Big Tech का दिखा दबदबा
यह बिल, जिसका मकसद Google और Apple जैसी बड़ी टेक कंपनियों को सर्च रिजल्ट्स और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपने ही प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने से रोकना था, सीनेट की प्राइवेसी कमेटी में 20 अप्रैल, 2026 को अटक गया। सीनेटर स्कॉट वीनर (Senator Scott Wiener) द्वारा पेश किया गया यह बिल उन कंपनियों को निशाना बना रहा था जिनकी मार्केट कैप $1 ट्रिलियन से ज़्यादा है और जो 10 करोड़ से ज़्यादा मासिक यूज़र्स रखते हैं।
लॉबिंग पर खर्च हुए करोड़ों डॉलर
इस हार से Big Tech की लॉबिंग पावर साफ दिखती है। Alphabet (Google) और Apple जैसी कंपनियों ने इस बिल को रोकने के लिए करोड़ों डॉलर खर्च किए। 2025 में, इन टेक कंपनियों ने राष्ट्रीय स्तर पर लॉबिंग पर $26 मिलियन से ज़्यादा खर्च किए, जिनमें Meta, Amazon, Alphabet और Apple प्रमुख थे। सिर्फ कैलिफ़ोर्निया में, टेक और क्रिप्टो सेक्टर ने 2025 में राज्य की राजनीति को प्रभावित करने के लिए $39 मिलियन का निवेश किया। चैंबर ऑफ प्रोग्रेस (Chamber of Progress) और कैलिफ़ोर्निया चैंबर ऑफ कॉमर्स (California Chamber of Commerce) जैसे उद्योग समूहों ने अपने संसाधनों का इस्तेमाल कर सांसदों को मनाने की कोशिश की। सीनेटर वीनर ने इसे "लॉबिंग की सुनामी" बताया जिसने गलत जानकारी फैलाई। यह रणनीति वैसी ही है जैसी कंपनियों ने पहले फेडरल एंटीट्रस्ट बिलों को रोकने के लिए अपनाई थी।
छोटे प्रतिद्वंद्वियों के लिए मुश्किल
'Based Act' की विफलता यह दर्शाती है कि छोटे टेक फर्मों और उपभोक्ता समूहों के लिए यह एक कठिन लड़ाई है। भले ही Y Combinator और उसके स्टार्टअप्स ने इसका समर्थन किया, लेकिन उनका मैसेज अच्छी फंडिंग वाले विरोधियों के सामने टिक नहीं पाया। इसी तरह की लड़ाई दुनिया भर में देखी जा रही है। Google और Apple ने यूरोपीय संघ (EU) के डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) जैसे सख्त एंटीट्रस्ट नियमों का विरोध किया है। अप्रैल 2025 में, Apple और Meta को DMA के तहत भारी जुर्माना भरना पड़ा, जिसमें Apple पर €500 मिलियन और Meta पर €200 मिलियन शामिल थे। Google पर भी यूरोप में €700 मिलियन का जुर्माना लगा। 'Based Act' इन यूरोपीय नियमों और पहले के अमेरिकी प्रस्तावों जैसा ही था, जो Big Tech के वैश्विक प्रयासों को दिखाता है।
भविष्य का रास्ता और नियामक जोखिम
कैलिफ़ोर्निया में जीत के बावजूद, Big Tech द्वारा लॉबिंग पर भारी खर्च अपने जोखिमों के साथ आता है। इस लड़ाई में फंड डायवर्ट हो सकता है। कैलिफ़ोर्निया की यह जीत अन्य जगहों पर भी ऐसे बिलों को प्रेरित कर सकती है, जिससे नियमों का एक जटिल जाल बन सकता है। अगर 'Based Act' पास हो जाता, तो यह मौजूदा एंटीट्रस्ट कानूनों को काफी हद तक बदल देता। यह बिल कंपनी के आकार पर केंद्रित था, न कि बाज़ार की ताक़त या उपभोक्ता को हुए नुकसान पर। Alphabet (GOOGL), जिसकी वैल्यूएशन लगभग $4.32 ट्रिलियन है (P/E 31.68), और Apple (AAPL), जिसकी वैल्यूएशन $3.91 ट्रिलियन है (P/E 34.29), के लिए दुनिया भर में एंटीट्रस्ट जांच एक निरंतर चिंता का विषय है। विश्लेषकों को AI ग्रोथ और वित्तीय स्थिति पर भरोसा है, लेकिन नियामक दबाव एक बड़ी चिंता है।
आगे क्या?
'Based Act' के हार जाने के बावजूद, कैलिफ़ोर्निया और राष्ट्रीय स्तर पर एंटीट्रस्ट कानूनों को अपडेट करने और टेक प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करने के प्रयास जारी हैं। सीनेटर वीनर ने संकेत दिया है कि इसी तरह के प्रस्ताव वापस आ सकते हैं। विश्लेषकों का Alphabet और Apple पर भरोसा कायम है, और वे 'Buy' या 'Outperform' रेटिंग दे रहे हैं। Alphabet का शेयर लगभग $342 पर कारोबार कर रहा है, और Q1 2026 की कमाई की उम्मीदें मजबूत हैं। Apple का शेयर भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, हाल ही में $270 के करीब ट्रेड कर रहा था। हालांकि, वैश्विक स्तर पर सख्त रेगुलेशन की ओर बढ़ते कदम Big Tech के लिए लॉबिंग को एक ज़रूरी, लेकिन महंगा, हिस्सा बनाए रखेंगे।
