Cognizant का AI दांव: 'Project Leap' से ₹25,000 करोड़ बचाने की तैयारी, मार्जिन गाइडेंस भी बढ़ी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Cognizant का AI दांव: 'Project Leap' से ₹25,000 करोड़ बचाने की तैयारी, मार्जिन गाइडेंस भी बढ़ी
Overview

Cognizant ने 'Project Leap' नाम से एक बड़ा रीस्ट्रक्चरिंग प्रोग्राम शुरू किया है। इस पहल का मकसद AI इंटीग्रेशन के जरिए लागत कम करना और कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाना है। कंपनी का अनुमान है कि इससे 2026 से हर साल **$200 मिलियन से $300 मिलियन** (लगभग ₹16,000 करोड़ से ₹25,000 करोड़) की सालाना बचत होगी, जो **2027** तक पूरी तरह हासिल हो जाएगी। इस बीच, Cognizant ने **2026** के लिए अपनी ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस को भी बढ़ाकर **16% से 16.2%** कर दिया है।

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AI की रफ्तार, लागत पर लगाम: 'Project Leap' का आगाज़

Cognizant अपने भविष्य को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के साथ और अधिक कुशल बनाने के लिए 'Project Leap' नामक एक बड़े रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के साथ सामने आई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का सीधा लक्ष्य 2026 से शुरू होकर 2027 तक पूरी तरह लागू होने वाले सालाना $200 मिलियन से $300 मिलियन (लगभग ₹16,000 करोड़ से ₹25,000 करोड़) की बचत करना है। इस बचाई गई रकम का लगभग दो-तिहाई हिस्सा कंपनी अपनी AI क्षमताओं को बेहतर बनाने, नई तकनीकों में निवेश करने और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने में खर्च करेगी। बाकी का एक-तिहाई हिस्सा अपने कर्मचारियों के कौशल विकास (upskilling) और ट्रेनिंग पर लगाया जाएगा, जो दर्शाता है कि कंपनी दक्षता के साथ-साथ अपनी मानव पूंजी को भी मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

बड़ी लागत, बड़ा दांव

यह पूरा ट्रांसफॉर्मेशन $230 मिलियन से $320 मिलियन (लगभग ₹19,000 करोड़ से ₹27,000 करोड़) की लागत के साथ आएगा, जिसमें मुख्य रूप से कर्मचारियों को हटाने (severance) और संबंधित खर्चों का भुगतान शामिल होगा। इस पहल से Cognizant को 2026 के लिए अपने एडजस्टेड ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस में 20 से 40 बेसिस पॉइंट की वृद्धि कर 16% से 16.2% तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

IT मार्केट की चुनौती और Cognizant की रणनीति

IT सर्विसेज सेक्टर इस वक्त धीमी मांग और कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है, खासकर TCS और Infosys जैसी भारतीय कंपनियों से। ऐसे माहौल में, 'Project Leap' Cognizant को इन चुनौतियों से निपटने और आगे बढ़ने में मदद करेगा। कंपनी की AI स्ट्रेटेजी और OpenAI व Palantir जैसी कंपनियों के साथ हुई साझेदारियां इसके लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण हैं। Cognizant को उम्मीद है कि कर्मचारियों की संरचना में बदलाव, जिसमें अधिक नए कर्मचारियों और हाल के स्नातकों को शामिल करना शामिल है, AI-संचालित सेवाओं की डिलीवरी को तेज करेगा। कंपनी के वैश्विक वर्कफोर्स में लगभग 357,600 कर्मचारी हैं, जिनमें से 70% से अधिक भारत में कार्यरत हैं। इस रीस्ट्रक्चरिंग का असर यहीं देखने को मिलेगा, जिसमें 5,000 से कम कर्मचारियों पर प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

जोखिम और उम्मीदें

Cognizant की 'ब्रॉडर पिरामिड' मॉडल अपनाने की रणनीति, जिसमें AI-संचालित सेवाओं के जरिए प्रॉफिट बढ़ाना शामिल है, में महत्वपूर्ण एग्जीक्यूशन रिस्क (लागू करने की चुनौतियां) भी हैं। नए टैलेंट को तेजी से डेवलप करना और उन्हें स्पेशलाइज्ड भूमिकाओं में लाना एक बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में $230 मिलियन से $320 मिलियन की लागत, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और पार्टनरशिप में चल रहे निवेश के साथ, कंपनी पर स्पष्ट रिटर्न दिखाने और अपने मार्जिन टारगेट को पूरा करने का दबाव बढ़ाएगा। हालांकि, एनालिस्ट्स इस कदम को लेकर सतर्क हैं, लेकिन ज्यादातर का मानना है कि स्टॉक में अच्छी अपसाइड पोटेंशियल (बढ़त की संभावना) है। कंपनी का 2026 का आउटलुक 4.0% से 6.5% के रेवेन्यू ग्रोथ और 16.0% से 16.2% के एडजस्टेड ऑपरेटिंग मार्जिन का अनुमान लगाता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.