CFTC चेयरमैन माइक सेलिग ने कहा है कि अमेरिका डिजिटल एसेट्स (Digital Assets) के क्षेत्र में रेगुलेटरी कोऑर्डिनेशन (Regulatory Coordination) को बेहतर बनाकर आगे बढ़ना चाहता है। FIA ग्लोबल क्लीयर्ड मार्केट्स कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एजेंसी इस दिशा में बड़ा कदम उठा रही है।
दूसरे नियामकों से बेहतर तालमेल
सेलिग ने यह भी बताया कि पिछले सालों में विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच के मतभेद अब खत्म हो गए हैं। उन्होंने सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के चेयरमैन पॉल एटकिंस (Paul Atkins) के साथ 'प्रोजेक्ट क्रिप्टो' (Project Crypto) पर करीबी सहयोग का जिक्र किया। इस साझेदारी का मकसद रेगुलेटरी प्रयासों को एक सीध में लाना और जिम्मेदारियों के दोहराव से बचना है, जिससे क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए एक एकजुट दृष्टिकोण पेश किया जा सके।
प्रेडिक्शन मार्केट्स के लिए गाइडलाइंस की तैयारी
CFTC प्रेडिक्शन मार्केट्स, जिन्हें अक्सर इवेंट कॉन्ट्रैक्ट्स (Event Contracts) भी कहा जाता है, के लिए खास गाइडलाइंस जारी करने की योजना बना रही है। इससे यह स्पष्ट होगा कि ये प्लेटफॉर्म अमेरिका में कानूनी तौर पर कैसे काम कर सकते हैं। इसके साथ ही, इन प्लेटफॉर्म्स की निगरानी कैसे की जाए, इस पर जनता से सुझाव लेने के लिए एक औपचारिक रूलमेकिंग प्रोसेस (Rulemaking Process) भी शुरू किया जाएगा। इन मार्केट्स में लोग भविष्य की घटनाओं, जैसे चुनावों या आर्थिक नतीजों पर दांव लगा सकते हैं। सेलिग ने मार्केट पार्टिसिपेंट्स को स्पष्ट दिशा-निर्देश देने की जरूरत पर जोर दिया और इस क्षेत्र में एजेंसी के अधिकार की पुष्टि की, खासकर विभिन्न राज्यों से चल रही कानूनी चुनौतियों के बीच।
DeFi और स्पॉट ट्रेडिंग पर भी फोकस
एजेंसी डीसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) और क्रिप्टो स्पॉट ट्रेडिंग (Crypto Spot Trading) के अहम मुद्दों को भी संबोधित करने का इरादा रखती है। इसमें सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर्स के लिए रजिस्ट्रेशन की जरूरतों को स्पष्ट करना और एक्सचेंजों पर लीवरेज्ड (Leveraged) और मार्जिन वाले (Margined) क्रिप्टो स्पॉट ट्रेडिंग जैसी स्ट्रक्चर्स को रेगुलेट करने के तरीकों की जांच करना शामिल है। इसके अलावा, CFTC 'एक्चुअल डिलीवरी' (Actual Delivery) के मानकों पर अपनी गाइडलाइंस को भी अपडेट कर रही है ताकि मौजूदा स्पॉट मार्केट की प्रैक्टिस के साथ बेहतर तालमेल बिठाया जा सके।
क्रिप्टो डेरिवेटिव्स और AI की समीक्षा
CFTC क्रिप्टो परपेचुअल डेरिवेटिव्स (Crypto Perpetual Derivatives), जो एक बड़ा ग्लोबल प्रोडक्ट है, के वर्गीकरण की भी समीक्षा कर रही है। सेलिग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेटेड ट्रेडिंग सिस्टम (Automated Trading Systems) के विकास पर प्रकाश डाला, और ऐसे रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की आवश्यकता पर जोर दिया जो इन तेजी से बदलते क्षेत्रों में इनोवेशन का समर्थन करें। उनके बयान इंडस्ट्री की भविष्यवाणियों को दर्शाते हैं कि भविष्य के लेन-देन काफी हद तक AI-संचालित होंगे।