IT सेक्टर में ट्रेडिंग का नया दौर
भारत के शेयर बाजार में अब टेक्नोलॉजी सेक्टर में ट्रेडिंग का एक नया रास्ता खुल गया है। BSE, देश का सबसे पुराना एक्सचेंज, अपने BSE Focused IT Index पर आधारित फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट्स लेकर आया है। इस लॉन्च के साथ, BSE भारत का इकलौता एक्सचेंज बन गया है जो IT सेक्टर बेंचमार्क के लिए डेरिवेटिव्स की पेशकश कर रहा है।
इंडेक्स की खासियत और मकसद
BSE Focused IT Index में देश की 14 प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियां शामिल हैं। इसे भारतीय IT सेक्टर के लिए एक फोकस्ड बेंचमार्क के तौर पर तैयार किया गया है। नेशनल टेक्नोलॉजी डे के मौके पर लॉन्च हुए इन नए कॉन्ट्रैक्ट्स से निवेशकों को IT सेक्टर से जुड़े रिस्क को मैनेज करने और इस सेगमेंट में निवेश के मौके तलाशने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिले हैं। IT सेक्टर ग्लोबल इकोनॉमी में बदलावों, करेंसी में उतार-चढ़ाव और तेज टेक्नोलॉजिकल प्रगति के प्रति काफी संवेदनशील माना जाता है।
शुरुआती कारोबार में जोरदार}{
लॉन्च के पहले ही दिन इन नए कॉन्ट्रैक्ट्स ने निवेशकों का ध्यान खींचा। कुल 172 BSE मेंबर्स ने इनमें ट्रेड किया, जिससे ₹148 करोड़ का कुल टर्नओवर दर्ज हुआ। शुरुआती दौर में निवेशकों की इतनी बड़ी भागीदारी यह दिखाती है कि IT सेगमेंट पर केंद्रित टूल्स की मांग काफी ज्यादा है।
सेक्टर का बढ़ता महत्व
भारतीय शेयर बाजार में IT सेक्टर का वेटेज काफी अहम है। यह BSE पर लिस्टेड कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन का लगभग 6% हिस्सा है। 250 से अधिक IT कंपनियां लिस्टेड हैं और यह सेक्टर फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPI) का भी लगभग 6% आकर्षित करता है। यह बात भी गौर करने लायक है कि IT इंडेक्स को ट्रैक करने वाले 17 मौजूदा इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स हैं, जो सभी तरह के निवेशकों के लिए इस सेक्टर के बढ़ते महत्व को दर्शाते हैं।
प्रोडक्ट स्पेसिफिकेशन्स
ये नए फ्यूचर्स और ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स कैश-सेटल होंगे और इनमें तीन लगातार महीनों की एक्सपायरी साइकिल होगी। ये BSE के मौजूदा डेरिवेटिव्स रूल्स के मुताबिक, हर महीने के आखिरी गुरुवार को एक्सपायर होंगे।
BSE के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, सुंदररमन राममूर्ति (Sundararaman Ramamurthy) ने कहा कि यह लॉन्च बाजार की बदलती जरूरतों को पूरा करने के एक्सचेंज के समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि IT सेक्टर की ग्लोबल कनेक्टिविटी, तेज तकनीकी विकास और करेंसी संवेदनशीलता इन नए डेरिवेटिव प्रोडक्ट्स को निवेशकों के लिए जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण बनाती है।
