AvenuesAI में तूफानी तेजी! AI पर दांव, कमाई का टारगेट बम्पर, Q3 में रिकॉर्ड तोड़ नतीजे!

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AuthorMehul Desai|Published at:
AvenuesAI में तूफानी तेजी! AI पर दांव, कमाई का टारगेट बम्पर, Q3 में रिकॉर्ड तोड़ नतीजे!
Overview

AvenuesAI Limited, जो पहले Infibeam Avenues के नाम से जानी जाती थी, ने Q3 FY26 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में **122%** बढ़कर **₹2,381 करोड़** हो गया है। इस जोरदार नतीजे के बाद स्टॉक में तेजी देखने को मिली है। कंपनी ने अपने बिजनेस को AI-नेटिव ट्रांजेक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म की ओर मोड़ा है और साल 2026 के लिए अपना अनुमान (Guidance) भी बढ़ा दिया है।

AvenuesAI Limited, पहले Infibeam Avenues के नाम से जानी जाने वाली, ने हालिया नतीजों के साथ शेयर बाजार में हलचल मचा दी है। कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 122% बढ़कर ₹2,381 करोड़ रहा, जबकि एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 59% की उछाल के साथ यह ₹86 करोड़ पर पहुंच गया। इन शानदार आंकड़ों के चलते मैनेजमेंट ने साल 2026 के लिए अपने वित्तीय अनुमान (Guidance) को ऊपर की ओर बढ़ाया है।

फाइनेंशियल्स: नंबर्स और खास बातें

यह जबरदस्त रेवेन्यू ग्रोथ पेमेंट वॉल्यूम में बढ़ोतरी, बड़े बिजनेसमैन (Enterprise Merchants) से बढ़ी हिस्सेदारी और अंतरराष्ट्रीय विस्तार का नतीजा है। हालांकि, यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि ग्रॉस रेवेन्यू ग्रोथ और नेट रेवेन्यू ग्रोथ में बड़ा अंतर है। कंपनी का नेट रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹149 करोड़ रहा, जिसका मतलब है कि ग्रॉस रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा ग्राहकों के लिए प्रोसेस्ड फंड्स का है।

इसके बावजूद, कंपनी की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बढ़ी है। एडजस्टेड EBITDA मार्जिन पिछले साल के 56% से सुधरकर 66% हो गया है। इसी तरह, एडजस्टेड PAT मार्जिन भी 39% से बढ़कर 58% हो गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि कॉस्ट कंट्रोल और हाई-वैल्यू सर्विसेज की स्केलिंग के कारण यह संभव हुआ है।

AI ट्रांसफॉर्मेशन: 'कंपाउंडिंग फ्लाईव्हील' का निर्माण

AvenuesAI अब सिर्फ एक पेमेंट गेटवे नहीं है, बल्कि खुद को एक 'AI-नेटिव ट्रांजेक्शन इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म' के रूप में बदल रही है। इस नई स्ट्रैटेजी के तहत, कंपनी अपने अलग-अलग व्यवसायों जैसे Rediff, RediffOne, CCAvenue और Phronetic AI को एक साथ ला रही है। विजन है कि एक ऐसा 'कंपाउंडिंग फ्लाईव्हील' (compounding flywheel) बनाया जाए, जहां हर ट्रांजेक्शन प्लेटफॉर्म की इंटेलिजेंस को और मजबूत करे, जिससे रूटिंग, फ्रॉड डिटेक्शन, रिस्क मैनेजमेंट और ऑटोमेशन में सुधार हो।

Phronetic AI को इस इकोसिस्टम का 'दिमाग' बताया जा रहा है, जो डेटा को एक्शन-ओरिएंटेड इनसाइट्स में बदलता है। CCAvenue CommerceAI और PayCentral.ai जैसी नई टेक्नोलॉजी इस AI-ड्रिवेन आर्किटेक्चर का अहम हिस्सा हैं, जिन्हें एंटरप्राइजेज के लिए फाउंडेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर डिजाइन किया गया है।

रेगुलेटरी जीत और बाजार विस्तार

कंपनी को इस तिमाही में कई अहम रेगुलेटरी अप्रूवल भी मिले हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स जारी करने के लिए 'इन-प्रिंसिपल' लाइसेंस मिला है। साथ ही, गिफ्ट सिटी (GIFT City) में इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) से अप्रूवल और RBI से ऑफलाइन पेमेंट एग्रीगेशन के लिए ऑथराइजेशन भी प्राप्त हुआ है। कंपनी को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से नेट पेमेंट रेवेन्यू का हिस्सा बढ़ेगा, जिसमें गिफ्ट सिटी एक महत्वपूर्ण हब साबित होगा।

गाइडेंस में बढ़ोतरी और भविष्य की राह

मजबूत तिमाही नतीजों और बिजनेस की रफ्तार को देखते हुए, AvenuesAI ने साल 2026 के लिए अपने ग्रॉस रेवेन्यू का अनुमान ₹5,000 - 5,500 करोड़ से बढ़ाकर ₹7,500 - 8,000 करोड़ कर दिया है। वहीं, PAT का अनुमान ₹2,100 - 2,200 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,500 - 2,750 करोड़ कर दिया गया है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि अगले फाइनेंशियल ईयर में AI से कमाई बढ़ेगी, ऑटोमेशन से मार्जिन में और सुधार होगा और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स से रेवेन्यू जनरेशन में बढ़ोतरी होगी।

जोखिम और पिछला रिकॉर्ड

हालांकि, इन शानदार ग्रोथ नंबर्स के साथ कुछ बातों पर गौर करना भी जरूरी है। ग्रॉस और नेट रेवेन्यू के बीच बड़ा अंतर निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि यह दिखाता है कि कंपनी के सीधे मुनाफे का हिस्सा कम है। कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद मार्जिन पर दबाव बन सकता है। इसके अलावा, दिसंबर 2025 को खत्म हुए 9 महीनों के नतीजों में, कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 17.1% और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 13.6% घटा था, जो Q3 के मजबूत प्रदर्शन से अलग है।

ऐतिहासिक रूप से, Infibeam Avenues (अब AvenuesAI) को रेगुलेटरी जांचों का सामना भी करना पड़ा है। साल 2020 में, SEBI ने इनसाइडर ट्रेडिंग और अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन के गलत इस्तेमाल को लेकर पेनल्टी लगाई थी और फंड्स जब्त किए थे।

प्रतिस्पर्धियों से तुलना

भारतीय पेमेंट गेटवे सेक्टर में अन्य कंपनियाँ भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। Paytm ने Q3 FY26 में मर्चेंट सब्सक्रिप्शन और फाइनेंशियल सर्विसेज से ₹225 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। Pine Labs का नेट प्रॉफिट ₹42 करोड़ रहा और रेवेन्यू 24% बढ़ा। Razorpay का मार्केट शेयर 20% से ज्यादा है और कुल पेमेंट वॉल्यूम (TPV) $150 बिलियन तक पहुंच चुका है। AvenuesAI का रेवेन्यू ग्रोथ जहां असाधारण है, वहीं उसके नेट रेवेन्यू और मार्जिन पर इन प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बारीकी से नजर रखी जाएगी।

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