क्रिप्टो माइनर्स की नई चाल! AI और HPC में लगाया दांव, शेयर रॉकेट बने

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
क्रिप्टो माइनर्स की नई चाल! AI और HPC में लगाया दांव, शेयर रॉकेट बने
Overview

बिटकॉइन माइनिंग कंपनियों के शेयर इन दिनों कमाल दिखा रहे हैं। भले ही बिटकॉइन की कीमत में गिरावट आई हो, लेकिन टेरावुल्फ़ (Terawulf - WULF) और साइफर डिजिटल (Cipher Digital - CIFR) जैसी अमेरिकी लिस्टेड कंपनियां हालिया गिरावट से अलग प्रदर्शन कर रही हैं। इसकी मुख्य वजह इन कंपनियों का हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग (HPC) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सर्विसेज की ओर रणनीतिक बदलाव है।

माइनर्स का नया धंधा: AI और HPC की तरफ रुख

बिटकॉइन माइनर्स अब सिर्फ क्रिप्टो माइनिंग तक सीमित नहीं हैं। वे तेजी से हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग (HPC) और AI सर्विसेज के क्षेत्र में कदम रख रहे हैं, जिसने उनके स्टॉक की परफॉरमेंस को नई ऊंचाई दी है। टेरावुल्फ़ (WULF) और साइफर माइनिंग (CIFR) जैसी कंपनियों ने Google Cloud और Amazon Web Services (AWS) जैसे बड़े क्लाउड प्रोवाइडर्स के साथ बड़े कांट्रैक्ट किए हैं। ये कंपनियां अब AI वर्कलोड के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया करा रही हैं। साइफर माइनिंग तो फरवरी 2026 तक अपने ब्लैक पर्ल फैसिलिटी से बिटकॉइन माइनिंग पूरी तरह बंद करने वाली है, जो कि पूरी तरह से इस नए बिजनेस मॉडल की ओर जाने का संकेत है। अनुमान है कि इस बदलाव से 2026 में टेरावुल्फ़ के रेवेन्यू में 132% और साइफर माइनिंग के रेवेन्यू में 66% की बढ़ोतरी हो सकती है। Hut 8 Corp., IREN Limited, और Core Scientific, Inc. जैसी कंपनियां भी इसी राह पर चल रही हैं।

मिक्स्ड फाइनेंशियल पिक्चर: वैल्यूएशन और कर्ज का खेल

हालांकि, इन कंपनियों की फाइनेंशियल हेल्थ और वैल्यूएशन पर नजर डालें तो तस्वीर मिली-जुली है। टेरावुल्फ़ (WULF) का पिछला बारह महीने का P/E रेश्यो करीब -10.60 से -11.21 के बीच है और इसकी मार्केट कैप लगभग $6.44 बिलियन है। लेकिन, इस पर 4.45 का बड़ा डेट-टू-इक्विटी रेश्यो है, जो कर्ज का बोझ दिखाता है। Hut 8 (HUT) का TTM P/E रेश्यो 25.09 से 28.30 के बीच है, मार्केट कैप लगभग $5.72-$5.95 बिलियन है, और इसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो सिर्फ 0.14 है। साइफर माइनिंग (CIFR) का वैल्यूएशन थोड़ा पेचीदा है, TTM P/E रेश्यो -79.90 तक नीचे है, लेकिन फॉरवर्ड P/E लगभग 54.00 है। इसकी मार्केट कैप करीब $6.79 बिलियन है और फॉरवर्ड P/S रेश्यो 18.94 है, जो इंडस्ट्री एवरेज से काफी ऊपर है। Core Scientific (CORZ) की मार्केट कैप $5.34 बिलियन है, लेकिन TTM P/E रेश्यो 123.98 है, जो इंडस्ट्री एवरेज से बहुत ज्यादा है। इसका बीटा 6.86 भी बाजार के मुकाबले अत्यधिक अस्थिरता दर्शाता है।

जोखिम और चुनौतियां: हेज फंड्स की नजर

AI और HPC में इस बड़े बदलाव के साथ कुछ बड़े जोखिम भी जुड़े हैं। इन कंपनियों को बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना होगा, और 2026 तक इन प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा करना टेरावुल्फ़ और साइफर माइनिंग जैसी कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। साइफर माइनिंग का बीटा 2.95 और कोर साइंटिफिक का अत्यधिक बीटा 6.86 इन स्टॉक्स की हाई वोलैटिलिटी को दिखाता है। इसके अलावा, कोर साइंटिफिक का TTM P/E रेश्यो 899.00X इंडस्ट्री एवरेज 11.81X से कहीं ज्यादा है, जो साफ तौर पर स्पेकुलेटिव वैल्यूएशन का संकेत है। टेरावुल्फ़ का 4.45 का हाई डेट-टू-इक्विटी रेश्यो वित्तीय दबाव डाल सकता है। साथ ही, हालिया आंकड़े बताते हैं कि फरवरी 2026 से पहले लगातार पांच हफ्तों तक बिटकॉइन स्पॉट ETFs से $3.8 बिलियन का आउटफ्लो हुआ है, जिससे मार्केट में अनिश्चितता बढ़ी है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 24 फरवरी, 2026 से इंपोर्ट पर 15% का ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा भी मार्केट को अस्थिर कर सकती है। ऐसे में, कुछ विश्लेषकों ने कोर साइंटिफिक के लिए 'सेल' रेटिंग दी है।

आगे क्या? विश्लेषकों का भरोसा

इन जोखिमों के बावजूद, कुछ विश्लेषक इस सेक्टर के बदलाव को लेकर उत्साहित हैं। मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) के विश्लेषकों ने साइफर माइनिंग (CIFR) के लिए $38 के टारगेट प्राइस और टेरावुल्फ़ (WULF) के लिए $37 के टारगेट प्राइस के साथ 'ओवरवेट' रेटिंग दी है। BTIG रिसर्च ने साइफर माइनिंग पर $25 का प्राइस ऑब्जेक्टिव देते हुए 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है। फरवरी 2026 के अंत में आने वाली टेरावुल्फ़ और हट 8 की अर्निंग रिपोर्ट्स उनके ऑपरेशनल परफॉरमेंस और भविष्य की गाइडेंस पर अहम जानकारी देंगी। इसी बीच, नैस्डैक-100 (Nasdaq-100) इंडेक्स में फरवरी 2026 के मध्य में मजबूत इकोनॉमिक डेटा के चलते तेजी देखी गई, जो ग्रोथ-ओरिएंटेड टेक्नोलॉजी और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेशक की रुचि को दर्शाता है। 24 फरवरी, 2026 को बिटकॉइन स्पॉट ETFs में $257.7 मिलियन का इनफ्लो यह बताता है कि मार्केट की सावधानी के बावजूद, इंस्टीट्यूशनल कैपिटल अभी भी सक्रिय रूप से अपनी पोजीशन री-एलोकेट कर रहा है।

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