डिलीवरी सेक्टर का भविष्य उज्ज्वल है, लेकिन लगातार मुनाफा कमाना इन कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। निवेशक इस बात पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि Eternal और Swiggy कैसे इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में टिके रहते हैं और बढ़ते खर्चों को मैनेज करके प्रॉफिट कमा पाते हैं। Swiggy अपनी IPO की तैयारी भी कर रही है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.