D-Link India: शेयर में दोहरी चाल! स्टैंडअलोन में गिरावट, कंसॉलिडेटेड में मजबूती, ₹6.11 करोड़ कस्टम्स का नोटिस!

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Author Aditi Chauhan | Published at:
D-Link India: शेयर में दोहरी चाल! स्टैंडअलोन में गिरावट, कंसॉलिडेटेड में मजबूती, ₹6.11 करोड़ कस्टम्स का नोटिस!
Overview

D-Link India के तिमाही नतीजों ने निवेशकों को चौंका दिया है। कंपनी की स्टैंडअलोन (Standalone) परफॉर्मेंस में बड़ी गिरावट आई है, जहाँ रेवेन्यू **17.4%** और मुनाफा **42.7%** गिरा है। वहीं, कंसॉलिडेटेड (Consolidated) लेवल पर कंपनी ने रफ्तार पकड़ी है, रेवेन्यू **16.8%** बढ़ा और मुनाफा **15.6%** चढ़ा। लेकिन, कहानी यहीं खत्म नहीं होती, कंपनी पर कस्टम्स विभाग से **₹611.49 लाख** (लगभग ₹6.11 करोड़) की एक बड़ी डिमांड नोटिस भी आई है।

नतीजों का लेखा-जोखा: स्टैंडअलोन में गिरावट, कंसॉलिडेटेड में मजबूती

D-Link (India) Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के अपने नतीजे पेश किए हैं, जो दो अलग-अलग तस्वीर पेश करते हैं। स्टैंडअलोन आधार पर, कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 17.4% की भारी गिरावट देखी गई, जो गिरकर ₹1,11,689.58 लाख रह गया। वहीं, शुद्ध लाभ (Profit After Tax - PAT) में 42.7% की बड़ी सेंध लगी और यह ₹1,299.48 लाख दर्ज किया गया। इसके परिणामस्वरूप, प्रति शेयर आय (EPS) भी 42.7% घटकर ₹1.30 हो गई।

इसके विपरीत, कंपनी की कंसॉलिडेटेड परफॉर्मेंस काफी उत्साहजनक रही। कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में 16.8% का शानदार इजाफा हुआ और यह ₹98,961.30 लाख पर पहुंच गया। कंसॉलिडेटेड PAT में भी 15.6% की मजबूती देखी गई, जो ₹3,794.46 लाख रहा। इस आधार पर, कंसॉलिडेटेड EPS ₹3.79 रहा। अगर तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) के आंकड़ों पर नजर डालें, तो स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 10.7% की बढ़ोतरी हुई और PAT में 14.1% का इजाफा दर्ज किया गया।

मुनाफे पर असर डालने वाले अन्य कारक

कंसॉलिडेटेड नतीजों को बेहतर दिखाने में 'अन्य आय' (Other Income) का भी हाथ रहा, हालांकि यह इस तिमाही में ₹3,825.57 लाख निगेटिव दर्ज की गई। वहीं, नए लेबर कोड (Labour Codes) के लागू होने से कंपनी की परिचालन लागत (Operational Costs) बढ़ी है। स्टैंडअलोन आधार पर, कर्मचारियों से जुड़े लाभों (Employee Benefit Obligations) में ₹192.41 लाख का अतिरिक्त खर्च दर्ज किया गया, जबकि कंसॉलिडेटेड आधार पर यह राशि ₹207.68 लाख रही।

सबसे बड़ा सिरदर्द: कस्टम्स का डिमांड ऑर्डर

कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती 19 जनवरी 2026 को मुंबई कस्टम्स कमिश्नर से प्राप्त एक डिमांड ऑर्डर है। इस ऑर्डर के अनुसार, कंपनी पर ₹611.49 लाख (लगभग ₹6.11 करोड़) का भुगतान करने की मांग की गई है। कस्टम्स विभाग का कहना है कि ताइवान स्थित पैरेंट कंपनी D-Link Corporation को भुगतान की गई रॉयल्टी (Royalty Payments) को आयातित माल (Imported Goods) के 'असेसिबल वैल्यू' (Assessable Value) में शामिल किया जाना चाहिए था। D-Link India इस ऑर्डर के खिलाफ कानूनी अपील करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है।

आगे की राह और जोखिम

इन वित्तीय नतीजों के बीच, कंपनी के लिए एक और महत्वपूर्ण खबर यह है कि एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर (Independent Director), सुश्री चिंग चुन यांग (Ms. Ching Chun Yang), ने 5 फरवरी 2026 से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने बताया कि यह इस्तीफा व्यक्तिगत और पेशेवर कारणों से दिया गया है।

निवेशकों को कंपनी के स्टैंडअलोन बिजनेस में आई तेज गिरावट, कस्टम्स डिमांड ऑर्डर से उत्पन्न होने वाली संभावित बड़ी वित्तीय देनदारी और नए लेबर कोड के कारण बढ़े हुए कर्मचारी खर्च जैसे जोखिमों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने स्टैंडअलोन प्रदर्शन को कैसे मजबूत करती है और कस्टम्स मामले का क्या नतीजा निकलता है।

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