Q3 FY26: नंबर्स का धमाका!
Aditya Infotech Limited (CPPLUS) ने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने दमदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस से निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 51.2% का जबरदस्त उछाल आया और यह ₹13,911 मिलियन पर पहुंच गया। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 37.2% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹959.8 मिलियन दर्ज किया गया। अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी 31.1% बढ़कर ₹8.18 हो गया।
पहले नौ महीनों (9-months ended FY26) के नतीजों पर नजर डालें तो कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 31.1% बढ़कर ₹27,987.83 मिलियन रहा, और PAT में तो 123.2% की शानदार बढ़ोतरी के साथ यह ₹2,486.3 मिलियन पर जा पहुंचा। इस दौरान ईपीएस (EPS) ₹28.15 रहा।
कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों ने भी कमाल दिखाया। Q3 FY26 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 24.4% बढ़कर ₹11,256.98 मिलियन और PAT 33.1% बढ़कर ₹875.17 मिलियन रहा। नौ महीनों में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 31.5% बढ़कर ₹27,612.05 मिलियन और PAT 109.2% बढ़कर ₹2,453.57 मिलियन दर्ज किया गया।
भविष्य की प्लानिंग: JV और नई फैक्ट्री
कंपनी अपनी मार्केट पोजीशन और एफिशिएंसी को बढ़ाने के लिए कई स्ट्रैटेजिक कदम उठा रही है। सबसे अहम खबर है ओरिएंट केबल्स (इंडिया) लिमिटेड के साथ 50:50 का एक नॉन-बाइंडिंग जॉइंट वेंचर (JV) मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन करना। इस JV का मकसद इलेक्ट्रिक केबल्स, जैसे LAN और CCTV केबल्स, और टर्मिनेटेड असेंबली का निर्माण करना है, जिससे कॉस्ट कटिंग और प्रोडक्शन इंटीग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, कंपनी की सब्सिडियरी, AIL डिक्सन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, आंध्र प्रदेश के कडप्पा में एक नई ग्रीनफील्ड फैसिलिटी शुरू करने जा रही है। यहां CCTV प्रोडक्ट्स के लिए प्लास्टिक और मेटल हाउसिंग कॉम्पोनेन्ट बनाए जाएंगे, जिसमें करीब ₹750 मिलियन का निवेश होगा। साथ ही, इस सब्सिडियरी अपनी मौजूदा कडप्पा प्लांट की कैपेसिटी को भी बढ़ाने की योजना बना रही है, जिससे सालाना 6 मिलियन CCTV और सर्विलांस प्रोडक्ट्स का प्रोडक्शन बढ़ेगा। इसमें करीब ₹500 मिलियन का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा।
चिंता की बात: कस्टम्स ड्यूटी की मांग
जहां एक तरफ कंपनी ग्रोथ के ट्रैक पर है, वहीं एक बड़ी कंटीजेंट लायबिलिटी (contingent liability) पर भी नजर रखने की जरूरत है। 13 जनवरी, 2026 को कंपनी पर ₹308.58 मिलियन (पेनाल्टी सहित) की कस्टम्स ड्यूटी (सीमा शुल्क) की मांग की गई है। कंपनी ने ₹60 मिलियन का भुगतान विरोध स्वरूप कर दिया है और अब इस मामले में अपील करने की योजना बना रही है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि फैसला उनके हक में आएगा। इसके अलावा, नए लेबर कोड्स का असर भी ₹76.60 मिलियन कंसोलिडेटेड रहा है।
IPO से जुटाई गई रकम में से ₹66.16 मिलियन अभी जनरल कॉर्पोरेट पर्पज (सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों) के लिए बाकी हैं। कंपनी की आगे की राह पॉजिटिव दिख रही है, खासकर कैपेसिटी एक्सपेंशन और नए JVs की वजह से। हालांकि, कस्टम्स ड्यूटी का यह विवाद एक अहम फैक्टर है जिस पर निवेशकों को नज़र रखनी चाहिए।