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Coinbase का AI पेमेंट्स में बड़ा कदम! Linux Foundation में जाएगा x402 प्रोटोकॉल, Google-Visa जैसे दिग्गज साथ

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AuthorAditya Rao|Published at:
Coinbase का AI पेमेंट्स में बड़ा कदम! Linux Foundation में जाएगा x402 प्रोटोकॉल, Google-Visa जैसे दिग्गज साथ
Overview

Coinbase ने अपने AI पेमेंट प्रोटोकॉल, x402 को Linux Foundation के तहत लाने का फैसला किया है। इसका मकसद AI एजेंट्स के लिए ऑटोमैटिक और तेज माइक्रो-ट्रांजेक्शन (micro-transactions) का एक ओपन, कम्युनिटी-लेड स्टैंडर्ड बनाना है। इस महत्वपूर्ण पहल को Google, Visa, Mastercard और Stripe जैसे प्रमुख इंडस्ट्री प्लेयर्स का समर्थन मिला है।

AI पेमेंट्स का भविष्य, अब Linux Foundation के हाथों में!

Coinbase अपने x402 AI पेमेंट प्रोटोकॉल को Linux Foundation में स्थानांतरित कर रहा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य AI एजेंट्स द्वारा किए जाने वाले ऑटोमैटिक पेमेंट्स (agentic payments) के लिए एक खुला और समुदाय-संचालित स्टैंडर्ड तैयार करना है। ये स्टैंडर्ड तेज गति वाले माइक्रो-ट्रांजेक्शन (micro-transactions) को सक्षम करेगा, जो AI एजेंट्स के लिए महत्वपूर्ण हैं।

इंडस्ट्री के दिग्गजों का दमदार समर्थन

इस पहल को Google, Amazon Web Services (AWS), American Express, Mastercard और Visa जैसी बड़ी कंपनियों का समर्थन मिला है। यह व्यापक सहयोग AI पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए x402 को एक डि-फैक्टो स्टैंडर्ड बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह उन कंपनियों के लिए विशेष रूप से अहम है जो AI एजेंट्स के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। Visa जहां अपने Trusted Agent Protocol पर काम कर रही है, वहीं Mastercard एजेंट कॉमर्स में सक्रिय है, और Stripe ने भी अपनी मशीन पेमेंट्स प्रोटोकॉल पर काम किया है। इस तरह का सामूहिक प्रयास एजेंटिक कॉमर्स (agentic commerce) में भविष्य के अवसरों को भुनाने और इंटरऑपरेबिलिटी (interoperability) को बढ़ावा देने के लिए एक रणनीतिक संरेखण दर्शाता है।

Coinbase की स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप अप्रोच

यह कदम Coinbase की उस व्यापक रणनीति के अनुरूप है जहाँ कंपनी अपने विस्तार के लिए स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप (strategic partnerships) बनाने पर जोर दे रही है। x402 को Linux Foundation में ले जाना, AI एजेंट्स के बीच डिजिटल कॉमर्स में इंटरऑपरेबिलिटी की चुनौतियों को हल करने के लिए एक मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा, ठीक वैसे ही जैसे SSL ने वेब कम्युनिकेशन को सुरक्षित बनाया था।

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