दिवालिया होने से $60 अरब के IPO तक: Cerebras का 'वेफर-स्केल' AI सफर
यह कहानी है Cerebras Systems की, जो कुछ साल पहले दिवालिया होने की कगार पर थी। साल 2019 में कंपनी अपने $200 मिलियन से ज्यादा का फंड खर्च कर चुकी थी और हर महीने करीब $8 मिलियन पानी की तरह बहा रही थी। उनका मकसद था एक बड़ा 'वेफर-स्केल' (Wafer-Scale) AI चिप बनाना, जो इंडस्ट्री के ट्रेंड से बिल्कुल अलग था। भारी R&D और इंजीनियरिंग लागत के चलते कंपनी के सामने सर्वाइव करने का संकट था। लेकिन कंपनी के फाउंडर Andrew Feldman और उनकी टीम की मेहनत रंग लाई और आज Cerebras $60 अरब से ज्यादा के IPO valuation के साथ मार्केट में धूम मचा रही है।
'वेफर-स्केल' चिप का निर्माण: विशाल इंजीनियरिंग चुनौतियों पर जीत
Cerebras ने इंडस्ट्री के दूसरे प्लेयर्स से हटकर काम किया। जहां बाकी कंपनियां वेफर को छोटे-छोटे चिप्स में काटती हैं, Cerebras ने पूरे वेफर को एक सिंगल, विशाल प्रोसेसिंग यूनिट बनाने का लक्ष्य रखा। AI की बढ़ती कंप्यूटिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए यह कदम जरूरी था। इस 'वेफर-स्केल' चिप को बनाना ही अपने आप में एक बड़ा इंजीनियरिंग चैलेंज था, जिसमें फैब्रिकेशन, पॉवर मैनेजमेंट, हीट डिसिपेशन और डेटा फ्लो जैसी मुश्किलों से निपटना पड़ा। CEO Andrew Feldman के मुताबिक, उनके चिप्स 58 गुना बड़े थे और 40 गुना ज्यादा पॉवर इस्तेमाल करते थे, जिसके लिए खास मशीनरी और काफी प्रयोग करने पड़े।
खास पार्टनरशिप: Cerebras को OpenAI से मिला $1 अरब का लोन, $20 अरब का कंप्यूट डील
Cerebras की इस वापसी में सबसे बड़ा हाथ OpenAI का है। OpenAI ने कंपनी को $1 अरब का लोन दिया है, जिसके बदले में उन्हें Cerebras में एक महत्वपूर्ण हिस्सेदारी मिल सकती है। CEO Andrew Feldman ने बताया कि इस पार्टनरशिप के तहत Cerebras कुछ चुनिंदा OpenAI राइवल्स को फिलहाल चिप्स नहीं बेच सकती, ताकि OpenAI को प्राथमिकता मिले। यह डील, जिसमें $20 अरब से ज्यादा का कंप्यूट पावर डील शामिल है, Cerebras के लिए गेमचेंजर साबित हुई है।
$60 अरब+ IPO Valuation के बीच Cerebras के सामने NVIDIA, AMD जैसे दिग्गज
हालांकि, Cerebras को AI चिप सेक्टर में दिग्गजों NVIDIA और AMD से कड़ी टक्कर मिल रही है। 15 मई, 2026 तक NVIDIA का P/E 45.7 और मार्केट कैप करीब $5.71 ट्रिलियन था, वहीं AMD का P/E 137.69 और मार्केट कैप $733 अरब से ज्यादा था। Cerebras ने अपने IPO में शेयर $185 पर रखे थे, और पहले ही दिन शेयर 68.2% की बढ़त के साथ $311.07 पर बंद हुए, जिससे कंपनी का valuation करीब $67 अरब पहुंच गया। 2025 में कंपनी का रेवेन्यू $510 मिलियन था, जो इसके हाई प्राइस-टू-सेल्स रेश्यो (Price-to-Sales Ratio) को दर्शाता है।
Cerebras के लिए बड़े जोखिम: कस्टमर कंसंट्रेशन और OpenAI डील पर निर्भरता
इतने बड़े valuation के बावजूद, Cerebras पर कई जोखिम मंडरा रहे हैं। कंपनी की $60 अरब से ज्यादा की वैल्यूएशन को बरकरार रखना एक चुनौती है, क्योंकि वह अभी तक लगातार प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) या मुनाफा कमाने की स्थिति में नहीं है (P/E अक्सर 9999 या अनअवेलेबल)। इसके अलावा, कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा कुछ ही ग्राहकों से आता है। 2025 में Mohamed bin Zayed University of Artificial Intelligence से 62% और G42 से 24% रेवेन्यू आया, जो कस्टमर कंसंट्रेशन (Customer Concentration) का बड़ा रिस्क है। OpenAI के साथ डील खत्म होने की सूरत में तुरंत रीपेमेंट (Repayment) का दबाव भी कंपनी को मुश्किल में डाल सकता है। NVIDIA की बढ़त और GPU सॉल्यूशंस की फ्लेक्सिबिलिटी के सामने Cerebras का वेफर-स्केल टेक कितना सफल होगा, यह देखना बाकी है।
AI बूम के बीच विश्लेषकों की चेतावनी: Cerebras का मुनाफा कमाने का रास्ता
Analysts AI बूम को देखते हुए Cerebras को लेकर सतर्कता से आशावादी हैं, लेकिन कंपनी के अर्ली स्टेज (Early Stage) और हाई वैल्यूएशन (High Valuation) पर भी ध्यान दिला रहे हैं। कंपनी ने 2026 की पहली तिमाही में रेवेन्यू $171 मिलियन दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि से लगभग दोगुना है, जो कुछ राइवल्स को आउटपरफॉर्म कर रहा है। भविष्य में सस्टेन्ड प्रॉफिटेबिलिटी (Sustained Profitability) और मार्केट शेयर हासिल करने के लिए लगातार इनोवेशन (Innovation), स्ट्रेटेजिक एग्जीक्यूशन (Strategic Execution) और फाइनेंशियल व कॉम्पिटिटिव प्रेशर (Financial and Competitive Pressures) का प्रभावी मैनेजमेंट (Management) जरूरी होगा। मार्केट इस बात पर करीब से नजर रखेगा कि Cerebras अपनी इस मोमेंटम (Momentum) को बनाए रख पाती है या नहीं और अपने मौजूदा valuation से जुड़ी उम्मीदों पर खरी उतर पाती है या नहीं।