AI से प्रोडक्टिविटी में भारी उछाल
CEO Brian Armstrong के अनुसार, AI टूल्स (AI Tools) अब डेवलपर्स की एफिशिएंसी (Efficiency) को कई गुना बढ़ा रहे हैं। जो काम पहले हफ्तों में होते थे, वे अब दिनों में पूरे हो रहे हैं। इससे न केवल तकनीकी टीमों बल्कि गैर-तकनीकी टीमों की भी कार्यक्षमता बढ़ी है, जिससे कंपनी की ऑपरेशनल स्पीड (Operational Speed) में बड़ा बदलाव आया है।
अब 'फ्लैटर ऑर्गेनाइजेशन' की बारी
इस AI-फर्स्ट मॉडल (AI-First Model) के तहत, Coinbase एक 'फ्लैटर ऑर्गेनाइजेशन' (Flatter Organization) अपना रहा है, यानी मैनेजमेंट लेयर्स (Management Layers) को कम किया जा रहा है। टीमों को छोटे और अधिक चुस्त (Agile) ग्रुप्स में बांटा जाएगा। लीडर्स 'प्लेयर-कोच' (Player-Coach) की भूमिका निभाएंगे, जिसमें वे मैनेजमेंट और काम दोनों को संभालेंगे। इसका मकसद फैसलों में तेज़ी लाना और बाज़ार की बदलती गति के प्रति अधिक संवेदनशील बनना है।
मंदी में भी लॉन्ग-टर्म लक्ष्य कायम
Armstrong ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ये कदम क्रिप्टो मार्केट की स्वाभाविक अस्थिरता (Volatility) के दौरान कंपनी की गति और एफिशिएंसी (Efficiency) को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी हैं। कठिन बाज़ार परिस्थितियों के बावजूद, Coinbase का क्रिप्टो एडॉप्शन (Crypto Adoption) को बढ़ाने का लॉन्ग-टर्म लक्ष्य (Long-term Goal) मज़बूत है। जिन कर्मचारियों को हटाया जा रहा है, उन्हें कंपनी की नीतियों के अनुसार पूरा वीवर पैकेज (Severance Package) और हेल्थकेयर बेनिफिट्स (Healthcare Benefits) दिए जाएंगे।
