ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में दमदार तेजी
कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस की बात करें तो इस तिमाही में EBITDA मार्जिन 20.6% रहा, जो पिछली तिमाही से 232 बेसिस पॉइंट ज्यादा है। वहीं, रेवेन्यू (Revenue) में 5.2% का इजाफा हुआ और यह ₹4,450 करोड़ पर जा पहुंचा। साल-दर-साल (Year-on-Year) आधार पर देखें तो रेवेन्यू में 30% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई।
एकमुश्त फायदे का असर
हालांकि, रिपोर्ट किए गए ₹612 करोड़ के मुनाफे में एक बड़ा फैक्टर एकमुश्त टैक्स देनदारी की वापसी का रहा, जिसने नतीजों को बढ़ाया। इस एक बार के फायदे, जो लगभग $20.3 मिलियन था, को हटा दें तो कंपनी का नॉर्मलाइज्ड प्रॉफिट (Normalized Profit) इस तिमाही में $47 मिलियन रहा।
वैल्यूएशन पर चिंताएं
इस मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के बावजूद, Coforge की वैल्यूएशन (Valuation) पर चिंताएं बनी हुई हैं। कंपनी का ट्रेलिंग P/E रेशियो (Price-to-Earnings Ratio) लगभग 47.98 है। यह Nifty IT इंडेक्स के 19.94 के P/E रेशियो और बड़े IT स्टॉक्स जैसे TCS (16.83), Infosys (15.90) और HCL Technologies (18.65) की तुलना में काफी ज्यादा है।
स्टॉक का प्रदर्शन और भविष्य की राह
यह प्रीमियम वैल्यूएशन पिछले एक साल में स्टॉक के प्रदर्शन के विपरीत है, जिसमें Coforge का शेयर 23.19% तक गिर चुका है, जो Nifty IT इंडेक्स के 19% की गिरावट से भी ज्यादा है। एनालिस्ट्स का कहना है कि बार-बार होने वाले एकमुश्त फायदों पर निर्भरता और लगातार मुनाफे की ग्रोथ बनाए रखने की चुनौती, हाई P/E को सही ठहराना मुश्किल बनाती है।
आगे क्या है उम्मीद?
आगे के लिए, Coforge मैनेजमेंट फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए काफी आश्वस्त है। कंपनी को मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और 20.5% से ऊपर EBITDA मार्जिन की उम्मीद है। कंपनी के पास $1.75 बिलियन का एग्जीक्यूटेबल ऑर्डर बुक है, जो पिछले साल की तुलना में 16.4% ज्यादा है। फिलहाल, एनालिस्ट्स की ओर से Coforge पर 'Buy' रेटिंग बनी हुई है, लेकिन उनका एवरेज 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹1,165 है, जो मौजूदा ट्रेडिंग लेवल से सीमित अपसाइड का संकेत देता है। भारतीय IT सेक्टर में 2026 तक रिकवरी की उम्मीद है, जिसमें AI सर्विसेज की मांग बढ़ने से IT स्पेंडिंग में 11.1% का ग्रोथ देखने को मिल सकता है।
