क्विक कॉमर्स सेक्टर में बड़ा फासला: Blinkit मुनाफे में, Swiggy Instamart घाटे में
भारत के कंज्यूमर टेक मार्केट में क्विक कॉमर्स (quick commerce) सेक्टर में साफ तौर पर दो धड़े बन गए हैं। Q4 FY26 के नतीजों से पता चला है कि Eternal Ltd. की Blinkit ने मुनाफे की दहलीज पार कर ली है, जबकि Swiggy Instamart अभी भी भारी भरकम घाटे से जूझ रहा है। यह अंतर निवेशकों के लिए अब बहुत अहम हो गया है।
Blinkit ने मारी बाजी, Instamart अभी भी दौड़ में पीछे
Eternal Ltd. की Blinkit ने Q4 FY26 में ₹37 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल के ₹178 करोड़ के घाटे से एक बड़ा उलटफेर है। इस दौरान, क्विक कॉमर्स में नेट ऑर्डर वैल्यू (Net Order Value) में 95% की शानदार सालाना ग्रोथ देखने को मिली और यह ₹14,386 करोड़ तक पहुंच गई। यह दिखाता है कि Blinkit अब मुनाफा कमाने की राह पर है। Eternal (Zomato) का शेयर ₹243.6 के आसपास ट्रेड कर रहा है।
दूसरी तरफ, Swiggy Instamart का हाल कुछ अलग है। इस तिमाही में कंपनी को ₹858 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA लॉस हुआ, जो पिछले क्वार्टर के ₹840 करोड़ के घाटे से थोड़ा ज्यादा है। हालांकि, कंपनी के कंट्रीब्यूशन मार्जिन (Contribution Margin) में सुधार हुआ है और यह नेगेटिव 1.8% पर आ गया है। Instamart का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (Gross Order Value) 68.8% बढ़कर ₹7,881 करोड़ और नेट ऑर्डर वैल्यू 60.3% बढ़कर ₹5,675 करोड़ हो गया। यह Swiggy के क्विक कॉमर्स विस्तार की भारी लागत को दर्शाता है। नतीजों के बाद Swiggy के शेयर 7% गिरकर ₹261.20 के आसपास आ गए।
फ़ूड डिलीवरी में दोनों का दबदबा जारी
क्विक कॉमर्स में इस बड़े अंतर के बावजूद, दोनों कंपनियों के मुख्य फ़ूड डिलीवरी बिजनेस में मजबूती बनी हुई है। Eternal की फ़ूड डिलीवरी नेट ऑर्डर वैल्यू 18.8% बढ़कर ₹9,757 करोड़ रही, जिसमें 5.5% का बेहतर एडजस्टेड EBITDA मार्जिन मिला। वहीं, Swiggy की फ़ूड डिलीवरी ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 22.6% बढ़कर ₹9,005 करोड़ हुई, जिसका एडजस्टेड EBITDA मार्जिन 3.3% रहा। दोनों कंपनियां अब आक्रामक ग्रोथ की बजाय कस्टमर रिटेंशन और ऑर्डर फ्रीक्वेंसी पर ध्यान दे रही हैं।
मार्केट में जबरदस्त ग्रोथ और कॉम्पिटिशन
भारत का ई-कॉमर्स सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके 2026 तक ₹19.7 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। क्विक कॉमर्स का वैल्यूएशन 2025 में $3.49 बिलियन था और 2030 तक $4.35 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। इसमें बढ़ती शहरीकरण, स्मार्टफोन का इस्तेमाल और इनकम में बढ़ोतरी का बड़ा योगदान है।
मार्केट शेयर की बात करें तो, Q1 FY25 तक Zomato (Eternal) के Blinkit का क्विक कॉमर्स में 46% का दबदबा है, जबकि Swiggy Instamart का हिस्सा 25-27% है। फ़ूड डिलीवरी में Zomato 58% शेयर के साथ आगे है, जबकि Swiggy का 42% शेयर है। Zomato द्वारा Blinkit का ₹4,447 करोड़ में अधिग्रहण इसके विकास के लिए महत्वपूर्ण रहा।
Swiggy और Eternal के सामने बड़ी चुनौतियां
Swiggy के लिए क्विक कॉमर्स में लगातार हो रहा बड़ा घाटा चिंता का विषय है। हालांकि कंट्रीब्यूशन मार्जिन सुधर रहा है, लेकिन ₹858 करोड़ का कुल घाटा कंपनी की ओवरऑल प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाल रहा है। Swiggy का लक्ष्य Q1 FY27 तक Instamart के कंट्रीब्यूशन मार्जिन को ब्रेक-ईवन पर लाना है।
Blinkit के मुनाफे के बावजूद Eternal (Zomato) के लिए भी जोखिम हैं। Zepto जैसी कंपनियां भी मार्केट शेयर के लिए जोर लगा रही हैं। Blinkit का FY29 तक $1 बिलियन का एडजस्टेड EBITDA कमाने का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है और बदलते ग्राहक रुझानों के बीच मुनाफा बनाए रखना एक चुनौती होगी। Zomato का P/E रेश्यो अप्रैल 2026 तक 377.63 था, जो निवेशकों की ऊंची उम्मीदों को दिखाता है।
एनालिस्ट की राय और भविष्य के अनुमान
एनालिस्ट्स भी इस अंतर को देख रहे हैं। Anand Rathi और Motilal Oswal जैसी फर्मों ने Eternal (Zomato) को 'Buy' रेटिंग दी है, जो Blinkit की मार्केट पोजीशन और कस्टमर रिटेंशन को वजह बता रहे हैं। वहीं, Swiggy के लिए Nomura और Jefferies ने 'Buy' रेटिंग तो दी है, लेकिन टारगेट प्राइस कम कर दिए हैं, क्योंकि उन्हें Swiggy की क्विक कॉमर्स में प्रॉफिटेबिलिटी की रणनीति पर स्पष्टता चाहिए। Swiggy का मैनेजमेंट Instamart में INR 1 ट्रिलियन GOV और मीडियम टर्म में 3-4% एडजस्टेड EBITDA मार्जिन का लक्ष्य दोहरा रहा है। क्विक कॉमर्स में मुनाफे के ये अलग-अलग रास्ते निवेशकों के लिए मुख्य फोकस बने रहेंगे।