Bitcoin की रफ्तार थमी! $70,000 के पार जाने में हिचकिचाहट? जानिए क्यों है मार्केट में caution

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AuthorMehul Desai|Published at:
Bitcoin की रफ्तार थमी! $70,000 के पार जाने में हिचकिचाहट? जानिए क्यों है मार्केट में caution
Overview

Bitcoin की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। **$70,000** का लेवल पार करने की कोशिश के बावजूद, डिजिटल गोल्ड में आई तेजी असल में ट्रेडर्स द्वारा अपनी शॉर्ट पोजीशन (short positions) कम करने का नतीजा है, न कि मजबूत भरोसा दिखाने का। हालांकि, ईटीएफ (ETF) से लगातार आ रहा पैसा सपोर्ट दे रहा है, पर मार्केट के अंदरूनी संकेत सावधानी बरतने की ओर इशारा कर रहे हैं।

रिकवरी की नींव कमजोर?

Bitcoin ने हाल ही में $70,000 के करीब पहुंचने तक अच्छी रिकवरी दिखाई है। मार्केट के जानकारों का मानना है कि यह उछाल फंडामेंटल मजबूती के बजाय ट्रेडर्स द्वारा अपनी बियरिश बेट्स (bearish bets) यानी कीमतों में गिरावट पर लगाने वाली पोजीशन को कम करने की वजह से आया है। इसका मुख्य कारण ईरान को लेकर बढ़ रही जियोपॉलिटिकल टेंशन (geopolitical tension) का कम होना रहा। जैसे ही एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका कम हुई, भारी संख्या में गिरावट पर दांव लगाने वाले ट्रेडर्स ने अपनी पोजीशन बंद करना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों में तेजी आई। यह दिखाता है कि क्रिप्टो मार्केट अनिश्चितता के समय में कितना संवेदनशील है, और कैसे यह अक्सर "प्रेशर वाल्व" की तरह काम करता है।

ईटीएफ से सहारा, पर हिचकिचाहट जारी

कीमतों में चल रहे उतार-चढ़ाव के बावजूद, मार्केट के संकेतों को करीब से देखने पर एक मिली-जुली तस्वीर सामने आती है। पिछले पांच ट्रेडिंग दिनों में बिटकॉइन स्पॉट ईटीएफ (Bitcoin spot ETFs) में करीब $1.45 बिलियन का नेट इनफ्लो (net inflow) हुआ है, जो इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की लगातार दिलचस्पी दिखा रहा है। लेकिन, ओवरऑल सेंटीमेंट अभी भी सतर्क बना हुआ है। ऑन-चेन डेटा (on-chain data) और डेरिवेटिव्स मार्केट (derivatives market) से पता चलता है कि मार्केट में स्थिरता आ रही है, लेकिन मजबूत बुलिश मोमेंटम (bullish momentum) अभी वापस नहीं आया है। Bitcoin का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 41 पर है, जो पिछली गिरावटों से थोड़ा सुधरा है, लेकिन अभी भी न्यूट्रल 50 के स्तर से नीचे है। ट्रेडिंग वॉल्यूम लगभग $9.6 बिलियन तक बढ़ा है और स्पॉट मार्केट फ्लो अधिक संतुलित दिख रहे हैं। हालांकि, डेरिवेटिव्स मार्केट अभी भी लीवरेज्ड ट्रेडर्स (leveraged traders) के बीच सावधानी का संकेत दे रहा है, क्योंकि लॉन्ग पोजीशन (long positions) रखने की लागत में तेजी से गिरावट आई है। प्रेडिक्शन मार्केट्स (prediction markets) में भी बड़े लक्ष्यों के प्रति भरोसा कम होता दिख रहा है।

