CoRover का BharatGPT: 1.8 अरब यूजर्स को पावर, कंपनियों का खर्च 70% घटा!

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AuthorMehul Desai|Published at:
CoRover का BharatGPT: 1.8 अरब यूजर्स को पावर, कंपनियों का खर्च 70% घटा!
Overview

बेंगलुरु की कंपनी CoRover अपने 'BharatGPT' के साथ एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह AI मॉडल अब तक **1.8 अरब** से ज़्यादा यूजर्स तक पहुँच चुका है और **3 ट्रिलियन** से ज़्यादा इंटरैक्शन को प्रोसेस कर चुका है। BharatGPT को भारत की सॉवरेन AI (Sovereign AI) के तौर पर पेश किया गया है, जो स्थानीय भाषाओं को सपोर्ट करता है और एंटरप्राइज़ क्लाइंट्स के लिए ऑपरेशनल खर्चों में **70%** तक की भारी कटौती कर रहा है।

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भारत का अपना AI: BharatGPT की कहानी

CoRover ने अपने BharatGPT मॉडल के दम पर तेजी से तरक्की की है। यह AI मॉडल 1.8 अरब से अधिक यूजर्स तक पहुंच गया है और 3 ट्रिलियन से ज्यादा इंटरैक्शन को संभाल चुका है। BharatGPT को खासतौर पर भारतीय बाजार के लिए तैयार किया गया है। यह पश्चिमी देशों के AI मॉडल से अलग है, क्योंकि यह भारतीय भाषाओं और आवाज को समझता है। यह 12 भारतीय भाषाओं में आवाज और 22 भाषाओं में टेक्स्ट को सपोर्ट करता है। स्थानीय भाषाओं और आवाज पर यह जोर छोटे शहरों के ग्राहकों तक पहुंचने में मदद करता है और भारत के डिजिटल एक्सेस के लक्ष्यों को पूरा करता है। BharatGPT भारतीय डेटा को भारत में ही सुरक्षित रखता है, जो भारत के डेटा प्राइवेसी कानून, DPDP Act 2023 के सख्त नियमों का पालन करता है। डेटा को स्थानीय रखना और भारतीय भाषाओं का इस्तेमाल करना, AI में डेटा कंट्रोल और भरोसे की मांग वाले बाजार में एक बड़ा फायदा है।

लाखों के लिए AI, असली बचत का वादा

कन्वर्सेशनल AI (Conversational AI) का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, जिसके 2030 तक $45 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। CoRover इस बढ़त का फायदा उठा रहा है, जो AI को लाखों लोगों के लिए सुलभ बना रहा है। इसके 14,000 से अधिक AI एजेंट्स बैंकिंग, सरकारी सेवाओं, यात्रा, स्वास्थ्य और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में ग्राहकों की पूरी बातचीत को संभालते हैं। CoRover का दावा है कि ग्राहक अपने ऑपरेशनल खर्चों में 70% तक की कमी देख रहे हैं और उनके कन्वर्जन रेट्स (conversion rates) में भी सुधार हुआ है। यह AI को अपनाने से होने वाली बड़ी लागत बचत के व्यापक उद्योग रुझानों से मेल खाता है, जिसमें अनुमानित 20-30% तक परिचालन खर्चों में कमी और श्रम लागत में कमी शामिल है। कई रियल-टाइम इंटरैक्शन को संभालने की CoRover की क्षमता दर्शाती है कि AI कैसे एक महत्वपूर्ण डिजिटल बैकबोन बन रहा है, जो सिर्फ ग्राहक सेवा से आगे बढ़कर बिक्री और निर्णय लेने जैसे जटिल कार्यों को भी संभाल रहा है।

