कंपनी के ऑर्डर मजबूत, पर मार्जिन पर दबाव
Motilal Oswal Financial Services, Coforge Ltd. को लेकर अभी भी बुलिश है। उनका मानना है कि कंपनी के पास एक मजबूत और एग्जीक्यूटेबल ऑर्डर बुक है, साथ ही विभिन्न सेक्टर्स में क्लाइंट्स की तरफ से भी खर्च बढ़ रहा है। Cigniti के इंटीग्रेशन से क्रॉस-सेलिंग के बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जो कंपनी की मीडियम-टर्म ग्रोथ को बढ़ा सकता है।
लेकिन, कंपनी के हालिया फाइनेंशियल नतीजों ने थोड़ी चिंताएं बढ़ा दी हैं। जनवरी 2026 में Coforge के तीसरी तिमाही के फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे बताते हैं कि रेवेन्यू 5.1% बढ़कर ₹4,188 करोड़ हो गया। हालांकि, प्रॉफ़िट मार्जिन पर दबाव देखा गया। अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट एंड टैक्सेस (EBIT) मार्जिन पिछले क्वार्टर की तुलना में 0.6% घटकर 13.4% पर आ गया। इसका एक बड़ा कारण लेबर कोड से जुड़ा ₹118 करोड़ का एक-मुश्त खर्च (one-time expense) था। इसके चलते कंपनी का नेट प्रॉफ़िट भी पिछले क्वार्टर की तुलना में 33.4% गिर गया, जो एनालिस्ट्स की उम्मीदों के विपरीत था।
एनालिस्ट्स को दिख रहा बड़ा उछाल, पर शेयर क्यों गिर रहा?
Motilal Oswal ने Coforge के लिए ₹1,880 का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो मौजूदा भाव से 73% तक की बढ़ोतरी का संकेत देता है। यह वैल्युएशन FY27 के लिए 19x और FY28 के लिए 15x फॉरवर्ड P/E मल्टीपल्स पर आधारित है। हालांकि, नियर-टर्म में ट्रैवल बिजनेस में दिख रहे रिस्क के कारण ब्रोकरेज ने अर्निंग्स एस्टिमेट्स में 4-6% की कटौती की है। AI द्वारा आईटी सर्विसेज में संभावित व्यवधान (disruption) की चिंताओं ने Motilal Oswal को अपने टारगेट वैल्युएशन मल्टीपल को 32x से घटाकर 26x करने पर मजबूर किया।
दूसरे एनालिस्ट्स के टारगेट प्राइस भी मिले-जुले, लेकिन ज़्यादातर बुलिश हैं, जो ₹1,871.58 से लेकर ₹2,260.00 तक हैं। यह 107% तक की संभावित अपसाइड दिखाता है। इन बड़े टारगेट्स के बावजूद, Coforge के शेयर में काफी बिकवाली का दबाव देखा गया। 20 मार्च 2026 तक, इसकी मार्केट कैप ₹365.79 बिलियन थी। यह शेयर 20 मार्च 2026 को लगभग ₹1,089 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले महीने में 26.71% की भारी गिरावट के बाद है। इसने 17 मार्च 2026 को ₹1,008.1 का नया 52-हफ्ते का निचला स्तर छुआ था। यह परफॉर्मेंस एनालिस्ट्स के टारगेट और मौजूदा मार्केट सेंटीमेंट के बीच बड़े गैप को दर्शाता है।
निवेशकों का शक और IT सेक्टर की चुनौतियां
Coforge के शेयर के हालिया प्रदर्शन से पता चलता है कि निवेशकों की चिंताएं सिर्फ ऑर्डर बुक से कहीं ज्यादा हैं। MarketsMOJO, जिसने पहले Coforge को 'Buy' रेटिंग दी थी, उसने 6 फरवरी 2026 को इसे 'Hold' पर डाउनग्रेड कर दिया। इसका कारण गिरता हुआ Mojo Score और खराब होते टेक्निकल सिग्नल्स थे। शेयर में महीने-दर-महीने आई भारी गिरावट और प्रमुख मूविंग एवरेजेज को तोड़ना, कंपनी के सामने तत्काल चुनौतियों को दिखाता है।
पूरे भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर में फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए केवल मिड-सिंगल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है। ग्लोबल इकोनॉमिक कंडीशंस कमजोर बनी हुई हैं और कंपनियां टेक्नोलॉजी पर कम खर्च कर रही हैं। हालांकि AI को भविष्य के ग्रोथ ड्राइवर के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन इसके बड़े पैमाने पर डिप्लॉयमेंट से मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है और ऑपरेशनल मॉडल लेबर-इंटेंसिव से प्लेटफॉर्म-बेस्ड हो सकते हैं, जिससे मौजूदा रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है। Coforge का 13.4% EBIT मार्जिन प्रतिस्पर्धी है, लेकिन इंडस्ट्री में हो रहे इन बदलावों के बीच इस पर और दबाव आ सकता है। TCS और Infosys जैसे बड़े प्लेयर्स के मुकाबले, जिनका P/E रेशियो भी हाई है, Coforge का वैल्युएशन हालिया मार्जिन स्क्वीज और मार्केट की मौजूदा रिस्क एवर्सन को देखते हुए हाई लगता है, जैसा कि इसके 52-हफ्ते के लो से जाहिर होता है। कंपनी का फोकस सिर्फ ऑर्डर लेने की बजाय सॉल्यूशंस बनाने पर है, जिसका मकसद हायर-वैल्यू वर्क हासिल करना है। लेकिन, सफल एग्जीक्यूशन और स्टेबल मार्जिन ही इसके वैल्युएशन और एनालिस्ट्स के टारगेट को सही ठहराने के लिए जरूरी होंगे।
सेक्टर आउटलुक में सुधार से आई हल्की तेजी
मौजूदा सावधानी के बावजूद, 20 मार्च 2026 को IT सेक्टर को एक पॉजिटिव, हालांकि शायद अस्थायी, बूस्ट मिला। यह Accenture के मजबूत तिमाही नतीजों के बाद हुआ, जिसने उम्मीदों से बेहतर परफॉरमेंस दी और फुल-ईयर रेवेन्यू फोरकास्ट को बढ़ाया। इस खबर ने भारतीय IT स्टॉक्स में तेजी ला दी, जिसमें Coforge और Persistent Systems ने 18 मार्च 2026 को 4% से ज्यादा की बढ़त के साथ लीड किया।
कई प्लेटफॉर्म्स के अनुसार Coforge के लिए एनालिस्ट्स की कंसेंसस रेटिंग ज़्यादातर 'Buy' बनी हुई है, और कई एनालिस्ट्स स्टॉक की सलाह दे रहे हैं। हालांकि, इन हाई प्राइस टारगेट्स और शेयर की हालिया गिरावट के बीच का गैप बताता है कि निवेशक AI के इम्पैक्ट, संभावित मार्जिन ड्रॉप और इकोनॉमिक चुनौतियों का वजन Coforge की मजबूत ऑर्डर बुक और ग्रोथ प्रोस्पेक्ट्स के मुकाबले कर रहे हैं।
