Deep Algorithms को मिले ₹16 करोड़, AI सिक्योरिटी में ग्लोबल विस्तार की तैयारी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Deep Algorithms को मिले ₹16 करोड़, AI सिक्योरिटी में ग्लोबल विस्तार की तैयारी
Overview

AI सिक्योरिटी फर्म Deep Algorithms ने Unicorn India Ventures के नेतृत्व में **₹16 करोड़** की प्री-सीरीज ए फंडिंग (Pre-Series A Funding) सफलतापूर्वक हासिल कर ली है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने agentic AI identity security platform के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करने और प्रोडक्ट डेवलपमेंट को गति देने के लिए करेगी।

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₹16 करोड़ की फंडिंग से AI सिक्योरिटी में मजबूती

AI साइबर सिक्योरिटी कंपनी Deep Algorithms ने ₹16 करोड़ (लगभग $1.71 मिलियन USD) की प्री-सीरीज ए फंडिंग जुटाई है। इस निवेश का नेतृत्व Unicorn India Ventures ने किया, जिसमें UAE स्थित SB Investment, अमेरिका के Gradiant के CEO Prakash Govindan और भारत के inMorphis के CEO Himanshu Singhal जैसे अन्य रणनीतिक निवेशक भी शामिल थे। यह फंड कंपनी को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने और अपने agentic AI identity security platform को और बेहतर बनाने में मदद करेगा।

Agentic AI सुरक्षा की बढ़ती जरूरत

आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम तेजी से स्वायत्त (autonomous) होकर काम कर रहे हैं, जिससे नई तरह की साइबर सुरक्षा चुनौतियां पैदा हो रही हैं। 'Agentic AI' सिस्टम स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकते हैं और कार्रवाई कर सकते हैं, जिससे असुरक्षित पहचान, अनियंत्रित स्वायत्तता और जटिल AI नेटवर्क में व्यापक हैकिंग का खतरा बढ़ जाता है। Deep Algorithms की मुख्य रणनीति 'agentic identity security' और लगातार व्यवहार विश्लेषण (behavioral analysis) पर केंद्रित है, ताकि एंटरप्राइज सुरक्षा में इस बड़े गैप को भरा जा सके। कंपनी के संस्थापक और CEO JP Mishra का कहना है कि अब पहचान (identity) गतिशील है और यह लगातार बदल रहे व्यवहारिक संकेतों से परिभाषित होती है, जो AI-संचालित हमलों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण 'फिंगरप्रिंट' का काम करता है।

Adapting to New Threats

Deep Algorithms कई तरह के सुरक्षा प्रोडक्ट पेश करती है। इनका adapID-AI एक एडैप्टिव बिहेवियरल इंटेलिजेंस इंजन है जो रियल-टाइम में क्रेडेंशियल कॉम्प्रोमाइज, लेटरल मूवमेंट और असामान्य एक्सेस जैसे खतरों का पता लगाने के लिए सिस्टम में यूजर की गतिविधियों पर नजर रखता है। वहीं, BotShield-AI जीरो-डे थ्रेट प्रिवेंशन, DDoS मिटिगेशन और एप्लीकेशन सिक्योरिटी पर केंद्रित है। कंपनी BotShield AI CTEM जैसा प्लेटफॉर्म भी प्रदान करती है, जो agentic AI के लिए एक ऑटोनॉमस डिफेंस टूल है। ये टूल्स बिहेवियरल बायोमेट्रिक्स और कंटीन्यूअस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करते हैं, जो विशेष रूप से वित्तीय सेवाओं (Financial Services) जैसे क्षेत्रों में धोखाधड़ी को रोकने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भविष्य की राह और महत्वाकांक्षी लक्ष्य

साइबर सिक्योरिटी का बाजार AI और पहचान सुरक्षा (Identity Protection) की बढ़ती मांग के कारण तेजी से बढ़ रहा है। AI in Security का वैश्विक बाजार 2034 तक $26.3 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि AI सिक्योरिटी प्रोडक्ट्स का बाजार उसी साल $57.87 बिलियन तक पहुंच सकता है। Deep Algorithms इस तेजी वाले क्षेत्र में agentic AI identity security पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य FY2027 तक एनुअल रेवेन्यू (ARR) में 20 गुना की वृद्धि करना है, साथ ही FY25 से FY26 के बीच 3 गुना की वृद्धि का अनुमान है। BFSI (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ और बीमा) और फिनटेक जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सेवा देते हुए, कंपनी का यह नया फंड उसे एक बड़े खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.