एनालिटिकल डीप डाइव: तुलना और ऐतिहासिक समानताएं

Bitcoin की मौजूदा टेक्निकल पोजीशन की दूसरी क्रिप्टोकरेंसी से तुलना करने पर भी मिश्रित माहौल दिखता है। इथेरियम (Ethereum) का 14-दिन का RSI लगभग 47.5 के आसपास है, जो एक न्यूट्रल रुख दिखाता है, जबकि इसके व्यापक टेक्निकल इंडिकेटर्स 'स्ट्रॉन्ग सेल' (Strong Sell) की ओर झुके हुए हैं। इथेरियम का RSI भी Bitcoin की तरह न्यूट्रल 50 से नीचे बना हुआ है। ऐतिहासिक रूप से, Bitcoin ने जियोपॉलिटिकल घटनाओं के दौरान पारंपरिक रिस्क एसेट्स (risk assets) के साथ अपना कोरिलेशन (correlation) बढ़ाया है। 2025 में मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के दौरान Bitcoin ने इक्विटीज (equities) के साथ गिरावट दिखाई थी, और वैसा ही हाल अब भी देखा जा रहा है। क्रिप्टो अब डिजिटल गोल्ड (digital gold) की तरह सुरक्षित पनाहगाह के बजाय ऑयल की कीमतों, महंगाई की उम्मीदों और इंटरेस्ट रेट आउटलुक (interest rate outlook) पर रिएक्ट करने वाले रिस्क एसेट की तरह ट्रेड कर रहा है। हाल के ईरान संघर्ष पर मार्केट की प्रतिक्रिया इस बात को रेखांकित करती है कि Bitcoin की शुरुआती चाल मैक्रो एनवायर्नमेंटल शिफ्ट्स (macro environmental shifts) से प्रेरित थी, न कि इसके लॉन्ग-टर्म नैरेटिव (long-term narrative) से।

बियरिश केस का विश्लेषण

हालांकि कीमतों में तेजी लाने वाला तात्कालिक कारण शायद कम हो गया हो, पर जोखिम अभी भी बना हुआ है। मध्य पूर्व की जियोपॉलिटिकल स्थिति एक बड़ा वाइल्डकार्ड (wildcard) बनी हुई है, जो "रिस्क-ऑफ" सेंटीमेंट (risk-off sentiment) को फिर से जगा सकती है और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकती है, जिसका असर महंगाई की उम्मीदों और मार्केट की लिक्विडिटी (liquidity) पर पड़ेगा। कुछ एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि इस संघर्ष की कीमत पहले ही तय हो चुकी है, वहीं अन्य बियरिश बने हुए हैं, जो मौजूदा माहौल को "अत्यधिक जोखिम वाला क्षेत्र" मानते हैं। इसके अलावा, डेरिवेटिव्स मार्केट अभी भी सावधानी का संकेत दे रहा है, फ्यूचर्स ट्रेडिंग (futures trading) में अभी भी सेलर्स (sellers) का दबदबा दिख रहा है। रेगुलेटरी डेवल्पमेंट्स (regulatory developments), जैसे कि यूके का Financial Services and Markets Act 2000 (Cryptoassets) Regulations 2026, क्रिप्टो फर्मों के लिए एक व्यापक रेगुलेटरी पैरामीटर (regulatory perimeter) स्थापित कर रहे हैं, जो कंप्लायंस के बोझ को बढ़ा सकते हैं और मार्केट पार्टिसिपेंट्स को प्रभावित कर सकते हैं। मार्केट की ओवरऑल स्ट्रक्चर (overall structure) टेक्निकली बियरिश बनी हुई है, जिसमें एक प्रभावी डाउनवर्ड ट्रेंडलाइन (downward trendline) है जिसे अभी तक तोड़ा नहीं गया है, यह दर्शाता है कि वर्तमान रिकवरी एक सस्टेनेबल अपट्रेंड (sustainable uptrend) के बजाय केवल एक शॉर्ट-टर्म बाउंस (short-term bounce) हो सकती है।

भविष्य का दृष्टिकोण

आगे देखते हुए, Bitcoin एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। भले ही कुछ इंस्टीट्यूशनल प्लेयर्स "डिप पर खरीद" (buy the dip) रहे हों, एनालिस्ट्स के अनुमान बंटे हुए हैं। कुछ $40,000-$50,000 तक की गिरावट की भविष्यवाणी कर रहे हैं, जबकि अन्य लॉन्ग-टर्म में $150,000 तक की रिकवरी का लक्ष्य रखते हैं। नियर-टर्म सपोर्ट (near-term support) $64,000 से $65,000 के स्तर के आसपास देखा जा रहा है, जबकि $70,000 और फिर $77,000 पर रेजिस्टेंस (resistance) है। महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल्स से ऊपर मार्केट की स्थिरता यह तय करेगी कि मार्च में कैपिटलशन लो (capitulation low) आता है या सस्टेन्ड रिकवरी (sustained recovery) देखने को मिलती है। रेगुलेटरी क्लैरिटी (regulatory clarity), खासकर यूएस CLARITY Act जैसी पहलों को लेकर, और व्यापक मैक्रो रिस्क एपेटाइट (macro risk appetite) आने वाले सत्रों में Bitcoin की दिशा तय करने वाले मुख्य कारक होंगे।

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