क्या है Arinna की नई तकनीक?
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के PhDs, Koosha Nazif और Alex Shearer, द्वारा स्थापित Arinna, स्पेस के लिए पावर सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए $4 मिलियन की सीड फंडिंग जुटाने में सफल रही है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व SpaceCadet Ventures ने किया, जिसमें Anorak Capital और Breakthrough Energy Foundation ने भी भाग लिया।
Arinna की खासियत है इसकी रिवोल्यूशनरी अल्ट्रा-थिन सोलर पैनल तकनीक। यह पारंपरिक सिलिकॉन-आधारित पैनलों से अलग है। Arinna ट्रांजिशन मेटल डाइकैल्कोजेनाइड्स (TMDs) का उपयोग करती है, जो एटॉमिकली थिन सेमीकंडक्टर हैं। कंपनी का दावा है कि ये TMD-आधारित फोटोवोल्टेक्स (photovoltaics) मौजूदा सिलिकॉन पैनलों की तुलना में स्पेस के कठोर वातावरण में ज़्यादा फ्लेक्सिबल, ड्यूरेबल (टिकाऊ) और एफिशिएंट (कुशल) होंगे। साथ ही, इन्हें बनाने में कम लागत आएगी और ये लंबे समय तक काम करेंगे।
भविष्य की योजनाएं
Arinna इसी साल के अंत तक अपने पहले क्वालिफिकेशन पैनल को ऑर्बिट (orbit) में टेस्ट करने की तैयारी में है। यह अहम टेस्ट स्पेस के मुश्किल माहौल में उनकी नई सामग्री की एफिशिएंसी और रेजिलिएंस (resilience) को साबित करेगा। सफल टेस्टिंग और बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन के बाद, Arinna का लक्ष्य 2028 तक मेगावाट-स्केल पावर सिस्टम बनाने की क्षमता वाली एक सुविधा स्थापित करना है। यह भविष्य के स्पेस मिशन के लिए एक बड़ी बाधा को दूर करेगा।