कंपनी में बड़ा नेतृत्व बदलाव!
Bodhtree Consulting Limited के बोर्ड में एक महत्वपूर्ण फेरबदल हुआ है। कंपनी ने श्रीनिवास राव रविणुथला को अपना नया चेयरमैन और एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल पांच साल का होगा, जो 27 फरवरी, 2026 से प्रभावी है। रविणुथला, जिन्हें कंपनी के कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के दौरान रेजोल्यूशन प्रोफेशनल के तौर पर उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है, करीब तीन दशक से अधिक का अनुभव लेकर आए हैं। इस नियुक्ति के साथ ही, कंपनी ने अपने प्रमुख बोर्ड कमेटियों का भी पुनर्गठन किया है।
क्यों है यह नियुक्ति अहम?
श्रीनिवास राव रविणुथला की नियुक्ति इसलिए भी खास है क्योंकि वे पहले इसी कंपनी के CIRP के दौरान रेजोल्यूशन प्रोफेशनल रह चुके हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी अब कॉरपोरेट गवर्नेंस और अपनी स्ट्रैटेजिक दिशा में एक नया अध्याय शुरू करने की ओर बढ़ रही है। माना जा रहा है कि वित्त, गवर्नेंस और जोखिम प्रबंधन में उनके व्यापक अनुभव से Bodhtree को इंसॉल्वेंसी के बाद की चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। यह कदम निवेशकों का भरोसा बहाल करने और कंपनी को एक स्थायी विकास की राह पर लाने के लिए महत्वपूर्ण है।
पृष्ठभूमि: चुनौतियां और नियामक पहलू
Bodhtree Consulting का सफर आसान नहीं रहा है। कंपनी को 20 फरवरी, 2023 को NCLT द्वारा CIRP प्रक्रिया में डाला गया था। इस दौरान श्रीनिवास राव रविणुथला ने इंटरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) और फिर रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) के तौर पर अहम भूमिका निभाई।
कंपनी पर नियामक दबाव भी रहा है। नवंबर 2024 में, SEBI ने ऑफ-मार्केट शेयर ट्रांजैक्शन और अनुपालन न करने के मामले में कंपनी से जुड़ी चार संस्थाओं पर ₹13 लाख का जुर्माना लगाया था। इस मामले की जांच 2018 से चल रही थी। इसके अलावा, SEBI और कंपनी के बीच सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) में मामले अभी भी जारी हैं।
हाल ही में, 26 फरवरी, 2026 को, श्री निक्षिट हेमंत शाह ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया था, ठीक एक दिन पहले रविणुथला की नियुक्ति हुई। कंपनी के बोर्ड का औसत कार्यकाल भी करीब 1.8 साल रहा है, जो बोर्ड में अस्थिरता को दर्शाता है।
आगे क्या उम्मीद करें?
- गवर्नेंस में सुधार: RP के तौर पर कंपनी की वित्तीय और परिचालन बारीकियों को समझने वाले रविणुथला से बेहतर गवर्नेंस की उम्मीद है।
- नई रणनीति: नए चेयरमैन कंपनी के लिए रिकवरी और ग्रोथ की नई रणनीति बना सकते हैं, जिसका फोकस CIRP के बाद शेयरधारक वैल्यू बढ़ाना होगा।
- कमेटी का रोल: पुनर्गठित ऑडिट और नॉमिनेशन & रेमुनरेशन कमेटियां अहम निगरानी की भूमिका निभाएंगी।
- शेयरधारक मंजूरी: रविणुथला की एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्ति के लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेनी होगी।