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Australia Crypto Licence: **$24 अरब** का बड़ा मौका खुला! नई रेगुलेशन से इंडस्ट्री को मिलेगी नई दिशा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Australia Crypto Licence: **$24 अरब** का बड़ा मौका खुला! नई रेगुलेशन से इंडस्ट्री को मिलेगी नई दिशा
Overview

ऑस्ट्रेलिया ने डिजिटल एसेट्स (Digital Assets) के लिए अपना पहला व्यापक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क लॉन्च कर दिया है। नए नियमों के तहत, क्रिप्टो एक्सचेंज (Crypto Exchange) और कस्टडी प्रोवाइडर्स (Custody Providers) को अब ASIC से ऑस्ट्रेलियन फाइनेंशियल सर्विसेज लाइसेंस (AFSL) लेना अनिवार्य होगा। इस कदम से इंडस्ट्री में **$24 अरब** (GDP का 1%) के आर्थिक अवसर खुलने की उम्मीद है।

क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स के लिए नए नियम

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने डिजिटल एसेट्स को रेगुलेट करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत अब सभी क्रिप्टो एक्सचेंजों और कस्टडी प्रोवाइडर्स को ASIC (ऑस्ट्रेलियन सिक्योरिटीज एंड इन्वेस्टमेंट्स कमीशन) से ऑस्ट्रेलियन फाइनेंशियल सर्विसेज लाइसेंस (AFSL) प्राप्त करना होगा। कॉर्पोरेशंस एक्ट के तहत, इन प्लेटफॉर्म्स को 'डिजिटल एसेट प्लेटफॉर्म्स' (DAPs) और 'टोकेनाइज्ड कस्टडी प्लेटफॉर्म्स' (TCPs) के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा।

इसका मतलब है कि अब उन्हें ट्रेडिशनल फाइनेंशियल फर्म्स की तरह ही सख्त नियमों का पालन करना होगा। इनमें ग्राहकों के फंड की सुरक्षा, स्पष्ट डिस्क्लोजर देना, भ्रामक गतिविधियों को रोकना और भरोसेमंद डिस्प्यूट रेजोल्यूशन (Dispute Resolution) मैकेनिज्म शामिल हैं। यह कदम इंडस्ट्री में मौजूद जोखिमों, जैसे कस्टमर एसेट्स को मिलाने, कंपनी के फेल होने या दुरुपयोग जैसी चिंताओं को दूर करने के लिए उठाया गया है। इस स्पष्टता से बिजनेसेज और इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ेगा, जो अब तक अनिश्चित नियमों के कारण निवेश से कतरा रहे थे।

$24 अरब की इकोनॉमिक ग्रोथ का रास्ता साफ

डिजिटल फाइनेंस को-ऑपरेटिव रिसर्च सेंटर (DFCRC) और डिजिटल इकोनॉमी काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया (DECA) के स्टडीज के मुताबिक, डिजिटल फाइनेंस सालाना ऑस्ट्रेलिया की इकोनॉमी में AUD $24 अरब तक का योगदान दे सकता है, जो उसके GDP का लगभग 1% है। इस ग्रोथ का अनुमान बेहतर मार्केट्स (AUD $10 अरब), पेमेंट्स (AUD $8 अरब) और एसेट्स (AUD $6 अरब) से लगाया जा रहा है, जो टोकेनाइजेशन (Tokenisation) जैसी नई इनोवेशन्स से संभव होगा। DFCRC ने चेतावनी दी है कि स्पष्ट नीतियों के बिना, ऑस्ट्रेलिया 2030 तक सालाना केवल AUD $1 अरब ही कमा पाएगा। नए लाइसेंसिंग नियम यह सुनिश्चित करेंगे कि ये अवसर हकीकत बनें, जिससे एक बिखरे हुए माहौल से निकलकर ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।

ग्लोबल रेगुलेशन का ट्रेंड

ऑस्ट्रेलिया का यह कदम डिजिटल एसेट रेगुलेशन की ग्लोबल पुश का हिस्सा है, लेकिन इसका तरीका थोड़ा अलग है। यूरोपीय यूनियन का MiCA कानून पूरे EU में एक सिंगल लाइसेंस देता है, जबकि यूके भी 2026 के अंत से एक लाइसेंसिंग सिस्टम शुरू कर रहा है। अमेरिका में, रेगुलेशन टुकड़ों में आ रहा है, जहाँ कई मौजूदा फाइनेंशियल कानूनों को लागू किया जाता है और MSB (Money Services Business) के रूप में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। ऑस्ट्रेलिया अपने मौजूदा AFSL सिस्टम का इस्तेमाल करके डिजिटल एसेट्स को अपने स्थापित फाइनेंशियल लॉज़ में इंटीग्रेट कर रहा है, बजाय इसके कि एक बिल्कुल नया ढांचा तैयार किया जाए।

इंडस्ट्री की चिंताएं और आगे की राह

इस नई स्पष्टता के बावजूद, कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। कानून में 'डिजिटल टोकन' जैसी व्यापक परिभाषाओं से इंडस्ट्री के कुछ लोग चिंतित हैं कि कहीं यह अनजाने में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को न फंसा दे, जिससे इनोवेशन रुक सकता है। 'सेम एक्टिविटी, सेम रिस्क, सेम रेगुलेशन' जैसे सिद्धांतों को नई डिजिटल एसेट्स पर लागू करना मुश्किल है। साथ ही, क्रिप्टो फर्म्स को ट्रेडिशनल बैंकिंग सर्विसेज तक पहुंच बनाने में दिक्कतें आ सकती हैं। इंडस्ट्री के लीडर्स, जैसे Kraken और OKX Australia, उम्मीद कर रहे हैं कि ये स्पष्ट नियम ज्यादा निवेश और इंस्टीट्यूशनल इंवॉल्वमेंट को आकर्षित करेंगे। यह उम्मीद जताई जा रही है कि एक रेगुलेटेड फ्रेमवर्क से एसेट मैनेजर्स को सीधे क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने का कॉन्फिडेंस मिलेगा।

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