बाजार के रुझान और मुकाबला

नए डेटा प्राइवेसी नियमों और स्थानीय तकनीक की बढ़ती मांग के चलते CoRover एक सॉवरेन AI (Sovereign AI) प्रदाता के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 'डिजिटल इंडिया' जैसी पहलों से प्रेरित भारत की निरंतर डिजिटल प्रगति ने AI समाधानों के लिए एक मजबूत बाजार तैयार किया है, जो इसकी विशिष्ट भाषाओं और आबादी के लिए तैयार किए गए हैं। AI में भारतीय भाषाओं पर ध्यान देना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन भाषाओं की सामग्री अंग्रेजी सामग्री की तुलना में कहीं अधिक ध्यान आकर्षित करती है। हालांकि Microsoft, Google और Amazon जैसी बड़ी टेक कंपनियां AI प्लेटफॉर्म और क्लाउड सेवाएं प्रदान करती हैं, CoRover का BharatGPT अधिक विशिष्ट, अनुपालन-अनुकूल और स्थानीय रूप से प्रासंगिक विकल्प प्रदान करने का लक्ष्य रखता है। बिजनेस AI प्लेटफॉर्म का बाजार बहुत प्रतिस्पर्धी है और 2034 तक $200 बिलियन से अधिक तक पहुंच सकता है। वर्तमान में उत्तरी अमेरिका इस क्षेत्र का नेतृत्व कर रहा है, लेकिन एशिया-प्रशांत क्षेत्र सबसे तेजी से बढ़ रहा है। CoRover का दृष्टिकोण भारतीय बाजार की विशिष्ट जरूरतों - स्थानीय भाषा समर्थन, सामर्थ्य और डेटा स्थानीयकरण - का उपयोग करके अपने लिए एक अनूठी जगह बना रहा है।

चुनौतियाँ और जोखिम

अपने बड़े यूजर बेस और BharatGPT मॉडल के बावजूद, CoRover को अभी भी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। यह एक भीड़ भरे बाजार में वैश्विक AI कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करता है, जो व्यावसायिक AI उपकरण, क्लाउड सेवाएं और विशेष मॉडल पेश करते हैं। हालांकि CoRover डेटा को स्थानीय रखने पर जोर देता है, वैश्विक क्लाउड प्रदाता भी इन्हीं मुद्दों को हल करने के लिए ऑन-प्रिमाइसेस (on-premises) और प्राइवेट क्लाउड जैसी सेवाएं दे रहे हैं। केवल $5.72 मिलियन की कुल फंडिंग के साथ एक निजी कंपनी के लिए लाखों यूजर्स को सेवा देते हुए लगातार लाभप्रद बनना कठिन होगा। जुलाई 2025 में बताई गई वैल्यूएशन, इसके बड़े लक्ष्यों की तुलना में इसकी वित्तीय स्थिति की सीमित जानकारी देती है। इसके अतिरिक्त, भारत में AI नियम अभी भी विकसित हो रहे हैं, और वर्तमान कानूनों पर निर्भरता के कारण भविष्य में नियामक मुद्दे उत्पन्न हो सकते हैं। AI तकनीक के साथ तालमेल बिठाना और बहुत बड़े रिसर्च बजट वाली टेक कंपनियों के खिलाफ फंडिंग सुरक्षित करना इसकी दीर्घकालिक सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगा।

भविष्य की राह

बाजार के अनुमान कन्वर्सेशनल AI के लिए मजबूत वृद्धि दिखा रहे हैं, जिसे CoRover लक्षित कर रहा है। 'मेक AI इन इंडिया' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय AI विकास के लिए भारतीय सरकार का समर्थन, कंप्यूटिंग पावर और स्टार्टअप में महत्वपूर्ण निवेश के साथ मिलकर एक अनुकूल माहौल बनाता है। हालांकि CoRover एक निजी कंपनी होने के कारण विशिष्ट विश्लेषक राय सार्वजनिक नहीं है, AI क्षेत्र के लिए सामान्य विश्लेषक भावना सकारात्मक है, जो व्यवसायों द्वारा AI को अपनाने और तकनीकी प्रगति से प्रेरित है। CoRover की सफलता इसके बड़े यूजर बेस और उच्च इंटरैक्शन संख्या को एक लाभदायक, बढ़ते व्यवसाय में बदलने पर निर्भर करती है, जिसमें यह बढ़ते सॉवरेन AI बाजार में BharatGPT की अनूठी ताकत का उपयोग कर सके।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.