Capillary Tech: निवेशकों की चांदी! रेवेन्यू में **16%** की उछाल, AI पर कंपनी का दांव चला

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AuthorNeha Patil|Published at:
Capillary Tech: निवेशकों की चांदी! रेवेन्यू में **16%** की उछाल, AI पर कंपनी का दांव चला
Overview

Capillary Technologies India Limited ने Q3 FY26 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में **16%** की सालाना (YoY) बढ़त दर्ज की गई, जो **₹184 करोड़** रहा। वहीं, एडजस्टेड EBITDA में **24%** का उछाल आया, जिससे मार्जिन भी बेहतर हुआ।

नतीजों का पूरा लेखा-जोखा

Capillary Technologies India Limited ने हाल ही में अपने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं, और ये नतीजे निवेशकों को राहत देने वाले हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 16% बढ़कर ₹184 करोड़ रहा। वहीं, नौ महीनों (9M FY26) के लिए रेवेन्यू ₹543 करोड़ तक पहुंच गया, जो कि 22% की सालाना ग्रोथ दिखाता है।

एडजस्टेड EBITDA की बात करें तो Q3 FY26 में इसमें 24% की जबरदस्त वृद्धि हुई और यह ₹30 करोड़ पर पहुंच गया। इससे कंपनी का EBITDA मार्जिन सुधरकर 16.4% हो गया, जबकि पिछले साल यह 15.3% था। नौ महीनों में तो EBITDA में 53% की शानदार ग्रोथ देखी गई, जो ₹71 करोड़ रहा, और मार्जिन 10.5% से बढ़कर 13% हो गया।

PAT में गिरावट की वजह और असली तस्वीर

हालांकि, नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) Q3 FY26 में ₹8 करोड़ (रेवेन्यू का 4%) रहा, जो पिछले साल से कम है। इस गिरावट की मुख्य वजह कुछ एक बार के खर्च (one-off expenses) रहे, जैसे ₹1.6 करोड़ ग्रेच्युटी के लिए और ₹2 करोड़ IPO से जुड़े खर्चे। इसके अलावा, Kognitiv के अधिग्रहण के बाद डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन (D&A) में भी बढ़ोतरी हुई।

लेकिन, अगर इन एक बार के खर्चों को हटा दें (normalized PAT), तो Q3 FY26 में PAT पिछले साल के मुकाबले स्थिर रहा। वहीं, नौ महीनों (9M FY26) के लिए PAT ₹9 करोड़ (रेवेन्यू का 1.7%) पर पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में आठ गुना ज्यादा है।

नेट रिटेंशन और नए क्लाइंट्स

कंपनी का नेट रिटेंशन रेट (NRR) पिछले बारह महीनों में 111% रहा, जो एक बहुत मजबूत संकेत है। इसमें ऑर्गेनिक बिजनेस का NRR 115% और इनऑर्गेन‍िक (अधिग्रहण वाले) बिजनेस का NRR 96% रहा, जो कि कंपनी के इंटीग्रेशन प्रोसेस को दर्शाता है। एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू (ARR) मार्च 2025 के मुकाबले 21% बढ़कर ₹736.1 करोड़ हो गया है। 9M FY26 में कंपनी ने 12 नए क्लाइंट्स जोड़े, जिनसे ₹66 करोड़ का नया ऑर्डर मिला। कंपनी ने चौथी अधिग्रहण, Kognitiv, को भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

मार्जिन, कैश फ्लो और भविष्य की रणनीति

कंपनी के ग्रॉस मार्जिन लगभग 69-70% के आसपास बने हुए हैं। नॉन-COGS लागतों में 11% की बढ़ोतरी हुई, जबकि रेवेन्यू में 22% की ग्रोथ देखी गई, जिससे ऑपरेटिंग लीवरेज का फायदा मिला। नौ महीनों के लिए ऑपरेटिंग कैश फ्लो (OCF) ₹101 करोड़ रहा, जो 9M एडजस्टेड EBITDA का 142% है। कंपनी का लक्ष्य OCF से EBITDA अनुपात 105-110% के बीच बनाए रखना है। 31 दिसंबर 2025 तक, Capillary Technologies के पास ₹463 करोड़ की अच्छी खासी कैश पोजीशन बनी हुई थी।

AI पर कंपनी का भरोसा और जोखिम

मैनेजमेंट का मानना है कि AI से कंपनी के बिजनेस पर कोई बड़ा खतरा नहीं है। उनका कहना है कि कंपनी 'सिस्टम ऑफ रिकॉर्ड' के तौर पर काम करती है, उनके प्राइजिंग आउटकम से जुड़े हैं, वे खास लॉयल्टी सेगमेंट पर फोकस करते हैं और उनके क्लाइंट्स बड़े एंटरप्राइज हैं। कंपनी का कहना है कि US हेल्थकेयर मार्केट में उनका कोई एक्सपोजर नहीं है। PAT में आई गिरावट को एक बार के खर्चों से जोड़कर उन्होंने सफाई दी है, और नॉर्मलाइज्ड PAT ने बिजनेस की मजबूती को साबित किया है।

Capillary Technologies अपनी aiRA प्रोडक्ट के साथ AI इनोवेशन पर पूरा जोर दे रही है, जिससे वे एडवांस्ड कन्वर्सेशनल एनालिटिक्स, कैंपेन मैनेजमेंट और कस्टमर सपोर्ट जैसी सेवाएं दे सकें। AI और माइग्रेशन प्लेटफॉर्म्स में निवेश से कंपनी अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को और बढ़ाएगी। सब्सक्रिप्शन-बेस्ड बिजनेस मॉडल और लंबे कॉन्ट्रैक्ट्स रेवेन्यू में स्थिरता लाते हैं। कंपनी M&A की रणनीति पर भी कायम है और दो और LOIs पर काम कर रही है, जिससे मार्केट कंसॉलिडेशन को बल मिलेगा।

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