Apple $4 ट्रिलियन Valuation: 50 साल का सफर - कैसे Product Failures ने सिखाई Success की कहानी!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Apple $4 ट्रिलियन Valuation: 50 साल का सफर - कैसे Product Failures ने सिखाई Success की कहानी!
Overview

Apple ने अपने **50** साल पूरे कर लिए हैं और कंपनी का Valuation **$4 ट्रिलियन** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह मुकाम सिर्फ कामयाबियों की बदौलत नहीं, बल्कि कई बड़े Product Failures से सीखे गए ज़रूरी सबकों की देन है, जिन्होंने Apple को आज की बुलंदी पर पहुंचाया।

$4 ट्रिलियन के मुकाम तक Apple का ज़बरदस्त सफर

Apple Inc. ने अपनी 50वीं सालगिरह पर $4 ट्रिलियन के ऐतिहासिक वैल्यूएशन को छू लिया है। यह वो कंपनी है जिसने इनोवेशन और टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। लेकिन इस ज़बरदस्त सक्सेस के पीछे सिर्फ हिट प्रोडक्ट्स की कहानी नहीं है, बल्कि कई ऐसे प्रोडक्ट्स भी रहे जो बुरी तरह फ्लॉप हुए, और जिनसे Apple ने अहम सबक सीखे।

महंगा 'Lisa' कंप्यूटर: पहली बड़ी सीख

1983 में Apple ने Lisa कंप्यूटर लॉन्च किया, जो ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (GUI) और माउस को आम लोगों तक पहुंचाने का एक महत्वाकांक्षी प्रयास था। हालांकि, इसकी $9,995 की भारी-भरकम कीमत और धीमी परफॉरमेंस के कारण यह ज्यादातर ग्राहकों की पहुंच से बाहर रहा। टेक्निकल रूप से यह काफी एडवांस था, लेकिन सेल्स उम्मीदों के मुताबिक नहीं हुई और केवल 10,000 यूनिट्स ही बिक पाईं। इस असफलता ने कंपनी को प्रोडक्ट की कीमत और मार्केट की जरूरतों के बारे में पहला बड़ा सबक सिखाया।

गेमिंग कंसोल 'Pippin' का फ्लॉप शो

1990 के दशक के मध्य में, Apple ने Bandai के साथ मिलकर Pippin गेमिंग और मल्टीमीडिया कंसोल लॉन्च किया। $599 के प्राइस टैग और Sony PlayStation जैसे सस्ते और पॉपुलर कंसोल से टक्कर न ले पाने के कारण Pippin भी मार्केट में टिक नहीं सका। लिमिटेड सॉफ्टवेयर और कम ब्रांड पहचान के चलते दुनिया भर में 50,000 यूनिट्स से भी कम बिक पाईं।

Power Mac G4 Cube: डिजाइन अच्छा, पर महंगा

2000 में आए Power Mac G4 Cube ने अपने अनोखे ट्रांसपेरेंट केसिंग (acrylic enclosure) और कॉम्पैक्ट डिजाइन से लोगों का ध्यान खींचा। लेकिन, $1,799 (मॉनिटर के बिना) के प्राइस टैग के कारण यह अपने मुकाबले के डेस्कटॉप कंप्यूटरों से काफी महंगा था। कूलिंग और एक्सपैंडिबिलिटी जैसी समस्याओं के साथ, इसकी सेल्स भी करीब 150,000-200,000 यूनिट्स तक ही सीमित रही और 2001 में इसे बंद कर दिया गया।

FireWire का धीमा एडॉप्शन

1995 में USB के मुकाबले हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर ऑप्शन के तौर पर लॉन्च हुए Apple के FireWire को इंडस्ट्री में वो जगह नहीं मिल पाई जिसकी उम्मीद थी। मैन्युफैक्चरर्स के लिए इसे अपनाने की फीस (fees) एक बाधा साबित हुई और आम यूजर्स को USB के मुकाबले इसका फायदा स्पष्ट नहीं दिखा। जैसे-जैसे USB टेक्नोलॉजी बेहतर होती गई, FireWire की प्रासंगिकता कम होती गई और 2011 में Apple ने इसे आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया।

'Butterfly Keyboard' की परेशानियां

2015 में MacBook Pros में आए Butterfly Keyboard ने पतले डिजाइन का वादा किया, लेकिन यह जल्द ही डस्ट सेंसिटिविटी और कीबोर्ड की खराबी के लिए बदनाम हो गया। यूजर्स को कीज के अटकने या काम न करने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिससे काफी निराशा फैली। इस वजह से Apple को एक $50 मिलियन का क्लास-एक्शन मुकदमा भी झेलना पड़ा और अंततः 2019 तक इस डिजाइन को बंद कर दिया गया।

iPhone 5c: बड़ी मार्केट की कोशिश

2013 में लॉन्च हुए iPhone 5c का मकसद रंगीन प्लास्टिक केसिंग और कम कीमत के साथ ज्यादा ग्राहकों को जोड़ना था। हालांकि, इसका प्लास्टिक डिजाइन मेटल वाले मॉडल्स के मुकाबले कम प्रीमियम लगा और इसकी सेल्स iPhone 5s के मुकाबले काफी पीछे रह गई। इस मॉडल ने Future में iPhone SE जैसी किफायती लाइनअप की नींव रखी।

फ्लॉप्स से सीखा, सक्सेस हासिल की

ये प्रोडक्ट्स भले ही बड़े कॉमर्शियल हिट साबित न हुए हों, लेकिन इन्होंने Apple को अमूल्य सबक सिखाए। Apple की लगातार सक्सेस का राज यही है कि कंपनी मार्केट की प्रतिक्रिया से सीखती है और अपने पुराने आइडियाज को फ्यूचर के इनोवेशन्स में बदल देती है।

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