डेवोस 2026: AI उत्पादन बढ़ेगा, लेकिन पावर और सुरक्षा की बाधाएं!

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AuthorNeha Patil|Published at:
डेवोस 2026: AI उत्पादन बढ़ेगा, लेकिन पावर और सुरक्षा की बाधाएं!
Overview

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) डेवोस में वैश्विक प्रौद्योगिकी नेताओं ने 2026 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष के रूप में पहचाना है, जो पायलट कार्यक्रमों से बड़े पैमाने पर उत्पादन की ओर बढ़ेगा। अधिकारियों ने इस अगले चरण के लिए बिजली की उपलब्धता, मजबूत सुरक्षा प्रणालियों को सुनिश्चित करने और एंटरप्राइज-रेडीनेस को प्राप्त करने में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया। ये व्यावहारिक चुनौतियाँ अब इस क्षेत्र में निवेश और नवाचार के मुख्य चालक बन गई हैं।

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AI उत्पादन चरण में प्रवेश

2026 में बड़े पैमाने पर AI की तैनाती के लिए महत्वपूर्ण व्यावहारिक बाधाओं को दूर करना अब अत्यंत आवश्यक है। डेवोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच में उद्योग के नेताओं ने ऊर्जा उपलब्धता को एक प्रमुख चिंता बताया। सिस्को के प्रेसिडेंट और चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर, जीतू पटेल ने कहा कि वर्षों के प्रयोग के बाद, AI एक परिपक्व चरण में प्रवेश कर रहा है, और 2026 एजेंटिक AI और फिजिकल AI के शुरुआती रूपों के उत्पादन में जाने का वर्ष होगा।

पावर: अगला अड़चन

एमरल्ड AI के संस्थापक और सीईओ, वरुण शिवराम ने चेतावनी दी है कि 2026 तक अमेरिका और भारत जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में ऊर्जा की कमी AI की महत्वाकांक्षाओं को महत्वपूर्ण रूप से बाधित कर सकती है। डेटा सेंटर क्षमता की योजना बनाई जा रही है, लेकिन इन सुविधाओं को मौजूदा पावर ग्रिड से जोड़ने की क्षमता गंभीर रूप से सीमित है। एमरल्ड AI डेटा सेंटर पावर फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ाने के समाधान विकसित कर रहा है।

एंटरप्राइज रेडीनेस और सुरक्षा

वैश्विक संचालन की जटिलता निर्णय लेने के उपकरण के रूप में AI की मांग को बढ़ा रही है। ओ9 सॉल्यूशंस के सह-संस्थापक और सीईओ, चक्री गोत्तेमुक्कल ने बताया कि बड़े भाषा मॉडल (LLMs) लोकप्रिय हुए हैं, लेकिन निर्णय लेने पर उनका प्रभाव अभी भी सीमित है। उनका सुझाव है कि भविष्य न्यूरो-सिम्बॉलिक AI में निहित है, जो LLMs को संरचित एंटरप्राइज नॉलेज के साथ जोड़कर फ्रंटलाइन टीमों को सशक्त करेगा। साथ ही, AI सिस्टम को सुरक्षित करना भी एक शीर्ष प्राथमिकता बन गया है। चेक प्वाइंट सॉफ्टवेयर के सीटीओ, जोनाथन ज़ैंगर ने देखा कि कई AI समाधान सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन नहीं किए गए थे, जिससे कमजोरियां पैदा हुईं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.