संकट में Compuage Infocom, AGM भी सवालों के घेरे में
Compuage Infocom Limited के लिए यह वक्त काफी मुश्किलों भरा है। कंपनी अपनी 26वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 17 मार्च 2026 को आयोजित करने जा रही है, लेकिन यह मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी और सबसे अहम बात, कंपनी कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी रेसोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के दायरे में चल रही है।
नतीजे हुए जारी, घाटे में कंपनी
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जिनके मुताबिक, ₹3.01 करोड़ के रेवेन्यू पर कंपनी को ₹7.74 करोड़ का कंसोलिडेटेड लॉस (Loss) हुआ है। यह स्थिति कंपनी की खराब वित्तीय हालत को दर्शाती है।
ऑडिटर का 'डिस्क्लेमर': बड़ी चिंता का विषय
सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनी के ऑडिटर ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर 'डिस्क्लेमर ऑफ ओपिनियन' (Disclaimer of Opinion) जारी किया है। इसका सीधा मतलब है कि ऑडिटर कंपनी की असली वित्तीय स्थिति का आकलन करने या यह बताने में सक्षम नहीं हैं कि कंपनी एक गोइंग कंसर्न (Going Concern) के तौर पर आगे काम कर पाएगी या नहीं। यह रिपोर्ट गंभीर अनिश्चितताओं और अनुपालन (Compliance) संबंधी बड़ी समस्याओं की ओर इशारा करती है।
CIRP और लिक्विडेशन की ओर कदम
आपको याद दिला दें कि Compuage Infocom मार्च 2023 से ही नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के आदेश पर CIRP के तहत है। इस प्रक्रिया में, कंपनी का बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स पहले ही सस्पेंड हो चुका है और कंपनी का संचालन रेसोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) कर रहे हैं। हालात इतने खराब हो गए हैं कि अगस्त 2025 में, रेसोल्यूशन प्रोफेशनल ने खुद NCLT में कंपनी के लिक्विडेशन (Liquidation) यानी समापन के लिए अर्जी दाखिल कर दी है। यह इस बात का संकेत है कि कंपनी के लिए कोई रेसोल्यूशन प्लान (Resolution Plan) नहीं मिल पाया है।
गवर्नेंस पर भी सवाल?
ऑडिटर की चेतावनी के अलावा, सीक्रेटेरियल ऑडिट रिपोर्ट ने भी कई गैर-अनुपालनों (Non-compliances) को उजागर किया है। इसमें फाइनेंशियल रिजल्ट्स और एनुअल रिटर्न्स फाइल करने में देरी जैसे मुद्दे शामिल हैं, जो कंपनी के गवर्नेंस (Governance) में खामियों को दर्शाते हैं।
पीयर (Peer) के मुकाबले स्थिति!
इस मुश्किल दौर में, कंपनी के पीयर (Peer) रेडिंग्टन इंडिया लिमिटेड (Redington India Limited) की बात करें तो, यह IT डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में एक मजबूत कंपनी बनकर उभरी है। रेडिंग्टन इंडिया ने FY24 में ₹704 करोड़ का शानदार प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया था, जो Compuage Infocom की स्थिति के बिल्कुल विपरीत है।
मुख्य वित्तीय आंकड़े (FY25):
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹3.01 करोड़
- कंसोलिडेटेड लॉस: ₹7.74 करोड़
- बेसिक ईपीएस (Basic EPS) (कंसोलिडेटेड): ₹(0.98)
आगे क्या देखें?
अब निवेशकों की नजर NCLT में रेसोल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा दाखिल की गई लिक्विडेशन अर्जी के नतीजे पर होगी। इसके अलावा, CIRP की कार्यवाही में कोई भी नया डेवलपमेंट या किसी संभावित रेसोल्यूशन प्लान पर भी बारीकी से नजर रखनी होगी।
