कैपिलरी टेक IPO की शुरुआत: फीकी मांग और अत्यधिक मूल्यांकन से निवेशक असमंजस में!

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AuthorAkshat Lakshkar|Published at:
कैपिलरी टेक IPO की शुरुआत: फीकी मांग और अत्यधिक मूल्यांकन से निवेशक असमंजस में!
Overview

कैपिलरी टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड का IPO शुक्रवार, 14 नवंबर को खुला, जिसमें शुरुआती मांग कमजोर रही। सुबह तक सब्सक्रिप्शन केवल 9% था, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) से कोई बिड नहीं आई और खुदरा निवेशकों की भी दिलचस्पी कम दिखी। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 0 रुपये पर स्थिर है, जो लिस्टिंग पर तत्काल कोई लाभ होने की उम्मीद नहीं दर्शाता है। विश्लेषक कंपनी के उच्च मूल्यांकन को लेकर सतर्क हैं, जो इसे FY25 में लाभ कमाने के बावजूद 171-180 गुना आय पर मूल्य दे रहा है।

कैपिलरी टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) शुक्रवार, 14 नवंबर को खुला। हालांकि, शुरुआती सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों ने निवेशकों की धीमी प्रतिक्रिया दिखाई। बीएसई (BSE) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 11:32 बजे तक, IPO ने कुल इश्यू साइज का केवल 9% सब्सक्रिप्शन हासिल किया था।\n\nविभिन्न निवेशक श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन की प्रवृत्ति धीमी रही। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) सेगमेंट में 0% बिड दर्ज की गई, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने 26% सब्सक्रिप्शन देखा। खुदरा निवेशकों ने अपने आवंटित हिस्से का 9% सब्सक्रिप्शन लिया, और कर्मचारियों के कोटे का 28% सब्सक्रिप्शन हुआ।\n\nसतर्क भावना को बढ़ाते हुए, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 0 रुपये बताया गया। यह लिस्टिंग के दिन स्टॉक में किसी तत्काल तेजी की उम्मीद न होने का संकेत देता है। जीरो GMP अक्सर ट्रेडर के अनिर्णय का संकेत माना जाता है, खासकर प्रौद्योगिकी क्षेत्र के उन प्रस्तावों के लिए जिनका मूल्यांकन अधिक होता है।\n\nकैपिलरी टेक्नोलॉजीज ने अपना IPO प्राइस बैंड 549 रुपये से 577 रुपये प्रति शेयर तय किया है। कुल पेशकश में 345 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 532.5 करोड़ रुपये मूल्य के 92.3 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। पब्लिक इश्यू से पहले, कंपनी ने गुरुवार को एंकर निवेशकों से सफलतापूर्वक 394 करोड़ रुपये जुटाए थे।\n\nकंपनी AI-आधारित SaaS और ग्राहक लॉयल्टी समाधान क्षेत्र में काम करती है, जो विश्व स्तर पर 410 से अधिक ब्रांडों को सेवा प्रदान करती है। FY25 में कंपनी लाभ में आई, दो साल के नुकसान के बाद 14.15 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया, जबकि उसी वित्तीय वर्ष में राजस्व 598 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।\n\nहाल ही में लाभप्रदता हासिल करने के बावजूद, बाजार विश्लेषक कंपनी के उच्च मूल्यांकन के बारे में चिंता व्यक्त करते हैं। कैपिलरी का पोस्ट-इश्यू प्राइस टू अर्निंग (P/E) अनुपात 171 से 180 गुना के बीच अनुमानित है, जिसे सॉफ्टवेयर एज़ अ सर्विस (SaaS) कंपनियों के लिए भी बहुत महंगा माना जाता है। विशेषज्ञ एकाग्रता, वैश्विक खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा, और हाल के नकारात्मक नकदी प्रवाह जैसे जोखिमों को भी उजागर करते हैं।\n\nकमजोर शुरुआती दिन की सब्सक्रिप्शन प्रवृत्ति और स्थिर GMP को देखते हुए, बाजार पर्यवेक्षकों का सुझाव है कि इस समय कैपिलरी टेक्नोलॉजीज के लिए लिस्टिंग लाभ अनिश्चित लग रहा है। जो निवेशक मुख्य रूप से अल्पकालिक लाभ चाहते हैं, उन्हें प्रस्ताव के अंतिम दिनों में बिडिंग की गति पर बारीकी से नजर रखने की सलाह दी जाती है, जबकि जोखिम सहन करने वाले निवेशक भविष्य की बिडिंग रुझानों के आधार पर आवेदन करने पर विचार कर सकते हैं।\n\nप्रभाव: इस खबर का भारतीय शेयर बाजार पर मध्यम प्रभाव पड़ता है, विशेष रूप से प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आने वाले IPOs के प्रति निवेशक की भावना को प्रभावित करता है और उच्च मूल्यांकन की चिंताओं को उजागर करता है। सीधा प्रभाव कैपिलरी टेक्नोलॉजीज के संभावित लिस्टिंग प्रदर्शन पर है। रेटिंग: 6/10

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